परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में सात साल बाद आई भर्ती में पदों की संख्या को लेकर लाखों बेरोजगारों में असंतोष पनप रहा है। एक तरफ डीएलएड और टीईटी पास बेरोजगार पदों की संख्या बढ़ाकर कम से कम 60 हजार करने को लेकर आंदोलन कर रहे हैं तो दूसरी तरफ बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर हजारों रिक्त पद दबाए बैठे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों ने नगर क्षेत्र के स्कूलों में सहायक अध्यापकों के केवल 11,508 रिक्त पदों की सूचना उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजी है।
आठ साल पहले शुरू हुई 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती में रिक्त 27,713 पदों पर चयन की कार्रवाई दो साल बाद भी शुरू नहीं हो सकी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 33/30 कटऑफ विवाद को खारिज करते हुए अगस्त 2024 के अंत में बेसिक शिक्षा विभाग को दो महीने में रिक्त 27,713 पदों पर नए सिरे से भर्ती शुरू करने के आदेश दिए थे। इस बीच शिक्षामित्र, बीटीसी और डीएलएड अभ्यर्थियों ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने पहले विशेष अनुज्ञा याचिका खारिज की। उसके बाद दाखिल क्यूरेटिव पेटीशन को पांच न्यायाधीशों की पीठ ने सात अक्तूबर 2025 को खारिज कर दी थी। उसके बाद से 27713 पदों पर भर्ती को लेकर कोई अड़चन नहीं बची है। इसके बावजूद अधिकारियों ने इन पदों की सूचना चयन आयोग को नहीं भेजी।
