Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Monitoring will be done at highway black spots using AI cameras: हाईवे के ब्लैक स्पॉट पर एआई कैमरों से होगी निगरानी

Rate this post

Monitoring will be done at highway black spots using AI cameras: हाईवे के ब्लैक स्पॉट पर एआई कैमरों से होगी निगरानी

AI cameras

AI cameras:

♡•☆𝘳ℯᵃ₫Եⲏĩ𝐬♡•☆: Important for BLOs: Office of the Chief Electoral Officer, Uttar Pradesh – Press Release: BLO के लिए महत्वपूर्ण : कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश। प्रेस विज्ञप्ति

नई दिल्ली। अब भारतीय सड़कें खुद बोलेंगी कि वे कहां से बीमार हैं। एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) से लैस सीसीटीवी कैमरे नेशनल हाईवे की सूरत बदलने जा रहे हैं।

यह तकनीक दुर्घटना होने का इंतजार नहीं करेगी, बल्कि ब्लैक स्पॉट्स बनने से पहले ही सड़क के खतरनाक मोड़ों, गायब साइनबोर्ड और खामियों की पहचान कर लेगी। हादसों के होने से पहले ही उनका समाधान करने वाली यह स्मार्ट निगरानी सुरक्षित सफर के एक नए युग की शुरुआत है।

सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहले इन जगहों की पहचान दुर्घटना होने के बाद मैन्युअल डेटा से होती थी। अब एआई एल्गोरिदम सड़क के घुमाव, ढलान, और लाइट की स्थिति का विश्लेषण करके संभावित खतरों की भविष्यवाणी कर देता है। एआई केवल पुराने रिकॉर्ड्स पर निर्भर नहीं है, बल्कि लाइव जानकारी (सड़क पर नजर) जुटा रही है।

AI cameras:

सार्वजनिक परिवहन की बसों और सरकारी वाहनों में सेंसर और एडवांस ड्राइवर असिसटेंस सिस्टम (एडीपएएस) कैमरे लगाए जाते हैं। जैसे ही ये वाहन शहर में चलते हैं, ये सड़क के हर घुमाव, गड्ढे और अंधेरे मोड़ों की डिजिटल तस्वीर (डिजिटल मैपिंग) लेते रहते हैं।

डेटा सड़क बनाने वाली अथॉरिटी को भी भेजा जाता है। एआई रिपोर्ट के आधार पर इंजीनियर उस विशिष्ट जगह की बनावट ठीक करते हैं, जैसे कि डिवाइडर की ऊंचाई बदलना या सड़क को चौड़ा करता है।

अब सरकार को पूरी सड़क खोदने की ज़रूरत नहीं पड़ती है। वे केवल उस संभावित ब्लैक स्पॉट को ठीक करते हैं जिसे एआई ने चिन्हित किया है।

AI cameras

AI cameras:

दुर्घटना होने पर एआई सेंसर और स्मार्ट कैमरे तुरंत नजदीकी ट्रॉमा सेंटर और एम्बुलेंस को अलर्ट भेजेंगे। लक्ष्य है गोल्डन ऑवर में इलाज शुरू करना, जिससे जान बचने की संभावना 80 फीसदी बढ़ जाती है।

एआई आधारित गोल्डन ऑवर रिस्पांस: AI cameras

अधिकारी ने बताया कि सड़क सुरक्षा के लिए एआई-आधारित समाधान (आईआरएएसटीई) तकनीक को नागपुर जैसे शहरों में पॉयलेट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है।जो वाहनों में लगे सेंसर और कैमरों के जरिए सड़क की खामियों को पहले ही भांप लेता है। डायनेमिक सिग्नलिंग में एआई कैमरे ट्रैफिक के घनत्व को भांपकर सिग्नल का समय खुद तय करते हैं।

इससे वाहनों को बेवजह खड़ा नहीं रहना पड़ता, जिससे ईंधन की खपत और प्रदूषण में कमी आती है। इससे बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन से शहरों में कार्बन उत्सर्जन को 10-15 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। दावा है कि एआई आधारित निगरानी से यातायात नियमों के उल्लंघन में 30-40 फीसदी की कमी देखी गई है।

★⁂⁙Y𝘰ᶹтᶹß𝒆⁙⁂★: link

★⁂⁙𝐖ℎ𝒂𐍄ꜱꭺᴩᴩ⁙⁂★: link

Leave a Comment