Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

चहक[CHAHAK] क्या है?| महानिदेशक स्कूल शिक्षा का आदेश||Order For Class 1.विद्यालय तैयारी मॉड्यूल के अन्तर्गत कक्षा 1 में 12 सप्ताह के गतिविधि कैलेण्डर

Rate this post

CHAHAK PROGRAM|CHAHAK FULL FORM|CHAHAK KA KYA MATLAB HAI|चहक कार्यक्रम का उद्देश्य |चहक का अर्थ |चहक का फुल फॉर्म

चहक[CHAHAK] क्या है?| महानिदेशक स्कूल शिक्षा का आदेश||order for class 1.विद्यालय तैयारी मॉड्यूल के अन्तर्गत कक्षा 1 में 12 सप्ताह के गतिविधि कैलेण्ड

 

चहक[CHAHAK] क्या है?

चहक (CHAHAK )का फुल फॉर्म :-

Children Having Happiness in Ambiance and Acquiring Knowledge

चहक कार्यक्रम का उद्देश्य अभिभावकों का उन्मुखीकरण करना और उन्हें अपने विद्यालय में बच्चो का दाखिला करवाने के लिए प्रेरित करनाअभिभावकों को प्रेरित करना कि अब हमारे विद्यालय में वातावरण बच्चो के अनुकूल है और बच्चो के सिखाने के लिए हर एक संभव सामग्री मौजूद है

CHAHAK PROGRAM

स्कूल रेडीनेस  बाल वाटिका कार्यक्रम की उपयोगिता से अभिभावकों को जागरूक करने के उद्देश्य से चहक(CHAHAK) कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया जाएगा।

प्रथम चरण

👉🏾प्रधान अध्यापक के सहयोग से नोडल अध्यापक कक्षा एक में नामांकित समस्त बच्चों के अभिभावकों एवं शिक्षित युवाओं को भी जोड़ते हुए शिशु मित्र के रुप में आमंत्रित करें।यह ध्यान रखा जाए कि अभिभावकों में माताएं अवश्य प्रतिभाग करें।विद्यालय तैयारी कार्यक्रम की आवश्यकता एवं महत्व से जागरूक कराते हुए अभिभावकों के साथ पारस्परिक सौहार्द पूर्ण संबंध स्थापित करते हुए उनसे अपेक्षा की जाएगी- A-अभिभावक बच्चों को नियमित विद्यालय भेजेंगे ।B-अभिभावक समय-समय पर घर में बच्चों से विद्यालय में सीखी गई गतिविधियों के बारे में पूछेंगे। प्रथम चरण के कार्यक्रम में कक्षा 1 के अभिभावकों के साथ-साथ ग्राम स्तर पर प्रभावशाली व्यक्ति/वरिष्ठ नागरिक/ सेवानिवृत्त अध्यापक आदि एवं शिक्षित युवाओं को भी जोड़ते हुए शिशु मित्र के रुप में आमंत्रित करें।उनके द्वारा ग्राम स्तर पर समुदाय एवं अभिभावक को जागरूक करने में सहयोग लिया जाए

द्वितीय चरण

👉🏾 उक्त का आयोजन स्कूल रेडिनस /12 सप्ताह के गतिविधि कैलेंडर के संपन्न हो जाने के पश्चात आयोजित किया जाए। कक्षा एक में नामांकित समस्त छात्रों के अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर उनके बच्चों द्वारा पिछले 3 माह में सीखी गई विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन किया जाए।अध्यापक/अध्यापिका द्वारा अभिभावकों को बच्चों के प्रगति से अवगत कराया जाएगा।बच्चों द्वारा अपने अभिभावकों के सम्मुख कविता पाठ,कहानी सुनाना,रोलप्ले आदि कौशलों का प्रदर्शन कराया जाए।जिससे उनमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं आत्मविश्वास विकसित हो सके।उक्त दिवस को उत्सव के रूप में मनाया जाए यथा अभिभावकों के साथ छोटे-छोटे खेल आयोजित करते हुए प्रोत्साहित किया जाए।समस्त छात्रों को पारितोषिक देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया जाए।

विद्यालय में प्रधानाध्यापक के कार्य एवं दायित्व-

  •  कक्षा एक के नोडल अध्यापक को गतिविधि कैलेंडर की रंगीन छाया प्रति दिए गए निर्देशों के क्रम में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
  • स्कूल रेडिनस से प्रशिक्षित शिक्षक को कक्षा एक हेतु नोडल के रूप में नामित करेंगे।
  •  बच्चों के लिए स्कूल तैयारी गतिविधियों के संचालन के लिए एक संयुक्त योजना तैयार करने में शिक्षक और आंगनवाड़ी कार्यकत्री का सहयोग करेंगे।
  •  गतिविधि कैलेंडर के लिए आवश्यक संसाधनों के रूप में चार्ट पेपर, क्रेयान ,A4 साइज पेपर रिम आदि कक्षा 1 हेतु उपलब्ध कराएंगे।इसके लिए सीएसआर का सहयोग लेने के साथ ही स्कूल ग्रांट का प्रयोग करेंगे।
  •  आंगनबाड़ी के 5 से 6 वर्ष के बच्चे व कक्षा एक के बच्चों हेतु बाहरी खेल एवं स्वतंत्र खेल की संयुक्त गतिविधियों के लिए उपयुक्त स्थान एवं समय निर्धारण करने हेतु आंगनबाड़ी कार्यकत्री के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।
  • शिक्षक एवं आंगनवाडी कार्यकत्री को मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करेंगे।
  • माता-पिता से नामांकन एवं नियमित उपस्थिति के महत्व को बताते हुए घर पर लगातार सहयोग प्रदान करने हेतु चर्चा करेंगे।
  •  प्रधान अध्यापक कक्षा 1 का समय समय पर अनुश्रवण करते हुए अनुसमर्थन प्रदान करेंगे।
  • परिसर में अवस्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में भी समय-समय पर अनुश्रवण करते हुए केंद्र में उपलब्ध विभिन्न संसाधनों के प्रयोग हेतु कार्यकत्री को सहयोग प्रदान करेंगे।
  • कक्षा एक के उन अभिभावकों से लगातार संपर्क में रहेंगे जिनके बच्चे नियमित उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं ऐसे अभिभावकों की काउंसलिंग करते हुए उन बच्चों की उपस्थिति नियमित कराने का प्रयास करेंगे।

नोडल शिक्षक संकुल के कार्य एवं दायित्व –

  • नोडल शिक्षक संकुल अपने संकुल के सभी विद्यालयों में यह सुनिश्चित कराएंगे कि 12 सप्ताह के गतिविधि कैलेंडर सभी विद्यालयों में संचालित किया जा रहा हो।
  •  नोडल शिक्षक संकुल द्वारा कक्षा 1 के नोडल अध्यापकों के साथ प्रत्येक 15 दिवस में विद्यालय अवधि के पश्चात बैठक करते हुए विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करने के साथ उनकी प्रिच्छाओं एवं जिज्ञासा का निराकरण करेंगे।उक्त बैठक ऑनलाइन मोड पर भी की जा सकती है।
  •  प्रधानाध्यापक के माध्यम से कक्षा एक में बच्चों की उपस्थिति नियमित करना सुनिश्चित करेंगे।
  •  प्रधानाध्यापक द्वारा अपने विद्यालय में 12 सप्ताह के गतिविधि कैलेंडर के अनुसार कक्षा 1 में गतिविधि संचालित की जाए,यह भी सुनिश्चित करेंगे।
  •  समय-समय पर आवश्यकता के अनुसार प्रधान अध्यापकों का उत्साह वर्धन करते हुए अच्छे कार्य करने वाले प्रधानाध्यापकों एवं नोडल शिक्षक को चिन्हित करते हुए सम्मानित भी करेंगे।
  • लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों में आरंभिक साक्षरता एवं अंकीय दक्षता (early numeracy and early literacy) की संयुक्त गतिविधियों पर आंगनवाड़ी कार्यकत्री व प्रधानाध्यापक का क्षमता संवर्धन करेंगे।

नोडल अध्यापक के कार्य एवं दायित्व-

  •  स्कूल रेडिनस पर प्रशिक्षित नोडल अध्यापक द्वारा कक्षा 1 में 12 सप्ताह के गतिविधि कैलेंडर का संचालन किया जाएगा।
  •  उक्त नोडल अध्यापक बच्चों के साथ पूरे समय कार्य करते हुए गतिविधि कैलेंडर की समस्त गतिविधियों का संचालन स्वयं करेगा।
  • नोडल अध्यापक को यह सुनिश्चित करना होगा कि बाल वाटिका के लिए बनाए गए कैलेंडर के अनुसार ही बच्चों को गतिविधियां कराई जा रही हैं।
  • बाल वाटिका कैलेंडर में दी गई गतिविधियों के अनुसार स्थानीय सामग्री से TLM बनाएगा।

एoआरoपीo के कार्य एवं दायित्व-

  • ए.आर.पी. 12 सप्ताह के गतिविधि कैलेंडर के संचालन हेतु नोडल अध्यापक की क्षमता संवर्धन करते हुए सहयोग प्रदान करेंगे एवं सहयोगात्मक पर्यवेक्षण (सपोर्टिव सुपरविजन) सुनिश्चित करेंगे।
  • ए आर पी बाल वाटिका में 12 सप्ताह के गतिविधि कैलेंडर के क्रियान्वयन हेतु संयुक्त गतिविधियों के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ती के क्षमता संवर्धन में सहयोग करेंगे।

सी.डी.पी.ओ. के कार्य एवं दायित्व-

  •  सीडीपीओ द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों में आयु वर्ग 5 से 6 वर्ष के बच्चों हेतु आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का समय समय पर अभिमुखीकरण कराने के साथ पर्यवेक्षण भी सुनिश्चित कराएंगे।
  • सीडीपीओ द्वारा को लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों हेतु संयुक्त गतिविधियों के संचालन में समय-समय पर सहयोग देते हुए निर्देश दिए जाएं।
  •  सीडीपीओ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में यह सुनिश्चित कराएं की गतिविधि कैलेंडर का क्रियान्वयन हो रहा है या नहीं।
  •  आंगनबाड़ी कार्यकत्री कैलेंडर के अनुसार बच्चों को गतिविधियां करवा रही हैं या नहीं यह सुनिश्चित करेंगे।
  •  आवश्यकता अनुसार मुख्य सेविका व आंगनबाड़ी कार्यकत्री का क्षमता वर्धन करेंगे।
  •  लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों में आरंभिक साक्षरता एवं उनकी अध्यक्षता की संयुक्त गतिविधियों पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री व प्रधानाध्यापक के मध्य समन्वय स्थापित कराने में सहयोग देंगे।
  •  आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को केंद्र में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने हेतु प्रेरित करेंगे।

आंगनवाड़ी कार्यकत्री के कार्य एवं दायित्व –

  • नोडल अध्यापक के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अभिभावक बैठक का आयोजन करेगी जिसमें आंगनवाड़ी केंद्र के 5 से 6 वर्ष के बच्चों के अभिभावक सम्मिलित हो।
  • संयुक्त गतिविधियों के संचालन में कक्षा 1 के शिक्षकों को सहयोग प्रदान करेंगे।
  • प्रधान अध्यापक और नोडल शिक्षक के साथ नियमित संपर्क एवं समन्वय बनाए रखेंगे।
  •  ईसीसीई दिवस पर प्रधानाध्यापक और नोडल शिक्षक को आमंत्रित करेंगे।
  • आईसीडीएस द्वारा दिए गए गतिविधि कैलेंडर के अनुसार गतिविधि कराएंगे। प्री स्कूल किट में दिए गए रिसोर्सेज का प्रयोग करेंगे ।
  •  गतिविधियों के लिए टी.एल.एम. का प्रयोग करेगी।
  • नोडल टीचर के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कक्षा 1 व आंगनवाड़ी केंद्र के 5 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए संयुक्त गतिविधि का आयोजन करेंगी।

Also Read This:

Saral App Kya Hai Aur Kam Karta Hai

योग क्या है, योग के प्रकार, मुद्रायें और फायदे व अभ्यास विधि लाभ और सावधानियाँ

विद्यालय विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालय/कम्पोजिट विद्यालयों में कम्पोजिट ग्रांट से क्रय की जाने वाली वस्तुओ की लिस्ट और स्वच्छता पर कितना खर्च करना है

 

Leave a Comment