60 वर्ष की आयु पर सेवानिवृत्ति का विकल्प दिए बिना VRS लेने वालों को ग्रेच्युटी, शासन ने जारी किए निर्देश

60 वर्ष की आयु पर सेवानिवृत्ति का विकल्प दिए बिना VRS लेने वालों को ग्रेच्युटी, शासन ने जारी किए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद तथा अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। शासन ने ऐसे कर्मचारियों के मामले में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) और मृत्यु की दशा में ग्रेच्युटी के भुगतान को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।

यह निर्देश अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से 24 दिसंबर 2025 को जारी पत्र के माध्यम से दिया गया है। पत्र बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को संबोधित है और इसकी प्रतिलिपि महानिदेशक, स्कूल शिक्षा तथा शिक्षा निदेशक (बेसिक) को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

60 या 62 वर्ष पर सेवानिवृत्ति का विकल्प लेने वालों का मामला

शासन के पत्र में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद तथा अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों के ऐसे शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी, जिन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए न्यूनतम 20 वर्ष की सेवा अथवा 45 वर्ष की आयु पूरी कर ली है, उनके संबंध में शासन स्तर पर विचार किया गया।

ऐसे कर्मचारियों को 60 या 62 वर्ष की आयु पर सेवानिवृत्त होने का विकल्प दिए बिना स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति प्राप्त करने की स्थिति में उनकी सेवा अवधि के आधार पर नियमानुसार ग्रेच्युटी प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया है।

मृत्यु होने की स्थिति में भी ग्रेच्युटी का प्रावधान

शासन के निर्देश में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के साथ-साथ मृत्यु की दशा में ग्रेच्युटी के भुगतान से संबंधित विषय को भी शामिल किया गया है। संबंधित कर्मचारियों के मामले में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इससे उन कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट होती है, जिनका मामला निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु से पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति अथवा मृत्यु से संबंधित है।

बेसिक शिक्षा विभाग को कार्रवाई के निर्देश

पत्र में कहा गया है कि पूर्व में उपलब्ध कराए गए प्रस्ताव के क्रम में शासन स्तर पर सम्यक विचार-विमर्श किया गया है। इसके बाद लिए गए निर्णय के अनुसार अग्रेतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

पत्र की प्रतिलिपि महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा शिक्षा निदेशक (बेसिक), उत्तर प्रदेश, लखनऊ को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट

इस शासनादेश से बेसिक शिक्षा परिषद और अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत संबंधित शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की ग्रेच्युटी को लेकर महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट हुई है। हालांकि, ग्रेच्युटी का वास्तविक भुगतान संबंधित कर्मचारी के सेवा अभिलेख, सेवानिवृत्ति/मृत्यु की स्थिति और लागू नियमों के अनुसार किया जाएगा।

महत्वपूर्ण: वायरल पोस्ट या सोशल मीडिया की जानकारी के बजाय संबंधित कर्मचारी अपने मामले में विभागीय आदेश और सेवा नियमों के आधार पर ही कार्रवाई करें।

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