हर शिक्षक-कर्मचारी को अवकाश संबंधी यह जानकारी होना आवश्यक, छुट्टी लेने से पहले जान लें कौन कितने दिन और किस अधिकारी से मिलेगा
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और अन्य कर्मचारियों के लिए अवकाश के नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। कई बार अवकाश के प्रकार, स्वीकृत होने वाले दिनों की संख्या और छुट्टी मंजूर करने वाले अधिकारी को लेकर असमंजस की स्थिति बन जाती है। ऐसे में छुट्टी के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित नियमों को जानना जरूरी है, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अवकाश संबंधी उपलब्ध आदेश में आकस्मिक अवकाश, चिकित्सा प्रमाण पत्र के आधार पर अवकाश, मातृत्व अवकाश, गर्भपात अवकाश, बाल्य देखभाल अवकाश, अर्जित/उपार्जित अवकाश और असाधारण अवकाश सहित विभिन्न प्रकार के अवकाशों का उल्लेख किया गया है। इसमें आवेदक के पद के अनुसार अवकाश स्वीकृत करने वाले अधिकारी की जानकारी भी दी गई है।
1. आकस्मिक अवकाश कितने दिन मिलता है?
आदेश में दिए गए विवरण के अनुसार, शिक्षामित्र और अंशकालिक अनुदेशक को क्रमशः 11 और 10 दिन प्रति कैलेंडर वर्ष आकस्मिक अवकाश अनुमन्य होने का उल्लेख है। अन्य संबंधित कर्मचारियों के लिए 14 दिन प्रति कैलेंडर वर्ष का विवरण दिया गया है।
अवकाश स्वीकृति के लिए प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, शिक्षामित्र और अंशकालिक अनुदेशक के पद के अनुसार अलग-अलग व्यवस्था दी गई है।
चार दिन तक के आकस्मिक अवकाश के लिए खंड शिक्षा अधिकारी तथा चार दिन से अधिक के लिए जिला स्तर के अधिकारी की स्वीकृति संबंधी विवरण भी तालिका में दिया गया है। लिपिक संवर्ग के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का उल्लेख है।
2. चिकित्सा प्रमाण पत्र के आधार पर अवकाश
चिकित्सा संबंधी अवकाश के लिए आदेश में सेवा अवधि और वेतन के आधार पर अलग-अलग प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। इसमें समरूप स्तंभ-3 में अंकित संबंधित कार्मिकों के लिए 12 माह पूर्ण वेतन पर तथा छह माह अर्द्ध वेतन पर अवकाश का विवरण दिया गया है।
इस श्रेणी में प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए 42 दिन तक खंड शिक्षा अधिकारी तथा 42 दिन से अधिक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की स्वीकृति का उल्लेख है। लिपिक संवर्ग के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को स्वीकृतकर्ता बताया गया है।
हालांकि, चिकित्सा अवकाश के मामले में कर्मचारी को अपने संवर्ग पर लागू सेवा नियमों, चिकित्सा प्रमाण पत्र की आवश्यकता और वर्तमान विभागीय आदेश की पुष्टि अवश्य करनी चाहिए।
3. मातृत्व अवकाश
महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश का प्रावधान भी आदेश में दिया गया है। उपलब्ध तालिका के अनुसार, संबंधित महिला कार्मिकों को 180 दिन की दर से सेवाकाल में दो बार अवकाश दिए जाने का उल्लेख है।
इस श्रेणी में प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, शिक्षामित्र और अंशकालिक अनुदेशक सहित संबंधित पदों का उल्लेख किया गया है। मातृत्व अवकाश की स्वीकृति के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का नाम दिया गया है।
मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन करते समय संबंधित कर्मचारी को लागू सेवा नियमों, आवश्यक दस्तावेजों और विभागीय प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए।
4. गर्भपात अवकाश
आदेश में गर्भपात अवकाश के लिए महिला कार्मिकों को 42 दिन का अवकाश अनुमन्य होने का उल्लेख है। इस श्रेणी में संबंधित प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और लिपिक संवर्ग का विवरण दिया गया है।
उपलब्ध तालिका के अनुसार, इस अवकाश को स्वीकृत करने वाले अधिकारी के रूप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का उल्लेख किया गया है।
5. बाल्य देखभाल अवकाश
बाल्य देखभाल अवकाश महिला कर्मचारियों से संबंधित एक महत्वपूर्ण अवकाश है। उपलब्ध आदेश की तालिका में संबंधित महिला कार्मिकों के लिए सेवाकाल में दो वर्ष के अवकाश का उल्लेख है।
इस श्रेणी में प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और लिपिक संवर्ग के पद शामिल किए गए हैं। अवकाश स्वीकृति के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का उल्लेख किया गया है।
बाल्य देखभाल अवकाश के लिए आवेदन करने से पहले यह देखना जरूरी है कि संबंधित कर्मचारी के संवर्ग पर कौन-से नियम लागू होते हैं और आवेदन के साथ किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।
6. अर्जित या उपार्जित अवकाश
आदेश में अर्जित/उपार्जित अवकाश की व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है। इसमें संबंधित कार्मिकों के लिए सेवा अवधि के आधार पर अवकाश का विवरण दिया गया है।
उपलब्ध तालिका में प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक के लिए एक दिन प्रति सेवावर्ष तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और लिपिक संवर्ग के लिए 31 दिन प्रति सेवावर्ष का उल्लेख दिखाई देता है। इस श्रेणी में स्वीकृति देने वाले अधिकारी के रूप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का नाम दिया गया है।
इस प्रावधान को अपने पद पर लागू मानने से पहले संबंधित संवर्ग के सेवा नियमों और मूल सरकारी आदेश का मिलान करना जरूरी है।
7. असाधारण अवकाश
असाधारण अवकाश के लिए उपलब्ध आदेश में संबंधित कार्मिकों के सेवाकाल में पांच वर्ष का विवरण दिया गया है। इस श्रेणी में प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और लिपिक संवर्ग का उल्लेख है।
अवकाश स्वीकृति के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का नाम दिया गया है। असाधारण अवकाश की वास्तविक पात्रता, अवधि और शर्तें संबंधित कर्मचारी पर लागू सेवा नियमों के अनुसार निर्धारित होंगी।
अवकाश स्वीकृत कराने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अवकाश लेने से पहले कर्मचारी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह किस श्रेणी में आता है और उसके पद पर कौन-सा अवकाश नियम लागू है। इसके बाद संबंधित अधिकारी को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना चाहिए।
आदेश में अवकाश अवधि एवं स्वीकृति के संबंध में अन्य सामान्य निर्देश भी दिए गए हैं। इनमें स्पष्ट किया गया है कि अवकाश का दावा अधिकार के रूप में नहीं किया जा सकता। जनसेवा की अनिवार्यताओं और प्रशासनिक परिस्थितियों को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी अवकाश के आवेदन पर निर्णय ले सकता है।
इसलिए शिक्षकों और कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे छुट्टी लेने से पहले अपने विद्यालय के प्रधानाध्यापक, खंड शिक्षा अधिकारी या जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से लागू नियमों की पुष्टि कर लें।
