जनगणना 2027: पूर्व में आवंटित HLB उसी प्रगणक को फिर मिलेगा, दूसरे चरण के प्रशिक्षण को लेकर निर्देश जारी
गोरखपुर। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर जिला जनगणना अधिकारी कार्यालय की ओर से महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। 3 सितंबर 2026 को जारी पत्र में प्रगणक एवं सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण तथा पूर्व में आवंटित HLB को उसी व्यक्ति को दोबारा आवंटित किए जाने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
पत्र के अनुसार, जनगणना-2027 के प्रथम चरण के दौरान जिन चार्जों में प्रगणक और सुपरवाइजर का कार्य कराया गया था, वहां संबंधित कर्मचारियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। द्वितीय चरण का प्रशिक्षण माह अक्टूबर 2026 से शुरू होना प्रस्तावित है। प्रशिक्षण के लिए प्रत्येक बैच में अधिकतम 40 से 45 प्रतिभागियों को शामिल करते हुए स्मार्ट क्लास की सुविधा वाले प्रशिक्षण स्थलों का निर्धारण करने को कहा गया है।
पूर्व में आवंटित HLB फिर उसी व्यक्ति को मिलेगा
जारी निर्देश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा HLB के पुनः आवंटन से जुड़ा है। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रथम चरण के दौरान जिस प्रगणक/सुपरवाइजर को जो HLB आवंटित किया गया था, द्वितीय चरण में भी उसे वही HLB आवंटित करने का प्रयास किया जाए। इसका उद्देश्य फील्ड कार्य को सुगम बनाना और संबंधित प्रगणक को पहले से परिचित क्षेत्र में काम करने का लाभ देना है।
इस व्यवस्था से प्रगणकों को अपने पहले से आवंटित क्षेत्र, मकानों और स्थानीय भौगोलिक स्थिति की जानकारी पहले से होने के कारण दूसरे चरण में काम करने में सुविधा मिल सकती है। साथ ही फील्ड में समय की बचत और कार्य की निरंतरता बनाए रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रशिक्षण की तैयारियां शुरू करने के निर्देश
पत्र में प्रत्येक बैच के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशिक्षण स्थल पर प्रोजेक्टर, एलईडी/टीवी स्क्रीन, स्मार्ट बोर्ड, माइक, जनरेटर/पावर बैकअप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण के लिए नोडल अधिकारियों को नामित कर आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने को कहा गया है।
गौरतलब है कि जनगणना-2027 के दूसरे चरण में देश की आबादी से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाने का महत्वपूर्ण फील्ड कार्य होना है। ऐसे में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण तथा उन्हें व्यवस्थित तरीके से क्षेत्र आवंटित करना जनगणना प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
