किशोरी के अपहरण में शिक्षक को 7 साल की कैद, 70 हजार रुपये का जुर्माना

किशोरी के अपहरण में शिक्षक को 7 साल की कैद, 70 हजार रुपये का जुर्माना

लखनऊ। गुडंबा इलाके से किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में अदालत ने स्कूल के पूर्व शिक्षक संदीप उर्फ सुग्गन को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 70 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला आयुर्वेद घोटाला प्रकरण के विशेष न्यायाधीश रोहित सिंह की अदालत ने सुनाया।

2019 में दर्ज हुई थी शिकायत

मामला गुडंबा थाना क्षेत्र का है। किशोरी के अपहरण को लेकर उसके पिता ने 6 अगस्त 2019 को गुडंबा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाया गया था मामले की सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने स्कूल के पूर्व शिक्षक संदीप उर्फ सुग्गन को दोषी माना। इसके बाद अदालत ने उसे सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

पूर्व शिक्षक पर अदालत का फैसला

दोषी संदीप उर्फ सुग्गन मऊके भोला बांध गांव का रहने वाला बताया गया है। वह पहले स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्य कर चुका है। किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी और मामला अदालत तक पहुंचा।अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद दोषी को सात वर्ष के कठोर कारावास के साथ 70 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा दी। इस फैसले के बाद मामले में करीब सात साल पहले दर्ज हुई शिकायत पर न्यायिक प्रक्रिया के तहत फैसला सामने आया है।

पिता की शिकायत के बाद शुरू हुई थी कार्रवाई

किशोरी के पिता की ओर से 6 अगस्त 2019 को गुडंबा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की थी। शिकायत में किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाया गया था लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपना फैसला सुनाया। पूर्व शिक्षक को दी गई सात वर्ष की सजा के साथ अदालत ने 70 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

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