DM got his daughter admitted to an Anganwadi center: डीएम ने बेटी का आंगनबाड़ी में कराया दाखिला

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चित्रकूट, निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने की होड़ के बीच डीएम पुलकित गर्ग ने अपनी बेटी सिया का दाखिला आंगनबाड़ी केन्द्र में कराकर लोगों के सामने एक मिसाल पेश की। उनका यह साहसिक और प्रेरणादायक कदम समाज को नई दिशा देगा। उन्होंने अपनी बेटी सिया का दाखिला आंगनबाड़ी केंद्र में कराकर यह साबित कर दिया कि सरकारी संस्थान किसी भी मायने में कम नहीं हैं।
डीएम पुलकित गर्ग अपनी तीन वर्षीय बेटी सिया और पत्नी को लेकर मुख्यालय कर्वी स्थित धनुष चौराहे के पास कंपोजिट विद्यालय के आंगनबाड़ी केन्द्र पहुंचे। उन्होंने बेटी सिया का आंगनबाड़ी केन्द्र में दाखिला कराया। शनिवार को सिया अन्य बच्चों के साथ काफी खुश नजर आई। वह बच्चों के साथ खेलती भी रही। केन्द्र में भी उसका अच्छी तरह से ध्यान रखा गया। डीएम पुलकित गर्ग ने कहा कि परिषदीय स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में संसाधनों की कोई कमी नहीं है और शैक्षिक गुणवत्ता भी संतोषजनक है।
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उन्होंने अपील की कि लोग दिखावे की दौड़ से बाहर निकलें और सरकारी योजनाओं पर भरोसा करें। अपने बच्चों का नामांकन सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में कराएं। बता दें कि इससे पहले मऊ के तत्कालीन उपजिलाधिकारी सौरभ यादव भी अपनी बेटी का दाखिला प्राथमिक विद्यालय छिवलहा में कराकर सरकारी शिक्षा पर भरोसा जता चुके हैं।

अन्य अफसरों और समाज के लिए सीख: Anganwadi
डीएम की यह पहल न केवल आम जनता के लिए प्रेरणा है, बल्कि अन्य अधिकारियों और संपन्न वर्ग के लोगों के लिए भी एक सीख है कि यदि वे स्वयं सरकारी संस्थानों पर भरोसा दिखाएं, तो जनता का विश्वास अपने आप मजबूत होगा। यह कदम सरकारी शिक्षा व्यवस्था को लेकर फैली भ्रांतियों को तोड़ने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है। इस सकारात्मक पहल की सोशल मीडिया पर भी सराहना हो रही है और लोग इसे “जमीनी स्तर पर भरोसा जताने वाला उदाहरण” बता रहे हैं।
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