गेम खेलते समय 10 साल के बच्चे से हुई चूक, शिक्षक के खाते से 9 लाख रुपये गायब

गेम खेलते समय 10 साल के बच्चे से हुई चूक, शिक्षक के खाते से 9 लाख रुपये गायब

बिजनौर। मोबाइल फोन पर गेम खेलना एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक को भारी पड़ गया। शिक्षक का 10 वर्षीय बेटा मोबाइल पर गेम खेल रहा था। इसी दौरान उसने एक अन्य गेमिंग एप खोल लिया। आरोप है कि इसके बाद साइबर ठग ने बच्चे से ओटीपी पूछ लिया और शिक्षक के बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से नौ लाख रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए। घटना की जानकारी होते ही शिक्षक ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मोबाइल पर गेम खेलते समय आया ओटीपी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिजनौर में प्राथमिक विद्यालय में तैनात एक शिक्षक का 10 वर्षीय बेटा उनके मोबाइल फोन पर गेम खेल रहा था। इसी दौरान बच्चे ने एक अन्य गेमिंग एप खोल दिया। बताया गया है कि लिंक खोलने के बाद मोबाइल पर ओटीपी आया। इसी बीच साइबर ठग ने कथित तौर पर बच्चे से ओटीपी पूछ लिया।

ओटीपी मिलने के बाद साइबर ठगों ने शिक्षक के बैंक खाते को निशाना बनाया। कुछ ही देर में यूपीआई के जरिए खाते से नौ लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। शिक्षक को जब खाते से रकम निकलने की जानकारी हुई तो उनके होश उड़ गए।

पांच मिनट के भीतर साइबर हेल्पलाइन पर दी सूचना

शिक्षक ने रकम निकलने की जानकारी मिलते ही तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। बताया गया है कि उन्होंने पांच मिनट के भीतर ही इसकी सूचना दे दी थी। शिकायत के बाद संबंधित खाते को फ्रीज कर दिया गया, लेकिन तब तक ठगी की पूरी रकम निकाली जा चुकी थी।

इस घटना ने एक बार फिर मोबाइल फोन पर गेम खेलने के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही और साइबर अपराधियों के नए तरीकों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर बच्चों के हाथ में मोबाइल फोन होने पर अभिभावकों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

8 अक्टूबर को दर्ज हुआ मुकदमा

पीड़ित शिक्षक की तहरीर के आधार पर आठ अक्टूबर को साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत में एक मोबाइल नंबर का भी उल्लेख किया गया है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 

साइबर टीम की शुरुआती जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम राजस्थान में निकाली गई। पुलिस अब संबंधित बैंक खातों और लेनदेन की जानकारी जुटा रही है, ताकि रकम के हस्तांतरण और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।

 

पुलिस ने शुरू की साइबर ठगी की जांच

 

सीओ सिटी अभय कुमार पांडेय के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। पुलिस बैंक खातों, यूपीआई लेनदेन और उपलब्ध मोबाइल नंबर से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

बच्चों को मोबाइल देते समय रखें सावधानी

 

यह घटना अभिभावकों के लिए भी सतर्क रहने का संदेश देती है। बच्चों को मोबाइल फोन देते समय उन्हें अनजान लिंक खोलने, किसी को ओटीपी बताने और संदिग्ध गेमिंग एप इस्तेमाल करने से रोकना जरूरी है। मोबाइल पर आने वाला ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए।

 

यदि बैंक खाते से अनधिकृत लेनदेन हो जाए, तो तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत करें और आधिकारिक वेबसाइट https://cybercrime.gov.in/ पर भी रिपोर्ट दर्ज कराएं। बैंक को तत्काल सूचना देकर खाते और डिजिटल भुगतान सेवाओं को सुरक्षित करने के लिए जरूरी कदम उठाएं।

साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसलिए खाते से संदिग्ध रकम निकलने पर देर किए बिना शिकायत करना चाहिए।

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