यूपी के सभी परिषदीय शिक्षकों के दस्तावेजों का होगा सत्यापन, हाईकोर्ट के आदेश पर शिक्षा विभाग सख्त, STF करेगी जांच
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत परिषदीय शिक्षकों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। प्रदेश के कक्षा 1 से 8 तक के परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के शैक्षिक और नियुक्ति संबंधी अभिलेखों का सत्यापन कराया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा निदेशक (बेसिक), उत्तर प्रदेश की ओर से आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
बताया गया है कि यह पूरी कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन कुसुमलता बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले में 16 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश के अनुपालन में की जा रही है। इसके तहत शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों से लेकर नियुक्ति के समय निर्धारित योग्यता और अन्य जरूरी अभिलेखों की जांच की जाएगी।
इस प्रक्रिया में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), खंड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाध्यापक और मंडलीय अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। वहीं, शिक्षकों के दस्तावेजों के सत्यापन के लिए एसटीएफ (STF) को भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
किन-किन दस्तावेजों की देनी होगी छायाप्रति?
जारी निर्देशों के अनुसार, संबंधित शिक्षकों को अपने शैक्षिक और नियुक्ति संबंधी अभिलेखों की स्पष्ट एवं पठनीय प्रतियां उपलब्ध करानी होंगी। इन दस्तावेजों के माध्यम से यह जांच की जाएगी कि शिक्षक की नियुक्ति के समय निर्धारित शैक्षिक योग्यता और प्रशिक्षण संबंधी अर्हताएं पूरी थीं या नहीं।
शिक्षकों को मुख्य रूप से निम्नलिखित अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे:
* नियुक्ति पत्र की प्रति।
* हाईस्कूल का प्रमाणपत्र।
* इंटरमीडिएट का प्रमाणपत्र।
* स्नातक की अंकतालिका एवं प्रमाणपत्र।
* बीएड, बीटीसी, डीएलएड, बीएलएड सहित प्रशिक्षण संबंधी प्रमाणपत्र।
* टीईटी (TET) अथवा सीटीईटी (CTET) प्रमाणपत्र।
* नियुक्ति के समय आवश्यक अन्य शैक्षिक एवं योग्यता संबंधी अभिलेख।
इन सभी दस्तावेजों की प्रतियां निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जमा करनी होंगी। इसलिए शिक्षकों को अपने अभिलेख पहले से व्यवस्थित कर लेने चाहिए, ताकि संबंधित कार्यालय की ओर से सूचना जारी होने पर उन्हें जमा करने में परेशानी न हो।
BSA के नोटिस के एक सप्ताह के भीतर जमा करने होंगे दस्तावेज
दस्तावेज जमा करने के लिए भी समय-सीमा निर्धारित की गई है। संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से अधिसूचना जारी किए जाने के एक सप्ताह के भीतर शिक्षकों को निर्धारित अभिलेख उपलब्ध कराने होंगे।
इस प्रक्रिया में प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित करेंगे कि वे अपने विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों से सभी आवश्यक दस्तावेज और शपथ पत्र निर्धारित समय के भीतर प्राप्त करें।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी शिक्षक का अभिलेख निर्धारित समय-सीमा के कारण सत्यापन प्रक्रिया से छूटने न पाए।
नोटरी शपथ पत्र में देना होगा निकट संबंधियों का विवरण
इस सत्यापन प्रक्रिया में केवल शैक्षिक प्रमाणपत्र और नियुक्ति पत्र ही नहीं, बल्कि शिक्षकों को नोटरी से सत्यापित शपथ पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
शपथ पत्र में उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अथवा उससे उच्च पद पर कार्यरत या सेवानिवृत्त निर्धारित निकट संबंधियों का विवरण देना होगा।
यदि किसी शिक्षक का ऐसा कोई निकट संबंधी नहीं है, तो उसे शपथ पत्र में इस बात का स्पष्ट उल्लेख करना होगा।
इस व्यवस्था के तहत शिक्षकों से संबंधित जानकारी को निर्धारित प्रारूप में एकत्र किया जाएगा। इसलिए शपथ पत्र तैयार कराते समय उसमें मांगी गई सभी जानकारियों को ध्यानपूर्वक भरना जरूरी होगा।
STF करेगी अभिलेखों का सत्यापन, अधिकारियों की भी तय होगी जिम्मेदारी
दस्तावेजों के संकलन के बाद सत्यापन की अगली प्रक्रिया शुरू होगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्राप्त अभिलेखों के आधार पर प्रत्येक शिक्षक से संबंधित आवश्यक सूचनाओं की एक्सेल शीट तैयार की जाएगी।
इसमें शिक्षक का नाम, नियुक्ति की तिथि, शैक्षणिक योग्यता, नियुक्ति के समय निर्धारित न्यूनतम योग्यता और संबंधित मेरिट सहित अन्य विवरण शामिल किए जाएंगे।
इसके बाद तैयार की गई एक्सेल शीट और संबंधित दस्तावेजों को सत्यापन के लिए एसटीएफ के संबंधित रेंज कार्यालय भेजा जाएगा। इस प्रकार दस्तावेजों की जांच जिला स्तर से आगे बढ़कर निर्धारित सत्यापन व्यवस्था के माध्यम से पूरी की जाएगी।
पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला, मंडल और प्रदेश स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी भी निर्धारित की गई है।
* जिला स्तर: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अभिलेखों के संकलन और सूचना उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार होंगे।
* मंडल स्तर: मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
* प्रदेश स्तर: सचिव, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
इसके साथ ही प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। निर्धारित कार्यों में लापरवाही या अनावश्यक देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों का व्यक्तिगत उत्तरदायित्व तय करते हुए कार्रवाई की बात कही गई है।
### 4 नवंबर को महत्वपूर्ण तारीख, शिक्षकों को अभी से तैयार रखने चाहिए अभिलेख
इस मामले में 4 नवंबर 2026 की तारीख महत्वपूर्ण बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने और आगे की सुनवाई अथवा विचार के लिए यह तिथि निर्धारित है।
ऐसे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने निर्धारित समय के भीतर दस्तावेजों का संकलन और सत्यापन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी होगी।
शिक्षकों के लिए जरूरी बात: सभी परिषदीय शिक्षक अपने नियुक्ति पत्र, शैक्षिक प्रमाणपत्र, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और TET/CTET से संबंधित अभिलेखों की स्पष्ट प्रतियां तैयार रखें। साथ ही नोटरी शपथ पत्र में मांगी गई जानकारी को भी समझ लें। दस्तावेज जमा करने की अंतिम समय-सीमा के लिए अपने जिले के BSA कार्यालय से जारी होने वाले निर्देशों पर ध्यान दें।
फिलहाल इस प्रक्रिया में शिक्षकों के दस्तावेजों का संकलन, अधिकारियों की जिम्मेदारी और एसटीएफ के माध्यम से सत्यापन प्रमुख विषय हैं। संबंधित जिलों में जारी होने वाले निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

