उत्तर प्रदेश प्रशासनिक फेरबदल: 7 आईएएस अधिकारियों के तबादले, आगरा और आजमगढ़ को मिले नए सीडीओ
उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए एक बार फिर बड़ा फेरबदल किया है। राज्य सरकार ने बुधवार को आदेश जारी करते हुए 7 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के विभागों में नई जिम्मेदारियां तय की हैं। इस फेरबदल में पंचायती राज निदेशालय के साथ-साथ दो अहम जिलों—आगरा और आजमगढ़—के मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) के चेहरे बदल दिए गए हैं। इसके अलावा, चिकित्सा शिक्षा विभाग में डीजीएमई पद को लेकर भी एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया गया है।
इन प्रमुख अफसरों को मिली नई जिम्मेदारी
प्रशासनिक गलियारों से सामने आई तबादला सूची के अनुसार, कई महत्वपूर्ण विभागों और जिलों की कमान नए अधिकारियों को सौंपी गई है:
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IAS transfer धीरेंद्र सिंह सचान: अब तक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे धीरेंद्र सिंह सचान को पंचायती राज विभाग का नया निदेशक बनाया गया है।
- कंडारकर कमलाकिशोर देशभूषण: मुजफ्फरनगर में मुख्य विकास अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे देशभूषण को अब आजमगढ़ का नया सीडीओ नियुक्त किया गया है।
- राकेश कुमार पटेल: आजमगढ़ के पूर्व सीडीओ राकेश कुमार पटेल का तबादला कर उन्हें चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में विशेष सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है।
- अमित कुमार: कानपुर देहात में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) के रूप में तैनात रहे अमित कुमार को प्रमोशन के बाद आगरा का नया मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बनाया गया है।
- प्रतिभा सिंह: आगरा की वर्तमान सीडीओ रहीं प्रतिभा सिंह को अब प्रमोट कर आगरा मंडल का अपर आयुक्त नियुक्त किया गया है।
- राजेश कुमार: आगरा मंडल के अपर आयुक्त रहे राजेश कुमार को नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन विभाग में विशेष सचिव के पद पर भेजा गया है।
- देवेंद्र कुमार सिंह कुशवाहा: राजस्व परिषद (न्यायिक) सदस्य के तौर पर प्रयागराज में सेवारत रहे देवेंद्र कुमार सिंह कुशवाहा को फिलहाल प्रतीक्षारत (Waitlisted) सूची में रखा गया है।
अब सिर्फ आईएएस अधिकारी ही बनेंगे ‘डीजीएमई’ (DGME)
प्रशासनिक तबादलों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। राज्य में अब महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (DGME) के महत्वपूर्ण पद पर केवल आईएएस अधिकारी की ही तैनाती की जाएगी।
इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। आपको बता दें कि हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा सेवा (चतुर्थ संशोधन) नियमावली, 2026’ पर मुहर लगी थी।
क्या था पुराना नियम और अब क्या है बदलाव?
- पहले क्या था: नियमों के मुताबिक, राज्य के मेडिकल कॉलेजों के वरिष्ठ प्रधानाचार्यों में से पदोन्नति के जरिए या फिर सचिव स्तर के किसी आईएएस अधिकारी को प्रतिनियुक्ति पर डीजीएमई बनाया जा सकता था।
- अब नया नियम क्या है: नई अधिसूचना के लागू होने के बाद अब इस पद पर केवल उन्हीं आईएएस अधिकारियों को नियुक्त किया जाएगा जिनका पे-मैट्रिक्स लेवल-14 या उससे ऊपर का होगा।
सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा से जुड़े संस्थानों और प्रशासनिक कार्यों में और अधिक पारदर्शिता लाना तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करना है।
