बीएसए ने 15 शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोका, शिक्षक कुर्सी पर सोते मिले
अयोध्या जिले के तारून क्षेत्र में परिषदीय विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की लापरवाही और विद्यालयों के बंद मिलने का मामला सामने आया है। निरीक्षण के दौरान कई जगह व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएसए लालचंद्र ने कुल 15 शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। साथ ही सभी संबंधित शिक्षकों से एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बीएसए ने मंगलवार को तारून क्षेत्र के चार परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। उच्च प्राथमिक विद्यालय केशरूवा बुजुर्ग में कुल 94 विद्यार्थियों के सापेक्ष 64 विद्यार्थी उपस्थित मिले। विद्यालय में डिजिटल अटेंडेंस की व्यवस्था संचालित नहीं हो रही थी। इसके अलावा शिक्षण का टाइम टेबल और कार्यविभाजन भी तैयार नहीं मिला। विद्यालय में निपुण पोस्टर भी नहीं लगा था। निरीक्षण के दौरान सहायक शिक्षक अरुण कुमार सिंह बिना उचित कारण विद्यालय से बाहर गए हुए थे। वहीं सहायक शिक्षक राम सजीवन भारती कुर्सी पर सोते मिले। दोनों शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोक दिया गया है।
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इसके बाद प्राथमिक विद्यालय परमानंदपुर का निरीक्षण किया गया, जहां दोपहर 1:42 बजे विद्यालय बंद मिला। इस मामले में प्रधानाध्यापक शैलेंद्र कुमार वर्मा सहित सहायक शिक्षक दिनेश कुमार, राम प्रकाश, अपूर्व चतुर्वेदी और दिशा का एक दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान विद्यालय का बंद मिलना विभागीय स्तर पर गंभीरता से लिया गया है।
प्राथमिक विद्यालय खेमीपुर निधियावां दोपहर 1:50 बजे और उच्च प्राथमिक विद्यालय 1:58 बजे बंद मिले। दोनों विद्यालयों के तीन-तीन शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया। बीएसए ने सभी संबंधित शिक्षकों से एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है। इसके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी तारून को क्षेत्र के विद्यालयों में सघन निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यालयों में समय से शिक्षकों की उपस्थिति और नियमित शिक्षण व्यवस्था बच्चों की पढ़ाई के लिए बेहद जरूरी है। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों के बाद विभाग की ओर से की गई कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि विद्यालय संचालन में लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अब संबंधित शिक्षकों के स्पष्टीकरण और आगे की विभागीय कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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