यूपी में विज्ञान-गणित के 50% सहायक अध्यापकों की वरिष्ठता निर्धारण को लेकर 2013 में जारी हुआ था शासनादेश, जानिए क्या था प्रावधान
लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान एवं गणित विषय के सहायक अध्यापकों की नियुक्ति और वरिष्ठता निर्धारण को लेकर 6 अगस्त 2013 को शासनादेश जारी किया गया था। इस शासनादेश में सीधी भर्ती और पदोन्नति से नियुक्त अध्यापकों की वरिष्ठता सूची तैयार करने के संबंध में संशोधन किया गया था।
क्या था शासनादेश का मुख्य विषय?
चित्र में उपलब्ध शासनादेश के अनुसार, उत्तर प्रदेश शासन के शिक्षा अनुभाग-5 द्वारा जारी पत्र संख्या 3016/79-5-2013, दिनांक 6 अगस्त 2013, का विषय विज्ञान एवं गणित विषय के 50 प्रतिशत अध्यापकों का वरिष्ठता निर्धारण था।
इसमें पूर्व में जारी शासनादेश संख्या 2651/79-5-2012-1(4)/13, दिनांक 11 जुलाई 2013 के प्रस्तर-5 में संशोधन किया गया था।
सीधी भर्ती और पदोन्नति के शिक्षकों की वरिष्ठता का प्रावधान
संशोधित प्रावधान के अनुसार, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों की वरिष्ठता सूची सीधी भर्ती से आए अध्यापकों और पदोन्नति प्राप्त अध्यापकों को सम्मिलित करते हुए तैयार की जानी थी।
इसमें वरिष्ठता सूची में निम्न व्यवस्था निर्धारित की गई थी:
प्रथम स्थान: पदोन्नति प्राप्त अध्यापक।
द्वितीय स्थान: सीधी भर्ती से नियुक्त अध्यापक।
अर्थात, इस संशोधन के तहत संबंधित वरिष्ठता सूची में पदोन्नति प्राप्त अध्यापकों को पहले और सीधी भर्ती से आए अध्यापकों को दूसरे स्थान पर रखने का प्रावधान किया गया था।
किस अधिकारी ने जारी किया था आदेश?
यह शासनादेश उत्तर प्रदेश शासन के शिक्षा अनुभाग-5 से जारी हुआ था। दस्तावेज पर सुनील कुमार, प्रमुख सचिव के हस्ताक्षर अंकित हैं।
यह दस्तावेज वर्ष 2013 में जारी शासनादेश का विवरण प्रस्तुत करता है। वर्तमान में वरिष्ठता निर्धारण पर इसका क्या प्रभाव है, यह संबंधित नियमों, बाद के शासनादेशों, संशोधनों और न्यायालय के निर्णयों पर निर्भर करेगा।
