BSA के आदेश से शिक्षकों में बनी भ्रम की स्थिति, शिक्षिकाएं आज खोलेंगी स्कूल, शिक्षक रहेंगे छुट्टी पर

BSA के आदेश से शिक्षकों में बनी भ्रम की स्थिति, शिक्षिकाएं आज खोलेंगी स्कूल, शिक्षक रहेंगे छुट्टी पर

 

आगरा। बेसिक शिक्षा विभाग में अवकाश को लेकर जारी अलग-अलग निर्देशों के कारण शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। पितृ विसर्जन के अवकाश को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) आगरा की ओर से जारी निर्देश के बाद शिक्षकों और शिक्षिकाओं के सामने स्कूल खोलने और अवकाश पर रहने को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई है।

दरअसल, बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी शैक्षणिक कैलेंडर में पितृ विसर्जन के अवसर पर अवकाश का प्रावधान है। इस अवकाश को शिक्षक और शिक्षिकाओं, दोनों के लिए निर्धारित बताया गया है। इसके बावजूद आगरा में विभागीय स्तर पर जारी निर्देशों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार, शिक्षिकाओं को शुक्रवार को विद्यालय खोलने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि शिक्षकों को अवकाश पर रहने की बात कही गई है।

अवकाश को लेकर दो तरह के निर्देशों से बढ़ा असमंजस

शिक्षकों का कहना है कि जब बेसिक शिक्षा परिषद के शैक्षणिक कैलेंडर में पितृ विसर्जन का अवकाश दर्ज है, तो फिर अलग-अलग निर्देश जारी होने से भ्रम की स्थिति क्यों पैदा हो रही है। विभागीय आदेशों में स्पष्टता नहीं होने पर शिक्षक यह समझने में असमंजस में हैं कि उन्हें विद्यालय जाना है या अवकाश का लाभ मिलेगा।

मामले में सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर है कि एक ही विद्यालय में कार्यरत शिक्षक और शिक्षिकाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था कैसे लागू होगी। यदि शिक्षिकाओं को विद्यालय खोलने और शिक्षकों को अवकाश पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, तो विद्यालय संचालन, बच्चों की उपस्थिति और शैक्षणिक कार्यों की जिम्मेदारी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।

पहले भी जारी हुए आदेशों से पैदा हुई थी भ्रम की स्थिति

खबर के अनुसार, आगरा में इससे पहले भी विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों और विभागीय कार्यक्रमों को पूरा कराने के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाने तथा बाद में आदेशों में बदलाव किए जाने का मामला सामने आया था। ऐसे मामलों में शिक्षकों को बार-बार नए निर्देशों के अनुसार अपनी कार्ययोजना बदलनी पड़ती है।

शिक्षकों का कहना है कि विभाग की ओर से जारी होने वाले आदेश स्पष्ट और एक-दूसरे के अनुरूप होने चाहिए, ताकि विद्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। अवकाश जैसे विषय पर स्थिति साफ नहीं होने से शिक्षकों के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति बनती है।

महिला शिक्षिकाओं में भी नाराजगी

पितृ विसर्जन के अवकाश को लेकर सामने आए निर्देशों के बाद महिला शिक्षिकाओं के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। उनका कहना है कि यदि परिषद के कैलेंडर में अवकाश सभी शिक्षकों के लिए निर्धारित है, तो उसके क्रियान्वयन में अलग-अलग व्यवस्था अपनाने का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए।

हालांकि, इस मामले में अंतिम स्थिति जानने के लिए संबंधित विभागीय आदेश और उसके स्पष्टीकरण को देखना जरूरी है। केवल समाचार में प्रकाशित जानकारी के आधार पर यह मान लेना उचित नहीं होगा कि पूरे प्रदेश में शिक्षकों और शिक्षिकाओं के लिए यही व्यवस्था लागू है।

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शिक्षकों को स्पष्ट आदेश का इंतजार

आगरा में पितृ विसर्जन के अवकाश को लेकर पैदा हुई भ्रम की स्थिति के बीच अब शिक्षकों की नजर विभाग की ओर से जारी होने वाले स्पष्टीकरण पर है। शिक्षकों की मांग है कि अवकाश से संबंधित निर्देशों को स्पष्ट किया जाए, जिससे किसी शिक्षक या शिक्षिका को आदेश के पालन में परेशानी न हो और बाद में अनुपस्थिति को लेकर कोई विभागीय कार्रवाई न करनी पड़े।

फिलहाल, विद्यालय जाने या अवकाश पर रहने का निर्णय लेने से पहले संबंधित जिले के आधिकारिक आदेश की पुष्टि करना जरूरी है। इससे किसी गलतफहमी के कारण शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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