अमेठी में महिला सहकर्मियों से अश्लील टिप्पणी के आरोप में सहायक अध्यापक निलंबित, BSA ने की बड़ी कार्रवाई
Amethi Teacher News: अमेठी से बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। विकासखंड शाहगढ़ के प्राथमिक विद्यालय पंडरी में तैनात सहायक अध्यापक वैष्णवी नंदन शुक्ल को गंभीर आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) संजय तिवारी ने यह कार्रवाई विभागीय जांच के बाद की है। शिक्षक पर महिला सहकर्मियों से आपत्तिजनक टिप्पणी, धमकी, गलत व्यवहार और सरकारी जिम्मेदारियों में लापरवाही समेत कई आरोप लगाए गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षक के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलने के बाद मामले की जांच कराई गई। खंड शिक्षा अधिकारी मुसाफिरखाना को जांच अधिकारी बनाया गया था। जांच अधिकारी ने शिकायतों के साथ उपलब्ध evidence और विभागीय records की जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट BSA को सौंपी। इसी रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।
महिला सहकर्मियों से आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप
जांच में शिक्षक पर महिला सहकर्मियों के साथ अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप सामने आया। इसके अलावा धमकी देने और अनुचित व्यवहार करने की शिकायतें भी जांच का हिस्सा रहीं। मामले में प्रधानाध्यापक, ग्रामीणों और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से की गई शिकायतों को भी शामिल किया गया।
विभागीय जांच में इन आरोपों को शुरुआती तौर पर सही पाया गया है। हालांकि, निलंबन विभागीय कार्रवाई का हिस्सा है और मामले की पूरी जांच अभी आगे भी जारी रहेगी। अंतिम विभागीय निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद सामने आएगा।
स्कूल की जिम्मेदारियों में लापरवाही का भी आरोप
सहायक अध्यापक पर केवल व्यवहार संबंधी आरोप ही नहीं हैं। उन पर अपने teaching duties और सरकारी जिम्मेदारियों में लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया गया है। जांच में स्कूल के समय में share market trading और खरीद-फरोख्त में व्यस्त रहने की बात भी सामने आने का उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा शिक्षक पर बिना सूचना स्कूल से अनुपस्थित रहने और निर्धारित समय से पहले विद्यालय छोड़ने के आरोप भी लगाए गए हैं। छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और अन्य शिक्षकों के साथ गलत व्यवहार की शिकायतों को भी जांच में शामिल किया गया।
ब्लैकमेलिंग और धमकी के भी गंभीर आरोप
मामले में कुछ आरोप और भी गंभीर बताए गए हैं। शिक्षक पर साथी शिक्षकों और सेवानिवृत्त शिक्षकों को आय से अधिक संपत्ति तथा शिकायतों का डर दिखाने का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही फर्जी शिकायत करने, blackmailing और रंगदारी मांगने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।
जांच में विभागीय records और उपलब्ध जानकारी के कथित गलत इस्तेमाल का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा गुमराह करने वाली खबरें प्रकाशित कराने, फर्जी documents के नाम पर दबाव बनाने और विभागीय कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।
निलंबन के दौरान दूसरे विकासखंड से संबद्ध किया गया
BSA संजय तिवारी ने निलंबन की कार्रवाई के साथ सहायक अध्यापक को विकासखंड संग्रामपुर से संबद्ध किया है। निलंबन अवधि में उन्हें संग्रामपुर से संबंधित किया गया है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी संग्रामपुर को मामले की आगे की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएसए ने जांच अधिकारी को उपलब्ध साक्ष्यों और documents के साथ 15 दिन के भीतर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। अब आगे की विभागीय जांच में आरोपों से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
बेसिक शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर नजर
अमेठी शिक्षक निलंबन की यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें शिक्षक के आचरण के साथ-साथ school duties और विभागीय व्यवस्था से जुड़े कई आरोप शामिल हैं। विभाग की ओर से जांच पूरी कराने के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल सहायक अध्यापक निलंबित हैं और मामले की जांच जारी है। विभागीय जांच की final report के बाद यह साफ होगा कि लगाए गए आरोपों पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है। ऐसे मामलों में विभागीय records, शिकायतें और उपलब्ध evidence महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
