UP Weather News Today: यूपी में आज बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, पहाड़ों में बर्फबारी से गिरेगा तापमान

UP Weather News Today: यूपी में आज बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, पहाड़ों में बर्फबारी से गिरेगा तापमान

UP Weather News Today: उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम ने अचानक करवट ली है। प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी यूपी और एनसीआर से सटे इलाकों में मौसम का असर अधिक दिखाई दिया, जबकि पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में भी हल्की वर्षा हुई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके बाद 17 अक्टूबर से अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क होने की संभावना है।

पहाड़ी क्षेत्रों में हुई ताजा बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों के तापमान पर भी पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में सुबह और रात के समय ठंड का एहसास बढ़ने की संभावना है। हालांकि, जिलेवार मौसम की स्थिति अलग-अलग रह सकती है।

यूपी के इन जिलों में हुई बारिश, तेज हवाओं ने बदला मौसम

पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हुई। इस दौरान सामान्य रूप से 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। कुछ स्थानों पर हवा के झोंकों की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की जानकारी दी गई।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, मेरठ, नजीबाबाद, अलीगढ़ और आगरा सहित कई क्षेत्रों में वर्षा दर्ज की गई। एनसीआर से सटे इलाकों में भी बादलों और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। वहीं, पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मुजफ्फरनगर में सबसे अधिक 28.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मेरठ में 15.9 मिलीमीटर, नजीबाबाद में 8.4 मिलीमीटर, अलीगढ़ में 7.8 मिलीमीटर और आगरा में 6.8 मिलीमीटर वर्षा हुई।

बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से मौसम में बदलाव देखने को मिला। हालांकि, सभी जिलों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं रही। स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार कहीं हल्की तो कहीं अपेक्षाकृत अधिक वर्षा दर्ज की गई।

प्रयागराज सबसे गर्म, हरदोई में सबसे कम रहा न्यूनतम तापमान

प्रदेश में बारिश और बादलों की आवाजाही के बीच तापमान में भी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार को प्रयागराज में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके साथ ही प्रयागराज प्रदेश के सबसे गर्म स्थानों में पहले स्थान पर रहा।

दूसरी ओर, हरदोई में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दिन और रात के तापमान में अंतर बना हुआ है।

Mausam
Mausam

राजधानी लखनऊ में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई दिया। बृहस्पतिवार को आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही। यहां अधिकतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और यह 33.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री बढ़कर 22 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, शुक्रवार को भी राजधानी में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। शनिवार को बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है।

पहाड़ों में बर्फबारी से बढ़ेगी ठंड, कई मार्गों पर आवाजाही प्रभावित

पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहा। उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में भी मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई, जबकि कुछ मैदानी क्षेत्रों में तेज बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि दर्ज की गई।

जम्मू-कश्मीर के शोपियां, गुरेज, माछिल, गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम सहित कई पहाड़ी क्षेत्रों में हिमपात हुआ। पीर की गली में बर्फ जमा होने के कारण मुगल रोड पर यातायात प्रभावित हुआ। सड़क से बर्फ हटाने के बाद एकतरफा यातायात बहाल किए जाने की जानकारी भी सामने आई।

मनाली-लेह राजमार्ग और अटल टनल मार्ग के आसपास भी बर्फबारी के कारण आवाजाही प्रभावित होने की खबर है। पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान गिरने के साथ ठंड बढ़ गई है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, श्रीनगर में अधिकतम तापमान 17.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, जम्मू में अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

17 अक्टूबर से यूपी में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर प्रदेश में शुक्रवार तक पश्चिमी विक्षोभ का असर बना रह सकता है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद 17 अक्टूबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

मौसम में बदलाव के पीछे उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण को प्रमुख कारण बताया गया है। उत्तरी पंजाब और आसपास के इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। दक्षिणी हरियाणा के आसपास भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से उत्तर भारत के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।

पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश के बाद तापमान में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, उत्तर प्रदेश में ठंड कितनी बढ़ेगी, यह आने वाले दिनों की स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

प्रदेश के लोगों को सलाह है कि तेज हवाओं और बारिश के दौरान स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर ध्यान दें। खुले स्थानों और कमजोर ढांचों के आसपास सावधानी बरतें। किसी जिले के लिए जारी विशेष चेतावनी की जानकारी संबंधित मौसम विभाग या जिला प्रशासन के आधिकारिक अपडेट से ही प्राप्त करें।

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