11508 शिक्षक भर्ती में अवसर को हाईकोर्ट पहुंची किन्नर
प्रयागराज । नगर क्षेत्र के परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 11508 सहायक अध्यापक भर्ती में अवसर दिए जाने की मांग को लेकर किन्नर ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बरेली की किन्नर की ओर से दायर याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होनी है। उक्त ट्रांसजेंडर का कहना है कि ऑनलाइन ओटीआर (एकल अवसरीय पंजीकरण) में तो महिला व पुरुष के अलावा ट्रांसजेंडर का विकल्प है लेकिन शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन के समय केवल महिला और पुरुष का विकल्प ही मिल रहा है।
इसके चलते वह अपने वर्ग में आवेदन नहीं कर पा रही है। दो किन्नरों ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पहुंचकर समस्या बताई थी लेकिन आवेदन के पोर्टल में संशोधन नहीं होने पर उनमें से एक ने हाईकोर्ट में याचिका कर दी है। इस मामले में चयन आयोग के पीआरओ डॉ. संजय कुमार सिंह का कहना है कि किन्नर के हाईकोर्ट में पहुंचने की जानकारी मिली है। विधिक कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन बुधवार को पूरे हो गए और त्रुटि संशोधन के लिए 18 अक्तूबर तक पोर्टल खुला रहेगा।
किन्नरों को मिलता है ओबीसी वर्ग का आरक्षण
सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल 2014 को ट्रांसजेंडर को थर्ड जेंडर के रूप में मान्यता देते हुए शिक्षा एवं नौकरी में उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग का लाभ देने के निर्देश दिए थे। शीर्ष कोर्ट का कहना था कि शिक्षा व नौकरी में उन्हें पुरुष या महिला लिखने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। पूर्व में 2015 में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती में ट्रांसजेंडर के लिए भी आवेदन का विकल्प दिया था। उस समय प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) के लिए 47 और प्रवक्ता (पीजीटी) के 22 अभ्यर्थियों ने ट्रांसजेंडर कैटगरी में आवेदन किया था।
