बिना ऑनलाइन आवेदन छुट्टी नहीं, बायोमीट्रिक से लगेगी हाजिरी; स्वास्थ्य विभाग में नए निर्देश
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए छुट्टी और attendance को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। अब बिना online portal पर आवेदन किए अवकाश नहीं मिलेगा। छुट्टी लेने के लिए पहले पोर्टल पर आवेदन करना होगा और संबंधित अधिकारी से approval मिलने के बाद ही अवकाश मान्य होगा। इसके साथ ही अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए biometric attendance अनिवार्य किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
यह निर्देश अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अलीगढ़ मंडल डॉ. नीरज त्यागी ने सीएमओ कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सीधे आम लोगों से जुड़ी हैं। ऐसे में अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर कर्मचारियों की समय पर उपलब्धता बेहद जरूरी है। मरीजों को इलाज के लिए किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए attendance और leave system में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
ऑनलाइन आवेदन के बाद ही मिलेगी छुट्टी
समीक्षा बैठक में अवकाश व्यवस्था को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। अब छुट्टी लेने के लिए केवल मौखिक सूचना या अन्य माध्यम से आवेदन पर्याप्त नहीं होगा। कर्मचारी को संबंधित online portal पर leave application करना होगा। इसके बाद सक्षम अधिकारी द्वारा आवेदन स्वीकृत किए जाने पर ही छुट्टी मान्य होगी।
बिना पोर्टल पर आवेदन किए अवकाश लेने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विभाग की ओर से इस व्यवस्था का उद्देश्य leave record को व्यवस्थित रखना और कर्मचारियों की उपलब्धता की सही जानकारी सुनिश्चित करना है। इससे अधिकारियों को भी यह पता रहेगा कि किसी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पर किस दिन कितने कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद हैं।
बायोमीट्रिक से दर्ज होगी कर्मचारियों की उपस्थिति
स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में biometric attendance व्यवस्था को भी प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य सेवाओं में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है।
अपर निदेशक ने समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए attendance व्यवस्था को गंभीरता से लागू करने पर जोर दिया। बायोमीट्रिक उपस्थिति से कर्मचारियों के आने और जाने का digital record तैयार होगा। इससे उपस्थिति को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मेडिकोलीगल मामलों को ऑनलाइन करने के निर्देश
बैठक में मेडिकोलीगल मामलों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। अपर निदेशक ने कहा कि सभी मेडिकोलीगल मामलों को online किया जाए और उन्हें MedLeap portal पर दर्ज किया जाए। संबंधित अधिकारियों को इस प्रक्रिया में लापरवाही नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान और VHND session के निरीक्षण में सामने आई कमियों की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को लेकर अपर निदेशक ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तत्काल corrective action लेने के निर्देश दिए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की quality सुधारने पर भी विशेष जोर दिया गया। गर्भवती महिलाओं और बच्चों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर करने की बात कही गई।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को केवल report तक सीमित न रखा जाए। उनका समय से समाधान भी किया जाए। स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं, सेवाओं और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की नियमित monitoring करने पर भी जोर दिया गया।
सीएमओ ने दिया अनुपालन का आश्वासन
बैठक में सीएमओ डॉ. वेद प्रकाश ने सभी कमियों को निर्धारित समय के भीतर दूर कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अपर निदेशक की ओर से दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था और सेवाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
समीक्षा बैठक में संयुक्त निदेशक डॉ. मोहन झा, डॉ. देवेंद्र वार्ष्णेय, डिप्टी सीएमओ डॉ. राजीव गुप्ता सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र की स्थिति और सामने आ रही समस्याओं की जानकारी भी बैठक में साझा की।
स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश
कुल मिलाकर स्वास्थ्य विभाग के इन निर्देशों का फोकस समयबद्ध उपस्थिति, online leave approval, biometric attendance और बेहतर health services पर है। खासकर अस्पतालों और सीएचसी पर कर्मचारियों की उपलब्धता सीधे मरीजों की सुविधा से जुड़ी होती है। ऐसे में attendance और leave system को व्यवस्थित करने से कामकाज में accountability बढ़ाने की उम्मीद है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और मेडिकोलीगल मामलों को online करने के निर्देश भी विभागीय कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अब जरूरत इस बात की है कि इन निर्देशों का ground level पर सही तरीके से पालन हो और निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों को समय रहते दूर किया जाए। इससे अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
