शिक्षक की हत्या का आरोपी शिक्षक सस्पेंड, संपत्ति विवाद में सुपारी देकर हत्या

शिक्षक की हत्या का आरोपी शिक्षक सस्पेंड, संपत्ति विवाद में सुपारी देकर हत्या

मैनपुरी। जिले में शिक्षक यशपाल सिंह की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। हत्या के मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए उच्च प्राथमिक विद्यालय रूई के सहायक अध्यापक रामपाल को बेसिक शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। रामपाल पर आरोप है कि उसने संपत्ति हड़पने की नीयत से भाड़े के हत्यारों के जरिए अपने शिक्षक साथी यशपाल सिंह की हत्या कराई।

जानकारी के अनुसार, यशपाल सिंह की 21 सितंबर 2026 को हत्या कर दी गई थी। वह उस्मानपुर के सहायक अध्यापक थे। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। 26 सितंबर को प्रकाशित समाचारों में सहायक अध्यापक रामपाल को हत्या का आरोपी बताया गया था। इसके बाद बीएसए कार्यालय को मामले से संबंधित जानकारी मिली।

पुलिस की जांच में सामने आया रामपाल का नाम

बीएसए सूर्य प्रताप सिंह के अनुसार, खंड शिक्षा अधिकारी सुल्तानगंज ने 26 सितंबर को शिक्षक यशपाल सिंह की हत्या के संबंध में जानकारी दी। सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह के पत्र से भी रामपाल के खिलाफ दर्ज मामले की पुष्टि हुई। पुलिस के अनुसार, रामपाल पर संपत्ति हड़पने की नीयत से भाड़े के हत्यारों से यशपाल सिंह की गोली मारकर हत्या कराने का आरोप है।

मामले में रामपाल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने भी विभागीय कार्रवाई की है। बीएसए ने प्रथम दृष्टया रामपाल को सत्यनिष्ठा और कर्तव्यपरायणता का पालन नहीं करने का दोषी माना है। इसी आधार पर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

भाइयों और भतीजों को फंसाने की भी साजिश का आरोप

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि हत्या की साजिश के पीछे केवल संपत्ति विवाद ही नहीं था। पुलिस के मुताबिक, रामपाल को यशपाल सिंह पर अवैध संबंधों को लेकर भी शक था और वह इससे परेशान रहता था। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।

बताया गया है कि हत्या के बाद रामपाल ने कई बार अपने बयान बदले। पुलिस के अनुसार, एसपी गणेश प्रसाद साहा से पूछताछ के दौरान उसके बयानों में विरोधाभास सामने आया। इसके बाद पुलिस को उस पर संदेह हुआ और पूछताछ आगे बढ़ाई गई।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान रामपाल टूट गया और उसने यशपाल सिंह की हत्या के लिए सुपारी देने की बात स्वीकार की। साथ ही आरोप है कि उसने जमीन के विवाद में अपने भाइयों और दो भतीजों को हत्या के मामले में फंसाने की योजना भी बनाई थी।

निलंबन अवधि में मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता

बीएसए सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि रामपाल पर उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 के नियम 3(1)(2) के उल्लंघन का आरोप है। विभाग ने प्रथम दृष्टया उसकी सत्यनिष्ठा और कर्तव्यपरायणता पर सवाल पाए हैं।

निलंबन अवधि में रामपाल को वित्तीय हस्तपुस्तिका में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। मामले की विभागीय जांच के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया जाएगा और आरोप पत्र भी अलग से जारी किया जाएगा।

उधर, हत्या के मामले में पुलिस की जांच जारी है। पुलिस की कार्रवाई और विभागीय जांच के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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