लखनऊ में बाढ़ से 40 स्कूलों पर लटका ताला, विद्यालयों को बंद रखने के निर्देश
लखनऊ। गोमती नदी में आई बाढ़ के चलते राजधानी लखनऊ के कई सरकारी और निजी विद्यालय प्रभावित हुए हैं। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए करीब 40 विद्यालयों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। बाढ़ का पानी स्कूल परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचने से पठन-पाठन प्रभावित हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार बख्शी का तालाब, काकोरी, गाजीपुर, घैला और जेहटा क्षेत्र के कई विद्यालय बाढ़ से प्रभावित हैं। कुछ स्कूलों में पानी काफी अधिक भर गया है, जिसके कारण बच्चों को विद्यालय बुलाना जोखिम भरा माना गया है।
बख्शी का तालाब में तीन फीट तक पानी
बख्शी का तालाब क्षेत्र के कई सरकारी विद्यालयों में करीब तीन फीट तक पानी भरने की स्थिति बताई गई है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रभावित विद्यालयों को बंद कर दिया गया है। इनमें प्राथमिक विद्यालय लासा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय इकौड़िया कला, प्राथमिक विद्यालय इकौड़िया कला, प्राथमिक विद्यालय दुपरा, बेसिक विद्यालय यमुनानवा और प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर सहित अन्य विद्यालय शामिल हैं।
काकोरी में भी कई विद्यालय प्रभावित
काकोरी ब्लॉक के कई प्राथमिक विद्यालयों में पानी कमर तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बीएसए ने एआरपी को मौके पर भेजकर स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद प्रभावित विद्यालयों को अग्रिम आदेश तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इस दौरान शिक्षकों को ऑनलाइन गतिविधियों के माध्यम से विद्यालय से जुड़े जरूरी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यालय बंद रहने के दौरान भी शैक्षिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
गाजीपुर बलराम और घैला के स्कूल भी प्रभावित
फैजुल्लागंज बाढ़ क्षेत्र के गाजीपुर बलराम स्थित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में करीब तीन फीट तक पानी भरने की बात सामने आई है। वहीं प्राथमिक विद्यालय घैला की स्थिति भी गंभीर बताई गई है।
अधिकारियों के अनुसार पानी कम होने के बाद विद्यालय भवन की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाएगी। इसके बाद ही बच्चों को दोबारा विद्यालय बुलाने का निर्णय लिया जाएगा।
बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पानी पूरी तरह कम होने और विद्यालय परिसर को सुरक्षित पाए जाने के बाद ही नियमित कक्षाएं शुरू की जाएंगी।
ऐसे में लखनऊ के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले अभिभावकों और शिक्षकों को विभाग की ओर से जारी अगले आदेश का इंतजार करना होगा।
