DM का औचक निरीक्षण: स्कूल में 100 में सिर्फ 9 बच्चे मिले, 2 शिक्षिकाएं निलंबित

DM का औचक निरीक्षण: स्कूल में 100 में सिर्फ 9 बच्चे मिले, 2 शिक्षिकाएं निलंबित

प्रयागराज। जिले में सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं और शिक्षण कार्यों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रयागराज के जिलाधिकारी अभिषेक पांडे ने बीते शनिवार को एक प्राइमरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी के अचानक स्कूल पहुंचने पर वहां की व्यवस्थाओं और छात्र उपस्थिति की स्थिति सामने आई, जिससे प्रशासनिक अधिकारी भी संतुष्ट नजर नहीं आए।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में नामांकन के मुकाबले बच्चों की उपस्थिति बेहद कम मिली। स्कूल में करीब 100 बच्चे पंजीकृत बताए गए, लेकिन निरीक्षण के समय केवल 9 बच्चे ही मौजूद थे। इसके अलावा विद्यालय में तैनात दो शिक्षिकाएं बिना पोर्टल पर अवकाश स्वीकृत कराए स्कूल से अनुपस्थित मिलीं।

औचक निरीक्षण में सामने आई कई कमियां

IANS के अनुसार, जिलाधिकारी अभिषेक पांडे ने रायजू स्थित सरकारी विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में संचालित व्यवस्थाओं और कायाकल्प अभियान के तहत किए जाने वाले कार्यों का जायजा लिया।

डीएम के मुताबिक, विद्यालय में कायाकल्प अभियान के तहत जिन गतिविधियों और व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जाना था, उनकी स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। विद्यालय में जरूरी फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की भी कमी सामने आई।

सबसे बड़ी चिंता का विषय बच्चों की उपस्थिति रही। विद्यालय में करीब 100 बच्चों का नामांकन होने के बावजूद निरीक्षण के समय सिर्फ नौ बच्चे मौजूद थे। इससे विद्यालय में नियमित छात्र उपस्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हुए।

बिना अवकाश स्वीकृत कराए गायब मिलीं दो शिक्षिकाएं

निरीक्षण के दौरान दो शिक्षिकाएं विद्यालय में मौजूद नहीं थीं। प्रशासन के अनुसार, दोनों शिक्षिकाओं ने पोर्टल पर अपना अवकाश स्वीकृत नहीं कराया था। उन्होंने केवल रजिस्टर में आकस्मिक अवकाश दर्ज किया था और विद्यालय से अनुपस्थित थीं।

जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही माना। उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था में विद्यालयों का संचालन नहीं किया जा सकता। इसके बाद दोनों शिक्षिकाओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

डीएम के निर्देश पर संबंधित बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) की ओर से दोनों शिक्षिकाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही संबंधित ABSA को भी इस मामले में सचेत किया गया।

डीएम ने कहा- यह अक्षम्य लापरवाही है

मीडिया से बातचीत में जिलाधिकारी अभिषेक पांडे ने कहा कि उन्होंने पूरे रायजू स्थित सरकारी विद्यालय का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कायाकल्प अभियान से जुड़ी गतिविधियां सही स्थिति में नहीं मिलीं। इसके अलावा विद्यालय के भौतिक संसाधनों की कमी और नामांकन के सापेक्ष बच्चों की बेहद कम उपस्थिति भी सामने आई।

उन्होंने कहा कि दो शिक्षिकाएं बिना पोर्टल पर अवकाश स्वीकृत कराए केवल रजिस्टर में आकस्मिक अवकाश दर्ज कर विद्यालय से गायब थीं। डीएम ने इसे अक्षम्य लापरवाही बताते हुए दोनों के निलंबन की जानकारी दी।

उन्होंने संबंधित ABSA को भी चेतावनी देते हुए कहा कि इस प्रकार से जनपद में स्कूल संचालित नहीं किए जा सकते।

आगे भी जारी रहेगा औचक निरीक्षण अभियान

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी एक विद्यालय तक सीमित नहीं रहेगी। जिले और तहसील स्तर पर आगे भी औचक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन सरकारी संस्थानों में अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नजर रखेगा।

डीएम अभिषेक पांडे ने कहा कि स्कूल, अस्पताल, तहसील या थाना—जहां भी कोई व्यक्ति अपने दायित्वों में कोताही बरतेगा या लापरवाही करेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निलंबन को अंतिम कार्रवाई नहीं माना जाना चाहिए। उनके मुताबिक, यदि इस तरह की गतिविधियां आगे भी जारी रहती हैं तो इससे भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

शिक्षकों और कर्मचारियों में सख्ती का संदेश

इस कार्रवाई के बाद जिले के सरकारी स्कूलों में तैनात शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए प्रशासन का सख्त संदेश माना जा रहा है। खासतौर पर अवकाश स्वीकृति, विद्यालय में उपस्थिति और बच्चों की नियमित उपस्थिति जैसे मामलों में लापरवाही अब भारी पड़ सकती है

प्रशासन की ओर से लगातार औचक निरीक्षण किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में विद्यालयों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने और निर्धारित नियमों के अनुसार कार्य करने पर जोर रहेगा।

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