एफडी पर टैक्स छूट के साथ बंपर रिटर्न, इन 4 बैंकों की ब्याज दर पर डालें नजर
Tax Saving Bank FD: सुरक्षित निवेश के लिए बैंक एफडी यानी Fixed Deposit आज भी काफी लोगों की पसंद बनी हुई है। एफडी में निवेश करने पर एक तय अवधि के लिए पैसा जमा किया जाता है और बैंक की निर्धारित ब्याज दर के अनुसार रिटर्न मिलता है। वहीं, कुछ खास एफडी में आयकर नियमों के तहत टैक्स बचत का लाभ भी लिया जा सकता है।
निवेश के साथ टैक्स बचत का मौका
देश में निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं। लोग अपनी जरूरत और जोखिम क्षमता के हिसाब से शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, सरकारी योजनाओं और बैंक एफडी में पैसा लगाते हैं। हालांकि, जो निवेशक बाजार के उतार-चढ़ाव से बचना चाहते हैं, उनके लिए एफडी एक विकल्प हो सकती है।
खास बात यह है कि 5 साल की Tax Saving FD में निवेश करने पर पात्र निवेशकों को आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत निर्धारित नियमों के अनुसार टैक्स लाभ मिल सकता है। हालांकि, टैक्स का वास्तविक लाभ आपकी कर व्यवस्था और पात्रता पर निर्भर करता है।
5 साल की FD पर 6.80% से 7.50% तक ब्याज
दिए गए आंकड़ों के अनुसार, चार बैंक 5 साल की एफडी पर 6.80 फीसदी से 7.50 फीसदी तक की सालाना ब्याज दर दे रहे हैं। इनमें DCB बैंक, सिटी यूनियन बैंक, IDFC FIRST बैंक और YES बैंक शामिल हैं।
इनमें DCB बैंक की बताई गई ब्याज दर 7.50 फीसदी है। वहीं सिटी यूनियन बैंक, IDFC FIRST बैंक और YES बैंक की बताई गई ब्याज दर 6.80 फीसदी है।
बैंक एफडी की ब्याज दरें समय-समय पर बदल सकती हैं। इसलिए एफडी कराने से पहले संबंधित बैंक की मौजूदा ब्याज दर और लागू शर्तों की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।
₹10,000 की FD पर 5 साल बाद कितना मिलेगा?
अगर ₹10,000 की राशि को 5 साल के लिए एफडी में निवेश किया जाता है, तो दिए गए आंकड़ों के अनुसार अनुमानित रिटर्न इस प्रकार है।
| बैंक | सालाना ब्याज दर | 5 साल बाद अनुमानित राशि |
|---|---|---|
| DCB बैंक | 7.50% | ₹14,499 |
| सिटी यूनियन बैंक | 6.80% | ₹13,975 |
| IDFC FIRST बैंक | 6.80% | ₹13,975 |
| YES बैंक | 6.80% | ₹13,975 |
इस हिसाब से ₹10,000 के निवेश पर दी गई दरों के आधार पर 5 साल बाद करीब ₹13,975 से ₹14,499 तक की राशि बनने का अनुमान है। वास्तविक मैच्योरिटी राशि बैंक की कंपाउंडिंग पद्धति और लागू शर्तों के अनुसार अलग हो सकती है।
DCB बैंक की 7.50% ब्याज दर
दिए गए आंकड़ों में DCB बैंक की 5 साल की एफडी पर 7.50 फीसदी सालाना ब्याज दर बताई गई है। ₹10,000 के निवेश पर उपलब्ध अनुमान के अनुसार 5 साल बाद करीब ₹14,499 की राशि बन सकती है।
एफडी में निवेश करते समय केवल ब्याज दर देखना पर्याप्त नहीं है। निवेशक को लॉक-इन अवधि, ब्याज भुगतान, समय से पहले निकासी और टैक्स से जुड़े नियमों की जानकारी भी लेनी चाहिए।
बाकी तीन बैंकों में 6.80% ब्याज
सिटी यूनियन बैंक, IDFC FIRST बैंक और YES बैंक की 5 साल की एफडी पर दिए गए आंकड़ों में 6.80 फीसदी सालाना ब्याज बताया गया है। ₹10,000 के निवेश पर इन आंकड़ों के अनुसार करीब ₹13,975 की राशि बनने का अनुमान है।
हालांकि, अलग-अलग बैंकों की ब्याज गणना और एफडी की शर्तों में अंतर हो सकता है। इसलिए निवेश करने से पहले बैंक से मैच्योरिटी राशि की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।
Tax Saving FD में लॉक-इन भी समझें
टैक्स सेविंग एफडी की एक महत्वपूर्ण बात इसका 5 साल का लॉक-इन है। इसका मतलब है कि निवेश की गई रकम सामान्य एफडी की तरह हर स्थिति में बीच में निकालना संभव नहीं होता। इसलिए ऐसी एफडी में पैसा लगाने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपको अगले पांच साल में इस रकम की जरूरत तो नहीं पड़ेगी।
FD में निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
एफडी कराने से पहले बैंक की वर्तमान ब्याज दर, निवेश अवधि, मैच्योरिटी राशि, ब्याज की गणना और समय से पहले निकासी के नियमों को जरूर समझें। साथ ही Tax Saving FD के मामले में यह भी देखें कि आप संबंधित आयकर नियमों के तहत टैक्स लाभ के लिए पात्र हैं या नहीं।
एफडी में मिलने वाला ब्याज भी लागू आयकर नियमों के अनुसार कर योग्य हो सकता है। इसलिए केवल ब्याज दर देखकर निवेश करने के बजाय अपने पूरे टैक्स और निवेश की स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।
