USING RANDOMISED MAC IN WIFI :वाईफाई में रैंडमाइज्ड मैक का उपयोग
USING RANDOMISED MAC IN WIFI:

रैंडमाइज्ड मैक (MAC) एड्रेस का मतलब है, एक ऐसा मैक एड्रेस जो हर बार वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट होने पर बदल जाता है, जिससे आपकी डिवाइस की पहचान को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। यह सुविधा आपकी गोपनीयता को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति आपके डिवाइस के नियमित मैक एड्रेस का उपयोग करके आपकी ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक न कर पाए.
विस्तार से:
MAC एड्रेस क्या है?
मैक (Media Access Control) एड्रेस एक अद्वितीय 12-अंकीय हेक्साडेसिमल संख्या है जो आपके डिवाइस के नेटवर्क इंटरफेस (जैसे वाई-फाई कार्ड) को दी जाती है, जो इसे नेटवर्क पर पहचानती है.
रैंडमाइज्ड MAC एड्रेस का उपयोग क्यों करें?
जब आप किसी सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट होते हैं, तो आपका डिवाइस एक नया, रैंडमाइज्ड मैक एड्रेस उत्पन्न करता है, जो आपके वास्तविक मैक एड्रेस को छुपाता है.
यह कैसे काम करता है?
जब आप किसी नेटवर्क से कनेक्ट होने का प्रयास करते हैं, तो आपका डिवाइस एक यादृच्छिक मैक एड्रेस बनाता है और उसे नेटवर्क पर प्रसारित करता है। यदि नेटवर्क इस सुविधा का समर्थन करता है, तो यह आपके वास्तविक मैक एड्रेस को ट्रैक करने के बजाय इस रैंडमाइज्ड मैक एड्रेस का उपयोग करेगा.
गोपनीयता लाभ:
रैंडमाइज्ड मैक एड्रेस का उपयोग करके, आप अपनी गोपनीयता की रक्षा कर सकते हैं क्योंकि यह किसी को भी आपके डिवाइस की ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक करने से रोकता है।
नुकसान:
कुछ मामलों में, रैंडमाइज्ड मैक एड्रेस का उपयोग करने से नेटवर्क कनेक्टिविटी में समस्या आ सकती है, खासकर उन नेटवर्क में जो विशिष्ट मैक एड्रेस के आधार पर डिवाइस को एक्सेस करने की अनुमति देते हैं.
उदाहरण:
Apple के iOS, iPadOS और macOS जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम, और Android 10 और इसके बाद के संस्करण में रैंडमाइज्ड मैक एड्रेस का उपयोग किया जाता है.
संक्षेप में, रैंडमाइज्ड मैक एड्रेस एक उपयोगी सुविधा है जो आपकी ऑनलाइन गोपनीयता को बेहतर बनाने में मदद करती है, लेकिन इसके कुछ संभावित नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं.