UP Weather: पूर्वी से पश्चिमी यूपी तक बारिश, 50 से ज्यादा जिलों में गरज-चमक
UP Weather: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर तेवर दिखा रहा है। शुक्रवार को दिन भर तीखी धूप और गर्मी के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अचानक बारिश शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तेज बारिश होती रही, फिर थम गई। मौसम विभाग अगले 7 दिन तक प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।लखनऊ और आसपास के इलाकों में 12 सितंबर की सुबह साढ़े 8 बजे तक के लिए मान्य मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक सामान्यत: बादल छाए रहने के साथ मेघगर्जन और एक या दो दौर की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 32 डिग्री सेल्सियस और 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। अगले सात दिन के लिए मौसम विभाग ने पूर्वी या पश्चिमी संभाग में कोई चेतावनी नहीं जारी की है।
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून यूपी के पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में सामान्य रहा। पश्चिमी यूपी में कहीं-कहीं पर और पूर्वी यूपी में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। यूपी के दोनों संभागों में कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की गई। पूर्व उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बादलों की गजर की घटना भी दर्ज की गई। सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस हरदोई में दर्ज किया गया।
11 सितंबर की सुबह साढ़े 8 बजे से 12 सितंबर की सुबह साढ़े 8 बजे तक के लिए जारी मौसम विभाग के प्रभाव आधारित पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, सुलतानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, ललितपुर, झांसी और आसपास के क्षेत्र में बादलों की गरज और वज्रपात की संभावना अधिक है।
सरयू खतरे के निशान के ऊपर, दुश्वारियां बढ़ीं
उधर, गोरखपुर में सरयू नदी का जलस्तर लगातार खतरे के निशान के ऊपर बना हुआ है। गुरुवार को भी बड़हलगंज और आसपास के इलाकों में बाढ़ का तांडव देखा गया। बड़हलगंज में लेटाघाट का प्लेटफार्म डूब गया है। यहां 100 मीटर लंबे पाथवे पर लोग टहलते हैं। दक्षिणांचल में करीब 20 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
तुर्तीपार में सरयू नदी खतरे के निशान से 72 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर 6 सेंटीमीटर बढ़ा है। सरयू नदी के उफान से मुक्तिपथ के सभी 40 प्लेटफार्म डूब गए हैं। केन्द्रीय जल आयोग के आंकड़े के मुताबिक, सरयू नदी तुर्तीपार में बुधवार को सुबह आठ बजे 64.670 के स्तर पर थी। गुरुवार को जलस्तर 64.730 पर पहुंच गया है। वहीं राप्ती और रोहिन नदी का जलस्तर कम हो गया है। बर्डघाट में राप्ती नदी का जलस्तर पिछले 16 घंटे में 50 सेंटीमीटर कम हुआ है।
