रिजल्ट बदलने के डर से पास शिक्षक भी दे रहे विशेष टीईटी, 86 हजार शिक्षकों ने किया आवेदन
उत्तर प्रदेश में विशेष टीईटी को लेकर शिक्षकों के बीच अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है। जिन शिक्षकों ने हाल ही में टीईटी पास कर ली है, उनमें से भी बड़ी संख्या विशेष टीईटी के लिए आवेदन कर रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह परिणाम में बदलाव की आशंका बताई जा रही है। शिक्षक किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते और 2028 की समयसीमा को देखते हुए अपनी पात्रता सुरक्षित रखना चाहते हैं।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को टीईटी पास करने के लिए वर्ष 2028 तक का समय दिया है। परिषदीय स्कूलों के करीब 1.42 लाख शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना जरूरी था। हाल में जारी हुए टीईटी परिणाम में करीब 86 हजार शिक्षक सफल हुए हैं। अब लगभग 56,818 शिक्षकों को टीईटी पास करना बाकी है। इसके बावजूद टीईटी पास कर चुके शिक्षक भी विशेष टीईटी का मौका छोड़ना नहीं चाहते।
टीईटी परिणाम जारी होने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने अपने परिणाम को लेकर प्रत्यावेदन देना शुरू किया है। अब तक करीब 55 हजार अभ्यर्थी प्रत्यावेदन दे चुके हैं। प्रत्यावेदन की अंतिम तारीख 10 सितंबर है। दूसरी ओर, सेवारत शिक्षकों के लिए आयोजित होने वाली विशेष टीईटी के लिए भी आवेदन की अंतिम तारीख 10 सितंबर रखी गई है। ऐसे में हाल ही में टीईटी पास करने वाले 86 हजार शिक्षक भी विशेष टीईटी का फॉर्म भर रहे हैं।
शिक्षकों के बीच यह चिंता इसलिए भी है क्योंकि यदि किसी प्रत्यावेदन के बाद टीईटी परिणाम में कोई बदलाव होता है, तो उनकी स्थिति प्रभावित हो सकती है। ऐसे में शिक्षक विशेष टीईटी को एक अतिरिक्त अवसर के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि परीक्षा देकर सफलता हासिल कर लेना भविष्य की अनिश्चितता से बचने का सुरक्षित रास्ता हो सकता है।
शिक्षामित्रों को भी विशेष टीईटी में शामिल करने की मांग
इसी बीच शिक्षामित्रों को भी विशेष टीईटी में शामिल करने की मांग उठी है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) राज्यमंत्री हंस राज विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री से इस संबंध में सिफारिश की है। शिक्षामित्रों के प्रतिनिधिमंडल की ओर से दिए गए ज्ञापन पर विचार करते हुए उन्हें भी विशेष टीईटी में शामिल होने का अवसर देने का अनुरोध किया गया है।
फिलहाल शिक्षकों की नजर विशेष टीईटी की प्रक्रिया और टीईटी परिणाम से जुड़े प्रत्यावेदनों पर है। एक तरफ हजारों शिक्षक अपनी पात्रता सुनिश्चित करने के लिए दोबारा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शिक्षामित्र भी विशेष टीईटी में अवसर मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। आने वाले दिनों में सरकार और संबंधित विभाग के फैसले से इस मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है।
