PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: 300 यूनिट फ्री बिजली, ₹98,000 तक सब्सिडी; ऐसे मिलेगा लाभ
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: देश में बढ़ते बिजली बिल से राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत घर की छत पर Solar Panel लगवाने वाले परिवारों को सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। योजना का उद्देश्य देशभर के घरों में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देना और बिजली खर्च को कम करना है।
पीएम सूर्य घर योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम लगवाने पर केंद्र सरकार की ओर से अधिकतम ₹78,000 तक की सब्सिडी मिल सकती है। वहीं कुछ राज्यों में राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सहायता भी दी जा रही है। बिहार में केंद्र की सब्सिडी के साथ राज्य सरकार की सहायता को जोड़ने पर 3 किलोवाट या उससे अधिक के सोलर सिस्टम पर कुल ₹98,000 तक की सब्सिडी का लाभ मिल सकता है।
2024 में शुरू हुई थी पीएम सूर्य घर योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana की शुरुआत की थी। सरकार ने इस योजना के माध्यम से देश के एक करोड़ घरों की छतों पर Solar Panel लगाने का लक्ष्य रखा है।
योजना का मकसद घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है, ताकि परिवार अपनी बिजली की जरूरत का एक हिस्सा खुद पैदा कर सकें। इससे बिजली के बिल में कमी आने के साथ-साथ देश में स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलता है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना के तहत अब तक बड़ी संख्या में परिवार रूफटॉप सोलर से जुड़ चुके हैं और लाभार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ
पीएम सूर्य घर योजना की सबसे ज्यादा चर्चा 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली को लेकर होती है। रूफटॉप सोलर सिस्टम के जरिए घर में बिजली का उत्पादन किया जाता है। इससे सामान्य बिजली खपत के लिए ग्रिड से ली जाने वाली बिजली की जरूरत कम हो सकती है।
| सेवा / जानकारी | ऑफिशियल लिंक |
|---|---|
| PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना | 👉 आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं |
| रूफटॉप सोलर के लिए ऑनलाइन आवेदन | 👉 Apply for Rooftop Solar |
| PM सूर्य घर पोर्टल लॉगिन | 👉 Login करें |
| MNRE – नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय | 👉 MNRE की वेबसाइट |
| PM सूर्य घर योजना की सरकारी जानकारी | 👉 PIB की आधिकारिक जानकारी |
सोलर पैनल से पैदा होने वाली बिजली का इस्तेमाल घर में पंखा, लाइट, फ्रिज, कूलर, एसी और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरण चलाने में किया जा सकता है। सोलर सिस्टम की क्षमता और परिवार की बिजली खपत के आधार पर बिजली बिल में होने वाली बचत अलग-अलग हो सकती है।
योजना के तहत लगाए जाने वाले सोलर पैनल की सामान्य उपयोगी आयु करीब 25 वर्ष मानी जाती है। इस वजह से लंबे समय में परिवारों को बिजली खर्च में बचत का फायदा मिल सकता है।
केंद्र सरकार देती है ₹78,000 तक की सब्सिडी
पीएम सूर्य घर योजना में सोलर सिस्टम की क्षमता के आधार पर केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी निर्धारित की गई है। 1 किलोवाट से लेकर 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर अलग-अलग स्तर की केंद्रीय सहायता मिलती है।
1 किलोवाट के सोलर सिस्टम पर केंद्र सरकार की ओर से ₹30,000 तक की सब्सिडी बताई गई है। वहीं 2 किलोवाट के सिस्टम पर यह सहायता ₹60,000 तक हो सकती है।
अगर उपभोक्ता 3 किलोवाट या इससे अधिक क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाता है, तो केंद्र सरकार की अधिकतम सब्सिडी ₹78,000 तक हो सकती है।
हालांकि, अंतिम सब्सिडी पात्रता, स्वीकृत क्षमता और योजना के लागू नियमों के अनुसार निर्धारित होती है।
बिहार में ₹98,000 तक की कुल सब्सिडी
बिहार के उपभोक्ताओं के लिए इस योजना में अतिरिक्त सहायता का प्रावधान बताया गया है। केंद्र सरकार की सब्सिडी के अलावा बिहार सरकार की ओर से भी रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है।
इस वजह से बिहार में पात्र उपभोक्ताओं को केंद्र और राज्य सरकार की सहायता को मिलाकर अधिकतम ₹98,000 तक की सब्सिडी मिल सकती है।
1 KW Solar Panel पर कितनी सब्सिडी?
अगर बिहार में कोई उपभोक्ता 1 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगवाता है, तो केंद्र सरकार की ओर से ₹30,000 तक की सब्सिडी और राज्य सरकार की ओर से ₹10,000 की अतिरिक्त सहायता बताई गई है।
इस तरह कुल सहायता ₹40,000 तक हो सकती है।
2 KW Solar Panel पर कितनी सब्सिडी?
2 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगवाने पर केंद्र सरकार की ओर से ₹60,000 तक की सब्सिडी और बिहार सरकार की ओर से ₹20,000 की अतिरिक्त सहायता दी जा सकती है।
इस तरह दोनों को मिलाकर कुल सरकारी सहायता ₹80,000 तक हो सकती है।
3 KW या अधिक पर ₹98,000 तक
अगर उपभोक्ता 3 किलोवाट या इससे अधिक क्षमता का सोलर सिस्टम लगवाता है, तो केंद्र सरकार की ओर से अधिकतम ₹78,000 तक की सब्सिडी और बिहार सरकार की ओर से ₹20,000 की अतिरिक्त सहायता के अनुसार कुल राशि ₹98,000 तक हो सकती है।
इससे सोलर सिस्टम लगवाने की शुरुआती लागत को कम करने में उपभोक्ताओं को मदद मिलती है।
Solar Panel लगवाने के बाद कैसे मिलता है लाभ?
पीएम सूर्य घर योजना के तहत केवल सोलर पैनल खरीद लेना पर्याप्त नहीं है। उपभोक्ता को योजना के निर्धारित पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होता है और आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
सबसे पहले उपभोक्ता को अपने क्षेत्र की बिजली वितरण कंपनी यानी DISCOM से संबंधित जानकारी देनी होती है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीकृत वेंडर से रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाया जाता है।
सोलर सिस्टम की स्थापना के बाद नेट मीटर के लिए आवेदन किया जाता है। DISCOM की ओर से निरीक्षण और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद कमीशनिंग से संबंधित प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।
इसके बाद पोर्टल पर बैंक खाते की जानकारी और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने पर पात्र सब्सिडी बैंक खाते में भेजी जाती है।
PM Surya Ghar Yojana में ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
पीएम सूर्य घर योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है। इसके लिए उपभोक्ता को योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा।
आवेदन की सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:
- सबसे पहले पीएम सूर्य घर योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
- होमपेज पर Apply for Rooftop Solar विकल्प चुनें।
- अपने राज्य और बिजली वितरण कंपनी यानी DISCOM का चयन करें।
- इसके बाद बिजली उपभोक्ता नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी आवश्यक जानकारी दर्ज करें।
- दिए गए विवरण के माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन करें।
- रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन फॉर्म भरें।
- आवेदन के बाद DISCOM की ओर से feasibility approval की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित DISCOM के साथ पंजीकृत वेंडर का चयन करें।
- चयनित वेंडर से घर की छत पर Solar Panel लगवाएं।
- इंस्टॉलेशन पूरा होने के बाद प्लांट की जानकारी के साथ नेट मीटर के लिए आवेदन करें।
- DISCOM की ओर से निरीक्षण और मीटर से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- प्रक्रिया पूरी होने के बाद commissioning certificate जारी किया जाएगा।
- इसके बाद पोर्टल पर बैंक खाते की जानकारी और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
- पात्र सब्सिडी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बैंक खाते में भेजी जाएगी।
सब्सिडी मिलने में कितना समय लग सकता है?
सोलर सिस्टम की स्थापना, नेट मीटर, DISCOM निरीक्षण और कमीशनिंग जैसी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद सब्सिडी की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। दिए गए विवरण के अनुसार सब्सिडी बैंक खाते में आने में लगभग 30 से 45 दिन तक का समय लग सकता है।
हालांकि वास्तविक समय आवेदन, दस्तावेजों की जांच, DISCOM की प्रक्रिया और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं पर निर्भर कर सकता है।
आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
पीएम सूर्य घर योजना में आवेदन करने से पहले उपभोक्ता को अपने बिजली कनेक्शन से संबंधित जानकारी सही रखनी चाहिए। आवेदन में दर्ज मोबाइल नंबर, उपभोक्ता संख्या और अन्य विवरण में गलती होने पर प्रक्रिया में परेशानी आ सकती है।
सोलर सिस्टम लगवाने के लिए योजना के तहत पंजीकृत वेंडर का चयन करना भी जरूरी है। उपभोक्ता को इंस्टॉलेशन, नेट मीटर और DISCOM से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा।
सब्सिडी की राशि और पात्रता समय-समय पर सरकार के नियमों के अनुसार बदल सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध वर्तमान दिशा-निर्देशों को जरूर देखना चाहिए।
निष्कर्ष
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana का उद्देश्य देश के घरों को रूफटॉप सोलर से जोड़कर बिजली खर्च को कम करना और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है। योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम की क्षमता के अनुसार केंद्रीय सब्सिडी मिलती है।
बिहार में केंद्र की सहायता के साथ राज्य सरकार की अतिरिक्त सब्सिडी को जोड़ने पर 3 किलोवाट या उससे अधिक के सिस्टम के लिए ₹98,000 तक की कुल सरकारी सहायता का प्रावधान बताया गया है। आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता, वर्तमान सब्सिडी नियम और DISCOM से जुड़ी जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर जरूर जांच लें।
आधिकारिक आवेदन पोर्टल: pmsuryaghar.gov.in
