कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों को मिलेगा वेतन लाभ, यूपी के 700 से अधिक शिक्षकों को राहत 

कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों को मिलेगा वेतन लाभ, यूपी के 700 से अधिक शिक्षकों को राहत 

उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यवाहक प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी निभा रहे शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। कुशीनगर जिले में ऐसे 700 से अधिक शिक्षकों को प्रधानाध्यापक पद के वेतन लाभ मिलने की उम्मीद जगी है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने इस मामले में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इससे लंबे समय से विद्यालयों में प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी संभाल रहे पात्र शिक्षकों को राहत मिल सकती है।

 

हाईकोर्ट के आदेश के बाद जारी हुए संशोधित दिशा-निर्देश

 

समाचार रिपोर्ट के अनुसार, बेसिक शिक्षा विभाग ने कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों के वेतन लाभ से जुड़े मामले में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लंबे समय से शिक्षक प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उसी पद के अनुरूप वेतन लाभ दिए जाने की मांग कर रहे थे।

 

विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद रिक्त होने या पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण कई वरिष्ठ सहायक अध्यापकों को कार्यवाहक प्रधानाध्यापक का दायित्व सौंपा गया है। ऐसे शिक्षक विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था संभालने के साथ-साथ शिक्षण कार्य भी करते हैं।

 

पांच साल की सेवा पूरी करने वाले पात्र शिक्षकों को मिल सकता है लाभ

 

खबर में दी गई जानकारी के मुताबिक, पांच साल की सेवा पूरी करने वाले पात्र शिक्षकों को वेतन लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसका लाभ संबंधित शिक्षक की वास्तविक सेवा अवधि, कार्य की स्थिति और विभागीय पात्रता की जांच के बाद ही मिल सकेगा।

जिले के परिषदीय विद्यालयों में वर्ष 2016 के बाद प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में पद रिक्त रहने की बात सामने आई है। ऐसे विद्यालयों में वरिष्ठ सहायक अध्यापकों को कार्यवाहक प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी दी गई। अब संशोधित दिशा-निर्देशों के बाद इन शिक्षकों की मांग पर विचार किए जाने की उम्मीद बढ़ी है।

 

अधिकारियों को करनी होगी शिक्षकों की पात्रता की जांच

 

समाचार रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को शिक्षकों की सेवा अवधि और उनके वास्तविक कार्य की स्थिति का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि संबंधित शिक्षक ने कम से कम पांच साल की सेवा पूरी की है या नहीं और वह वास्तव में प्रधानाध्यापक का दायित्व निभा रहा है या नहीं।

 

पात्रता की जांच पूरी होने के बाद ही संबंधित शिक्षकों को वेतन लाभ दिए जाने के संबंध में निर्णय हो सकेगा। इसलिए सभी कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों के लिए यह समझना जरूरी है कि केवल जिम्मेदारी संभालने के आधार पर लाभ मिलना स्वतः सुनिश्चित नहीं है।

 

शिक्षकों को क्या करना चाहिए?

 

कार्यवाहक प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी निभा रहे शिक्षकों को अपनी सेवा अवधि, कार्यभार ग्रहण करने से संबंधित आदेश और अन्य जरूरी सेवा अभिलेख व्यवस्थित रखने चाहिए। साथ ही, वेतन लाभ के संबंध में अपने खंड शिक्षा अधिकारी या जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से विभागीय निर्देशों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

 

फिलहाल, उपलब्ध समाचार के आधार पर कुशीनगर जिले के 700 से अधिक शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है। अंतिम लाभ संबंधित शिक्षक की पात्रता और विभागीय सत्यापन पर निर्भर करेगा। शिक्षकों को वेतन लाभ की निश्चित तारीख या भुगतान की राशि के बारे में आधिकारिक आदेश के बिना कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।

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