CASHLESS TREATMENT: 10 लाख रुपये वार्षिक से कम न हो कैशलेश चिकित्सा

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CASHLESS TREATMENT: 10 लाख रुपये वार्षिक से कम न हो कैशलेश चिकित्सा

CASHLESS TREATMENT: 10 लाख रुपये वार्षिक से कम न हो कैशलेश चिकित्सा

CASHLESS TREATMENT

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उत्तर प्रदेश के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की लंबे समय से यह मांग रही है कि उनकी चिकित्सा सुरक्षा को सम्मानजनक स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। इसी क्रम में सोशल मीडिया पर एक प्रमुख शिक्षक नेता अनिल यादव द्वारा यह अपील की गई है कि शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए वार्षिक 10 लाख रुपये से कम का कोई भी कैशलेस चिकित्सा बीमा स्वीकार न किया जाए।

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वर्तमान में प्रदेश में हजारों शिक्षक और कर्मचारी गंभीर बीमारी या आपात चिकित्सा स्थिति में आर्थिक असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। ऐसे में यदि सरकार द्वारा 10 लाख रुपये वार्षिक तक की कैशलेस चिकित्सा बीमा योजना लागू की जाती है, तो न केवल उनके स्वास्थ्य का समुचित संरक्षण होगा, बल्कि यह उनके सम्मान और आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगा।

शिक्षक संगठनों की यह भी अपेक्षा है कि मुख्यमंत्री स्वयं इस दिशा में गंभीरता दिखाएं और चिकित्सकीय सुरक्षा ऐसी हो, जिससे शिक्षक समाज स्वयं को स्वाभिमान और सम्मान के साथ सुरक्षित महसूस कर सके।

इसी क्रम में यह मांग लगातार सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर उठ रही है कि कैशलेस चिकित्सा बीमा की राशि वर्ष में कम से कम 10 लाख रुपये निर्धारित की जाए और इसके दायरे में प्रदेश के सभी शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी सम्मलित हों। इससे शिक्षा व्यवस्था की नींव मजबूत करने वाले शिक्षकों को वास्तविक सुरक्षा व सम्मान मिल सकेगा।

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