सोना मत खरीदो… PM मोदी की अपील का असर? अगस्त में आधे से भी कम हुआ सोने का आयात

सोना मत खरीदो… PM मोदी की अपील का असर? अगस्त में आधे से भी कम हुआ सोने का आयात

देश में सोने की खरीद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद अगस्त के आंकड़े चर्चा में हैं। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में भारत ने 2.3 अरब डॉलर का सोना आयात किया। पिछले साल इसी महीने सोने का आयात 5.4 अरब डॉलर रहा था। इस तरह एक साल में सोने के आयात की रकम आधे से भी कम रह गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में देशवासियों से सोना नहीं खरीदने की अपील की थी। इसका उद्देश्य देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करना और डॉलर की बचत करना बताया गया था। हालांकि, अगस्त में सोने के आयात में आई बड़ी गिरावट के कई कारण हो सकते हैं। केवल इस आंकड़े के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि आयात में कमी सिर्फ अपील के कारण हुई है।

अगस्त में निर्यात ने बनाया नया रिकॉर्ड

सोने के आयात में गिरावट के बीच देश के लिए एक और बड़ी खबर सामने आई है। अगस्त में भारत का वस्तु निर्यात सालाना आधार पर 26.1 प्रतिशत बढ़कर 43.81 अरब डॉलर पहुंच गया। सरकार के अनुसार, यह अब तक का सबसे अच्छा अगस्त प्रदर्शन है। इससे देश के निर्यात क्षेत्र की मजबूत स्थिति का संकेत मिलता है।

निर्यात में यह बढ़ोतरी इंजीनियरिंग सामान, पेट्रोलियम उत्पाद, रसायन और कपड़ा क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से जुड़ी रही। इन उत्पादों की मांग अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिक्स देशों से अधिक रही। वाणिज्य मंत्रालय के सचिव राजेश अग्रवाल ने भी निर्यात में इस बढ़ोतरी के पीछे इन क्षेत्रों की भूमिका बताई है।

व्यापार घाटे में भी आई कमी

अगस्त में भारत का व्यापार घाटा 26.86 अरब डॉलर रहा। पिछले साल अगस्त में यह आंकड़ा 27.22 अरब डॉलर था। यानी सालाना आधार पर व्यापार घाटे में थोड़ी कमी दर्ज हुई। जुलाई में व्यापार घाटा करीब 32 अरब डॉलर रहा था, इसलिए अगस्त के आंकड़े में मासिक आधार पर भी सुधार दिखाई देता है।

अगस्त में देश का वस्तु आयात 26 प्रतिशत बढ़कर 72.67 अरब डॉलर रहा। जुलाई में यह 76.22 अरब डॉलर था। वहीं वस्तु निर्यात जुलाई के 44.24 अरब डॉलर से घटकर अगस्त में 43.81 अरब डॉलर रहा। इसके बावजूद सालाना आधार पर अगस्त का निर्यात काफी मजबूत रहा।

सोने के आयात में बड़ी गिरावट क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत में सोने की मांग काफी बड़ी है और इसके आयात पर देश की विदेशी मुद्रा खर्च होती है। ऐसे में सोने के आयात में कमी आने से विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है। अगस्त के आंकड़ों में पिछले साल के मुकाबले सोने के आयात की रकम में करीब 3.1 अरब डॉलर की कमी दिखाई देती है।

हालांकि, सोने के आयात में बदलाव को समझने के लिए केवल प्रधानमंत्री की अपील को कारण मानना उचित नहीं होगा। सोने की कीमत, घरेलू मांग, त्योहारी खरीद, अंतरराष्ट्रीय बाजार और आयात से जुड़े अन्य आर्थिक कारण भी आंकड़ों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए अगस्त के आंकड़े एक महत्वपूर्ण बदलाव जरूर दिखाते हैं, लेकिन इसके पीछे के सभी कारणों को अलग-अलग देखना जरूरी है।

कुल मिलाकर अगस्त के व्यापार आंकड़ों में दो अलग तस्वीरें दिखाई देती हैं। एक तरफ सोने का आयात पिछले साल की तुलना में काफी कम हुआ, वहीं दूसरी तरफ सालाना आधार पर वस्तु निर्यात में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। व्यापार घाटे में भी कमी आई। आने वाले महीनों के आंकड़े यह समझने में मदद करेंगे कि सोने के आयात में यह गिरावट कितनी स्थायी रहती है और निर्यात में दर्ज मजबूती आगे भी बनी रहती है।

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