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Basic Shikshak khabar 2023:B.Ed vs BTC : बीएड करने वालों के लिए बुरी ख़बर, केवल BTC वाले बन पाएंगे शिक्षक, पढ़ें विस्तृत

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नमस्कार दोस्तों मैं जे एम कुशवाहा आज आप लोगों को इस पोस्ट में बेसिक शिक्षा से रिलेटेड  इस पोस्ट में दी गई सभी जानकारियां विभिन्न स्रोतों से ली गई है यदि आप को किसी भी जानकारी में कोई भी डाउट लगे तो आप हमें ईमेल के जरिए  मैसेज कर सकते हैं या आप उस जानकारी रिलेटेड गूगल पर ऑथेंटिक साइट पर जाकर देख  सकते हैं|

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Basic Shikshak Kabar: एक ब्लॉक पोस्ट में हम आपको बेसिक शिक्षा विभाग से संबंधित सभी जिलों में होने वाले आए दिन प्रमुख अपडेट को साझा करेंगे जिससे बेसिक शिक्षा में होने वाली समस्त जानकारियों व जिलों में होने वाले विभिन्न कार्यक्रम हुआ आदेशों का पता सा समय होता है

बीएड करने वालों के लिए बुरी ख़बर, केवल BTC वाले बन पाएंगे शिक्षक

*B.Ed vs BTC : बीएड करने वालों के लिए बुरी ख़बर, केवल BTC वाले बन पाएंगे शिक्षक*

➡️BEd vs BTC : बीएड और बीटीसी (B.Ed BTC) करने वाले तमाम उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी और कहीं ना कहीं एक बुरी खबर आ रही है। भारत सरकार द्वारा दाखिल की गई एक याचिका की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा निर्णय दिया है और इस निर्णय को लेकर हम नीचे आपको सभी महत्वपूर्ण बातें बता रहे हैं। यह निर्णय बीएड (B.Ed) करने वाले और बीटीसी (BTC) करने वाले उम्मीदवारों के लिए है जो शिक्षक बनने की राह पर चल रहे थे।

➡️दरअसल बीएड (B.Ed) बनाम बीटीसी डीएलएड (BTC/DElEd) केस में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान उच्च न्यायालय के पुराने फैसले को सही करार दिया है और प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए बीएड करने वाले उम्मीदवारों को अयोग्य करार दिया है। इस निर्णय के आने से एक बड़ा भूचाल कहीं ना कहीं बीएड (B.Ed)करने वाले के साथ आ गया है और अब इस मुद्दे पर एक बड़ी बहस भी छेड़ रही है जो कहीं ना कहीं इस निर्णय को लेकर कुछ सही बातें और कुछ गलत बातें बताने की ओर बढ़ सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंततः यह निर्णय लिया गया कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने जो फैसला दिया था कि बीएड करने वाले उम्मीदवार प्राथमिक शिक्षकों की दावेदारी से बाहर रहेंगे उसी को अब सुप्रीम कोर्ट ने भी भारत सरकार द्वारा दाखिल की गई याचिका की सुनवाई में जारी रखा है और राजस्थान उच्च न्यायालय के फैसले को कहीं ना कहीं तवज्जो दी है।

Basic Shikshak Khabar

➡️आपकी जानकारी के लिए बताते हैं कि बीएड (B.Ed) करने वाले सभी उम्मीदवार अब प्राथमिक विद्यालयों (Primary School) में शिक्षक बनने की दावेदारी से बाहर हो गए हैं और वह प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक नहीं बन पाएंगे फिलहाल के लिए आगे आने वाली सभी भारतीयों के लिए यह निर्णय मान्य होगा। फिलहाल के लिए आगे जो भी अपडेट होगी हम आपको सबसे पहले देने का काम करेंगे लेकिन उच्चतम न्यायालय द्वारा बीएड और बीटीसी कैंडिडेट के लिए यह बड़ा निर्णय कहीं ना कहीं एक दूरगामी परिणाम के रूप में सामने आ सकता है। यहां साफ-साफ कहने का मतलब यह है कि बीएड करने वाले कैंडिडेट अब प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक नहीं बन पाएंगे और केवल बीटीसी करने वाले उम्मीदवार की प्राइमरी स्कूलों में प्राणी प्राथमिक विद्यालयों में अब शिक्षण कार्य कर पाएंगे।

➡️ *NCTE का नोटिफिकेशन, जिससे शुरू हुआ विवाद* -[Basic Shikshak khabar]

NCTE ने साल 2018 में एक नोटिफिकेशन जारी कर B.Ed. डिग्रीधारकों को भी REET लेवल प्रथम के लिए योग्य माना था। NCTE ने यह भी कहा था कि अगर B.Ed. डिग्रीधारी लेवल-1 में पास होते हैं, तो उन्हें नियुक्ति के साथ 6 माह का ब्रिज कोर्स करना होगा। NCTE के इस नोटिफिकेशन को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। B.Ed. डिग्रीधारियों ने भी खुद को REET लेवल प्रथम में शामिल करने को लेकर याचिका लगाई। इस पर फैसला नहीं हो पाया। राजस्थान सरकार ने REET 2021 का नोटिफिकेशन जारी किया, तो उसमें B.Ed. डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को इस शर्त के साथ परीक्षा में बैठने दिया कि आखिरी फैसला हाईकोर्ट के निर्णय के अधीन रहेगा।

➡️ *B.Ed. डिग्रीधारी हुए लेवल-1 से बाहर* -[Basic Shikshak khabar ]

26 सितंबर को REET का आयोजन हुआ। इसमें लेवल-1 में लगभग 9 लाख B.Ed. योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी भी शामिल हुए। इसको लेकर BSTC अभ्यर्थियों ने विरोध शुरू कर दिया। मामला हाईकोर्ट में पहुंचा। दोनों पक्षों की ओर से सुनवाई की गई। हाईकोर्ट के जज अकील कुरैशी और सुदेश बंसल की खंडपीठ ने NCTE के नोटिफिकेशन को अव्यवहारिक बताते हुए BSTC अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला दिया। हाईकोर्ट के फैसले के बाद दोनों परीक्षा देने वाले करीब 9 लाख अभ्यर्थी लेवल-1 के लिए अयोग्य ठहरा दिए गए हैं। राजस्थान हाईकोर्ट के इस फैसले से ना केवल राजस्थान बल्कि देशभर के बीएसटीसी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली। वहीं B.Ed. अभ्यर्थियों को झटका लगा था।

Basic Shikshak khabar

बेसिक शिक्षा(Basic Shikshak ) के नवाचार

आजकल बेसिक शिक्षा अन्य विभिन्न प्रकार के नवाचार देखने को मिलते हैं जिसमें पढ़ाने से लेकर कागजी कार्यवाही तक ऑनलाइन कर दी जा रही है जिसमें सरकार द्वारा विभिन्न एप्लीकेशन व वेबसाइट को लांच किया है जिससे सभी कर्मचारियों व शिक्षकों को किसी भी कार्य के लिए कोई दिक्कत ना हो जिसमें से विभिन्न ऐप व एप्लीकेशन निम्न वत है

दीक्षा एप Click Here
गूगल बोलो एप Click Here
प्रेरणा ऐप Click Here
प्रेरणा DBT ऐप Click Here
सामर्थ ऐप Click Here
प्रेरणा पोर्टल वेबसाइट Click Here
मानव संपदा वेबसाइट Click Here
एम स्थापना एप Click Here
यू डाइस प्लस वेबसाइट Click Here
निपुण लक्ष्य Click Here

 

Disclaimer:

इस पोस्ट में दिखाई गई सभी जानकारियां गूगल न्यूज़ याहू न्यूज़ या व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्राप्त होते हैं जिसे हम अपने शिक्षक भाई-बहनों तक आसानी से पहुंचाने का कार्य इस वेबसाइट के माध्यम से करते हैं यदि इस पोस्ट लिखी गई जानकारी में यदि आपको थोड़ा भी डाउट हो तो आप ऑथेंटिक न्यूज़ को अपने जिले स्तर से ब्लॉक स्तर से एक बार जरूर पता कर ले यदि मानव त्रुटि वस कोई जानकारी गलत होती है तो इसमें लेखक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी व इस वेबसाइट के Owner की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी

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FAQ

प्र . बेसिक शिक्षा खबर(Basic Shikshak khabar) से क्या तात्पर्य है

उत्तर- बेसिक शिक्षा में होने वाले बदलाव से

प्र . हर जिले के bsaका आदेश पढना क्यों जरूरी है

उत्तर- हर जिले की bsa आदेश पढ़ना इसलिए जरूरी है क्योंकि उससे सभी चीजों का पता चलता रहता है

प्र . महानिदेशक का आदेश पढ़ना क्यों जरूरी है

उत्तर- आए दिन होने वाली परिवर्तन को जानने के लिए

प्र . निपुण भारत मिशन क्या है(Basic Shikshak khabar)

उत्तर- भारत सरकार द्वारा संचालित एक ऐसा कार्यक्रम जिसमें सभी बच्चों को निपुण बनाना है

प्र . बेसिक शिक्षा विभाग में क्या परिवर्तन की आवश्यकता है(Basic Shikshak khabar)

उत्तर- बेसिक शिक्षा विभाग में एक शिक्षक को अच्छे से यदि केवल पढ़ाने दिया जाए तो वह अपना बेस्ट देगा

 

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