छात्राओं से अश्लील हरकत के आरोप में सहायक अध्यापक निलंबित, बीईओ को भी प्रतिकूल प्रविष्टि
देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाली दो नाबालिग छात्राओं के साथ कथित अश्लील हरकत का मामला सामने आया है। महुआडीह थाना क्षेत्र के एक सरकारी विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक पर आठ वर्षीय दो छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार करने और शिकायत करने पर विद्यालय से निकालने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने आरोपी सहायक अध्यापक को निलंबित कर दिया है।
सहायक अध्यापक पर दो छात्राओं से अनुचित व्यवहार का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महुआडीह थाना क्षेत्र के एक परिषदीय विद्यालय में मैनुल्लाह सिद्दीकी सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। इसी गांव की आठ वर्ष की दो छात्राएं भी विद्यालय में पढ़ती हैं। आरोप है कि तीन अक्टूबर को शिक्षक ने दोनों छात्राओं के साथ अश्लील हरकत की। साथ ही, किसी को इस घटना के बारे में बताने पर उनका नाम विद्यालय से काटने और उन्हें स्कूल से भगा देने की धमकी दी।
बताया गया है कि विद्यालय से घर पहुंचने के बाद दोनों छात्राओं ने अपने परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजनों ने मामले को लेकर कुछ स्थानीय लोगों से चर्चा की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों ने पीड़ित परिवार का साथ देने के बजाय शिक्षक के पक्ष में खड़े होकर आपसी सुलह करने की बात कही।
पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया मुकदमा
छात्राओं के परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर महुआडीह थाने की पुलिस ने आरोपी शिक्षक के विरुद्ध छेड़खानी और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया है कि घटना के समय शिक्षक शराब के नशे में था और मोबाइल पर अश्लील वीडियो देख रहा था।
उप निरीक्षक प्रभात सिंह के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। पुलिस की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में भी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
बीएसए ने सहायक अध्यापक को किया निलंबित
मामले की जानकारी मिलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने भी कार्रवाई की है। देवरिया के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. रामजियावन मौर्य के अनुसार, प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने पर संबंधित सहायक अध्यापक को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर प्रकरण की जांच भी कराई जा रही है।
बीएसए ने स्पष्ट किया कि बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं है। विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा और उनके लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना विभाग की जिम्मेदारी है।
बीईओ को विलंब से जानकारी देने पर प्रतिकूल प्रविष्टि
इस प्रकरण में विभागीय स्तर पर एक और कार्रवाई की गई है। बैतालपुर के खंड शिक्षा अधिकारी उपेंद्र भारती को मामले की जानकारी विलंब से देने के कारण प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। वहीं, भलुअनी के खंड शिक्षा अधिकारी सत्य प्रकाश को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है।
अब पुलिस जांच के साथ-साथ विभागीय जांच के निष्कर्षों पर भी नजर रहेगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि
विद्यालय बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नींव होते हैं। ऐसे में बच्चों से जुड़े किसी भी शिकायत को गंभीरता से लेना और समय पर उचित कार्रवाई करना आवश्यक है। इस मामले में पुलिस और शिक्षा विभाग की कार्रवाई आगे की जांच के निष्कर्षों के अनुसार तय होगी। फिलहाल आरोपी शिक्षक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज है और विभाग ने उसे निलंबित कर दिया है। आरोपों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाएगा।
