उत्तर प्रदेश में 900 नए न्यायालयों के गठन को मंजूरी, इन जिलों में खुलेंगे नए कोर्ट

उत्तर प्रदेश में 900 नए न्यायालयों के गठन को मंजूरी, इन जिलों में खुलेंगे नए कोर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के जिला न्यायालयों में न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शासन ने प्रथम चरण में प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में 900 नए न्यायालयों और उनसे जुड़े सहवर्ती पदों एवं सेवाओं के सृजन को मंजूरी दे दी है। यह स्वीकृति 17 सितंबर 2026 को जारी शासनादेश के माध्यम से दी गई है।

शासनादेश के मुताबिक ये 900 न्यायालय और संबंधित पद कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 28 फरवरी 2027 तक के लिए सृजित किए जाएंगे। हालांकि, यदि इससे पहले किसी पूर्व सूचना के आधार पर इनकी आवश्यकता समाप्त होती है तो व्यवस्था को पहले भी समाप्त किया जा सकता है। यह निर्णय प्रदेश के जिला न्यायालयों में न्यायिक ढांचे के विस्तार के तहत लिया गया है।

तीन स्तरों पर बनाए जाएंगे 900 न्यायालय

सरकार की ओर से जारी विवरण में 900 न्यायालयों को तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्तर के 237 न्यायालय, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) स्तर के 391 न्यायालय और सिविल जज (जूनियर डिवीजन) स्तर के 272 न्यायालय शामिल हैं। तीनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 900 न्यायालय बनाए जाएंगे।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्तर

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्तर के 237 न्यायालयों के लिए प्रत्येक न्यायालय में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश का एक पद रखा गया है। इसके साथ स्टेनोग्राफर ग्रेड-1 के 237, मुंसारिम एवं रीडर के 474, सीनियर असिस्टेंट के 711 और जूनियर असिस्टेंट के 237 पद निर्धारित किए गए हैं। इस श्रेणी में न्यायालयों से संबंधित कुल 1896 पद बताए गए हैं।

सिविल जज सीनियर डिवीजन स्तर

सिविल जज (सीनियर डिवीजन) स्तर पर कुल 391 न्यायालय बनाए जाएंगे। इनके लिए 391 सिविल जज, 391 स्टेनोग्राफर ग्रेड-2, 391 मुंसारिम, 391 रीडर, 1173 सीनियर असिस्टेंट और 391 जूनियर असिस्टेंट के पद निर्धारित किए गए हैं। इस श्रेणी में कुल 3128 पद हैं।

सिविल जज जूनियर डिवीजन स्तर

सिविल जज (जूनियर डिवीजन) स्तर पर 272 न्यायालय बनाए जाएंगे। इनमें 272 सिविल जज, 272 स्टेनोग्राफर ग्रेड-3, 272 मुंसारिम, 272 रीडर और 544 सीनियर असिस्टेंट के पद शामिल हैं। इस श्रेणी में कुल 1632 पद निर्धारित किए गए हैं।

किन जिलों में कितने न्यायालय?

शासनादेश के संलग्नक-2 में 75 जनपदों के लिए न्यायालयों की संख्या का विस्तृत विवरण दिया गया है। इसमें आगरा में 5, अलीगढ़ में 10, प्रयागराज में 14, आजमगढ़ में 31, बहराइच में 23, गोरखपुर में 21, फिरोजाबाद में 17, गाजियाबाद में 19 और कानपुर नगर में 35 न्यायालय निर्धारित किए गए हैं।

इसी तरह लखनऊ में 28, मैनपुरी में 14, मथुरा में 21, मेरठ में 20, वाराणसी में 23 और सीतापुर में 25 न्यायालय निर्धारित किए गए हैं। सुल्तानपुर में 28, उन्नाव में 16 और सोनभद्र में 6 न्यायालयों का प्रावधान किया गया है।

शासनादेश की सूची के अनुसार अमेठी में इस चरण में कोई नया न्यायालय निर्धारित नहीं किया गया है। वहीं सबसे अधिक संख्या वाले जिलों में कानपुर नगर के लिए 35, आजमगढ़ के लिए 31 तथा लखनऊ और सुल्तानपुर के लिए 28-28 न्यायालय निर्धारित हैं।

भर्ती और पदों को लेकर क्या है व्यवस्था?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में स्वीकृत पदों के सापेक्ष रिक्त पदों पर भर्ती करने के बाद और नवसृजित पदों के लिए आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता के आधार पर ही इन नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यानी केवल पद सृजित होने से तत्काल भर्ती शुरू होना अनिवार्य नहीं है। इसके लिए संबंधित आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता भी देखी जाएगी।

शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन 900 न्यायालयों के लिए अर्दली, प्यून और दफतरी के मानव संसाधन के समतुल्य अलग पद सृजित नहीं किए जाएंगे। इन सेवाओं के लिए सेवा प्रदाता संस्था के माध्यम से मानवशक्ति लेने या जॉब आउटसोर्सिंग की व्यवस्था लागू होगी। इसके लिए संबंधित विभागों द्वारा जारी शासनादेशों और GeM पोर्टल से जुड़ी व्यवस्था का पालन किया जाएगा।

वित्तीय व्यवस्था भी तय

नए न्यायालयों से संबंधित खर्च को वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल किया गया है। शासनादेश के अनुसार यह व्यय अनुदान संख्या 42 के अंतर्गत न्याय प्रशासन से संबंधित लेखा शीर्षक में विभिन्न सुसंगत मानक मदों के नामे डाला जाएगा। इस आदेश को वित्त विभाग की सहमति के बाद जारी किया गया है।

900 न्यायालयों से जुड़े पदों का पूरा विवरण

तीनों स्तरों के न्यायालयों को मिलाकर बड़ी संख्या में न्यायिक एवं सहायक पदों का प्रावधान किया गया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्तर पर 1896 पद, सिविल जज सीनियर डिवीजन स्तर पर 3128 पद और सिविल जज जूनियर डिवीजन स्तर पर 1632 पद निर्धारित हैं। इस प्रकार इन तीनों श्रेणियों में कुल 6656 पद का विवरण शासनादेश के संलग्नक में दिया गया है।

सरकार ने यह कदम प्रदेश में कुल 9149 न्यायालयों के गठन की प्रक्रिया के तहत प्रथम चरण में उठाया है। शासनादेश में 900 न्यायालयों के गठन की स्वीकृति दी गई है, जबकि आगे के चरणों में प्रस्तावित न्यायालयों और पदों के सृजन पर उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं तथा वित्तीय संसाधनों को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाएगा।

क्र. जनपद अपर जिला एवं सत्र न्यायालय
(HJS)
सिविल जज
(सीनियर डिवीजन)
सिविल जज
(जूनियर डिवीजन)
कुल नए न्यायालय
1 आगरा 1 3 1 5
2 अलीगढ़ 5 3 2 10
3 अमेठी 0 0 0 0
4 प्रयागराज 5 4 5 14
5 औरैया 4 2 1 7
6 आजमगढ़ 7 13 11 31
7 अंबेडकरनगर 2 4 4 10
8 बागपत 2 3 1 6
9 बहराइच 4 6 13 23
10 बलिया 2 5 5 12
11 बलरामपुर 1 1 3 5
12 बांदा 2 3 2 7
13 बाराबंकी 3 8 2 13
14 बरेली 6 4 2 12
15 बस्ती 3 6 4 13
16 भदोही 1 2 3 6
17 बिजनौर 4 5 5 14
18 बदायूं 4 5 4 13
19 बुलंदशहर 6 9 2 17
20 चंदौली 1 2 3 6
21 चित्रकूट 1 1 1 3
22 देवरिया 10 12 2 24
23 एटा 3 2 3 8
24 इटावा 3 3 2 8
25 फर्रुखाबाद 2 3 3 8
26 फतेहपुर 4 4 3 11
27 अयोध्या 2 2 5 9
28 फिरोजाबाद 5 9 3 17
29 गौतम बुद्ध नगर 3 7 1 11
30 गाजियाबाद 5 13 1 19
31 गाजीपुर 3 5 11 19
32 गोंडा 2 4 6 12
33 गोरखपुर 6 6 9 21
34 हमीरपुर 1 2 2 5
35 हापुड़ 1 1 1 3
36 हरदोई 2 6 2 10
37 हाथरस 3 2 2 7
38 जालौन (उरई) 2 1 4 7
39 जौनपुर 3 5 12 20
40 झांसी 3 8 4 15
41 अमरोहा 2 2 2 6
42 कन्नौज 2 4 1 7
43 कानपुर देहात 3 2 2 7
44 कानपुर नगर 9 22 4 35
45 कासगंज 1 4 1 6
46 कौशांबी 1 3 1 5
47 कुशीनगर 3 6 8 17
48 लखीमपुर खीरी 3 6 3 12
49 ललितपुर 2 5 1 8
50 लखनऊ 7 18 3 28
51 महाराजगंज 2 4 5 11
52 महोबा 1 1 1 3
53 मैनपुरी 5 7 2 14
54 मथुरा 8 8 5 21
55 मऊ 3 5 6 14
56 मेरठ 6 11 3 20
57 मिर्जापुर 2 8 1 11
58 मुरादाबाद 4 5 2 11
59 मुजफ्फरनगर 6 8 2 16
60 पीलीभीत 1 3 2 6
61 प्रतापगढ़ 2 4 7 13
62 रायबरेली 3 9 2 14
63 रामपुर 2 5 1 8
64 सहारनपुर 3 5 1 9
65 शामली 1 3 2 6
66 संभल 1 2 5 8
67 संत कबीर नगर 1 2 2 5
68 शाहजहांपुर 2 4 4 10
69 सिद्धार्थनगर 2 2 3 7
70 सीतापुर 5 11 9 25
71 सोनभद्र 2 2 2 6
72 श्रावस्ती 1 1 1 3
73 सुल्तानपुर 5 11 12 28
74 उन्नाव 4 6 6 16
75 वाराणसी 5 8 10 23
कुल 237 391 272 900

नोट: उत्तर प्रदेश शासन के 17 सितंबर 2026 के शासनादेश के अनुसार प्रथम चरण में प्रदेश के 75 जनपदों के लिए कुल 900 नए न्यायालय निर्धारित किए गए हैं। इनमें 237 अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, 391 सिविल जज (सीनियर डिवीजन) और 272 सिविल जज (जूनियर डिवीजन) स्तर के न्यायालय शामिल हैं।

नोट: शासनादेश की प्रमाणिकता उत्तर प्रदेश शासन की आधिकारिक वेबसाइट से सत्यापित की जा सकती है।

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