यूपी स्कूल टाइमिंग: 21 अक्टूबर से बदल जाएगा परिषदीय विद्यालयों का समय, शिक्षकों को 15 मिनट पहले और 3:30 रुकना अनिवार्य

यूपी स्कूल टाइमिंग: 21 अक्टूबर से बदल जाएगा परिषदीय विद्यालयों का समय, शिक्षकों को 15 मिनट पहले और 3:30 रुकना अनिवार्य

उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में परिषदीय विद्यालयों के संचालन समय में बदलाव किया गया है। जिले के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में अब सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक शिक्षण कार्य होगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति की ओर से जारी आदेश के अनुसार, नई समय-सारिणी 21 अक्टूबर 2026 से लागू होगी और 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। इस बदलाव के साथ शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए विद्यालय में समय से पहले पहुंचना भी अनिवार्य किया गया है।

21 अक्टूबर से लागू होगी नई स्कूल टाइमिंग

मथुरा जिले के परिषदीय विद्यालयों में मौसम के बदलाव को ध्यान में रखते हुए स्कूल संचालन का समय संशोधित किया गया है। नई व्यवस्था के तहत विद्यालय सुबह 9:00 बजे खुलेंगे और दोपहर 3:00 बजे तक संचालित होंगे। इसका असर जिले के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों पर पड़ेगा।

इससे पहले गर्मी और उमस को देखते हुए विद्यालयों का समय सुबह 8:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक निर्धारित किया गया था। अब मौसम सामान्य होने के बाद स्कूलों की समय-सारिणी में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नियमित शिक्षण कार्य और विद्यालय की अन्य गतिविधियों का संचालन करना है।

शिक्षकों को 15 मिनट पहले पहुंचना होगा

जारी आदेश में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय के अनुसार शिक्षण कार्य शुरू होने से 15 मिनट पहले सभी संबंधित कर्मचारियों को विद्यालय में उपस्थित होना होगा।

इसका अर्थ है कि जब विद्यालय में शिक्षण कार्य सुबह 9:00 बजे शुरू होना है, तो शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सुबह 8:45 बजे तक विद्यालय पहुंचना होगा। समय से पहले उपस्थिति सुनिश्चित करने से प्रार्थना सभा, विद्यार्थियों की तैयारी और अन्य आवश्यक गतिविधियों को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने में मदद मिलेगी।

विद्यालयों में निर्धारित समय का पालन करना सभी संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी होगी। इसलिए शिक्षकों को अपनी दिनचर्या इसी समय-सारिणी के अनुसार व्यवस्थित करनी होगी।

शिक्षण कार्य समाप्त होने के बाद 30 मिनट रुकना अनिवार्य

नए निर्देशों में केवल सुबह समय से पहुंचने की बात ही नहीं कही गई है, बल्कि शिक्षण कार्य समाप्त होने के बाद विद्यालय में रुकने के संबंध में भी निर्देश दिए गए हैं। आदेश के अनुसार, शिक्षण अवधि पूरी होने के बाद शिक्षकों और संबंधित कर्मचारियों को कम से कम 30 मिनट तक विद्यालय में रुककर विभागीय कार्यों का संपादन करना होगा।

इस अवधि में विद्यालय से जुड़े आवश्यक अभिलेखों, शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा, विभागीय निर्देशों के अनुपालन और अन्य जरूरी कार्यों को पूरा किया जा सकेगा। शिक्षकों को निर्धारित शिक्षण समय के साथ-साथ विभागीय जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करना होगा।

इस प्रकार, विद्यालय का निर्धारित संचालन समय दोपहर 3 बजे तक होने के बाद भी शिक्षकों को कम से कम 30 मिनट अतिरिक्त रुकना होगा।

31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी नई व्यवस्था

मथुरा जनपद में लागू की गई नई समय-सारिणी 21 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में जिले के संबंधित परिषदीय विद्यालयों को निर्धारित समय के अनुसार संचालित किया जाएगा।

विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी समय-सारिणी और उपस्थिति संबंधी निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराना होगा। शिक्षकों को सलाह है कि वे अपने विद्यालय में प्राप्त आधिकारिक आदेश का अवलोकन करें, ताकि किसी प्रकार की गलतफहमी न रहे।

मथुरा के शिक्षकों और अभिभावकों के लिए जरूरी जानकारी

 

स्कूलों के समय में बदलाव से शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित होगी। अभिभावकों को बच्चों को सुबह 9 बजे तक विद्यालय पहुंचाने की व्यवस्था करनी होगी। वहीं, शिक्षकों को सुबह 8:45 बजे तक उपस्थित रहना होगा और शिक्षण कार्य समाप्त होने के बाद कम से कम 30 मिनट विभागीय कार्यों के लिए रुकना होगा।

 

यह आदेश मथुरा जनपद के परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों के लिए बताया गया है। इसे पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में लागू आदेश नहीं माना जाना चाहिए। अन्य जिलों के शिक्षक अपने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी या संबंधित विभाग की ओर से जारी निर्देशों के आधार पर विद्यालय का समय सुनिश्चित करें।

 

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