परिषदीय शिक्षकों व कर्मचारियों के कैशलेस इलाज के लिए 162 करोड़ का बजट जारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से 162 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। इस राशि का उपयोग बेसिक शिक्षा परिषद के कार्मिकों को कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा।
साचीज को जारी की गई धनराशि
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) को 162 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस धनराशि से संबंधित व्यवस्था के तहत पात्र कार्मिकों को कैशलेस उपचार की सुविधा मिलती रहेगी।
बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश
इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव लाल मणि यादव की ओर से आदेश जारी किया गया है। विभाग की ओर से धनराशि जारी किए जाने का उद्देश्य परिषदीय कार्मिकों के लिए कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था को जारी रखना है, ताकि जरूरत पड़ने पर पात्र शिक्षक और कर्मचारी निर्धारित प्रावधानों के अनुसार उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकें।
शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
बीमारी या किसी आकस्मिक चिकित्सा आवश्यकता के समय इलाज का खर्च कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी चिंता बन सकता है। ऐसे में कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए धनराशि जारी होने से संबंधित योजना के संचालन में मदद मिलेगी। इससे पात्र कार्मिकों को निर्धारित नियमों और योजना में शामिल अस्पतालों के माध्यम से उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था को समर्थन मिलेगा।
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