जनगणना 2027: विधानसभा चुनाव से पहले दिसंबर में शुरू हो सकती है जनगणना, तैयारियों में जुटा प्रशासन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए जनगणना 2027 के कार्यक्रम में बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। फरवरी 2027 में प्रस्तावित जनगणना अब दिसंबर 2026 में ही शुरू कराए जाने की कवायद चल रही है। गृह मंत्रालय से मिले संकेतों के बाद जनगणना निदेशालय और जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
1 दिसंबर से 5 जनवरी तक चल सकती है जनगणना
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार जनगणना की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2026 से शुरू होकर 5 जनवरी 2027 तक चल सकती है। इसके बाद डाटा तैयार करने के लिए अधिकारियों को बेहद कम समय मिलेगा। लक्ष्य है कि तैयार डाटा 10 जनवरी 2027 तक गृह मंत्रालय को भेज दिया जाए।
इस तरह जनगणना निदेशालय और जिला प्रशासन के पास पूरी व्यवस्था तैयार करने के लिए करीब 90 दिन का ही समय बचा है। इतने कम समय में कर्मचारियों का चयन, प्रशिक्षण, क्षेत्रवार ड्यूटी निर्धारण, फील्ड एरिया का निर्धारण और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करनी होंगी।
अधिकारियों की बैठक और प्रशिक्षण शुरू
जनगणना को लेकर सोमवार को निदेशालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इसके साथ ही अधिकारियों का प्रशिक्षण भी हुआ। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में भी बैठक आयोजित कर जनगणना की तैयारियों और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
जिलाधिकारी विशाख जी ने सितंबर महीने में ही जनगणना से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में कार्मिकों की उपलब्धता, प्रशिक्षण, चार्ज निर्धारण, मानचित्रों के सत्यापन तथा HLB/EV के पुनर्गठन समेत विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।
चुनाव और बोर्ड परीक्षा के कारण बदला जा सकता है कार्यक्रम
जनगणना के कार्यक्रम में बदलाव की प्रमुख वजह विधानसभा चुनाव और यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को माना जा रहा है। प्रदेश सरकार का मौजूदा कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त होना है। इससे पहले विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इसी अवधि में बोर्ड परीक्षाएं भी होती हैं।
ऐसे में फरवरी 2027 में जनगणना कराने पर कर्मचारियों और प्रशासनिक मशीनरी पर चुनाव व परीक्षा की तैयारियों का अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसी वजह से जनगणना को दिसंबर 2026 में शुरू कराने की तैयारी की जा रही है।
कम समय में पूरी करनी होंगी बड़ी तैयारियां
यदि प्रस्तावित कार्यक्रम लागू होता है तो प्रशासन के सामने समय कम होने की बड़ी चुनौती होगी। जनगणना के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की तैनाती, उनके प्रशिक्षण, चार्ज निर्धारण, क्षेत्रवार जिम्मेदारी, मानचित्रों का सत्यापन और House Listing Block (HLB) तथा Enumeration Block (EV) से जुड़ी व्यवस्थाओं को समय से पूरा करना होगा।
अधिकारियों का फोकस अब सितंबर में अधिकतर तैयारियां पूरी करने पर है, ताकि दिसंबर से शुरू होने वाली संभावित जनगणना प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।
नोट: जनगणना कार्यक्रम में बदलाव की अंतिम पुष्टि केंद्र सरकार/गृह मंत्रालय की आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही मानी जाएगी।
