बेसिक शिक्षा परिषद ने अध्यापकों की पदोन्नति के लिए जारी किए सख्त दिशा-निर्देश, 7 नवंबर तक प्रक्रिया पूरा करने के आदेश
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज ने प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों की अंतिम वरिष्ठता सूची (Seniority List) प्रकाशित करने तथा उनकी पदोन्नति (Promotion) की कार्यवाही को पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए नया आदेश जारी किया है। सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी द्वारा समस्त जनपद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को इस संबंध में कड़े निर्देश दिए गए हैं।
23 अक्टूबर तक मांगी गई रिपोर्ट, 7 नवंबर तक पूर्ण होंगी पदोन्नतियां
बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी पत्र के अनुसार, पदोन्नति हेतु रिक्त पदों, वरिष्ठता सूची और पात्रता सूची से संबंधित स्पष्ट आख्या/सूचना 23 अक्टूबर 2026 तक परिषदीय ईमेल पर उपलब्ध कराना अनिवार्य है। निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए अंतिम वरिष्ठता सूची के प्रकाशन के उपरांत नियमानुसार पात्र अध्यापकों की पदोन्नति की कार्यवाही 07 नवंबर 2026 तक हर हाल में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
वरिष्ठता निर्धारण के प्रमुख नियम (सेवा नियमावली-1981)
परिषद ने नियमावली के तहत अध्यापकों की ज्येष्ठता/वरिष्ठता तय करने के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश रेखांकित किए हैं:
- मौलिक नियुक्ति तिथि: किसी संवर्ग में अध्यापक की ज्येष्ठता उसकी मौलिक नियुक्ति के दिनांक से तय की जाएगी।
- समान नियुक्ति तिथि: यदि दो या दो से अधिक अध्यापक एक ही दिनांक को नियुक्त होते हैं, तो उनकी वरिष्ठता चयन सूची (नियम 17 या 18) में उनके नाम के क्रम के आधार पर तय होगी।
- स्थानांतरित अध्यापकों की स्थिति: नियम 21 के अनुसार एक स्थानीय क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में स्थानांतरित अध्यापकों का नाम स्थानांतरण आदेश जारी होने की तिथि को संबंधित श्रेणी की सूची में सबसे नीचे (Bottom Seniority) रखा जाएगा।
पदोन्नति के लिए पात्रता एवं अनुभव मानदंड
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली-1981 के नियम 8(3) के अनुसार अनुभव के नियम निम्नवत् हैं:
- जूनियर बेसिक स्कूल के प्रधानाध्यापक एवं सीनियर बेसिक स्कूल के सहायक अध्यापक पद हेतु: जूनियर बेसिक स्कूल के स्थाई सहायक अध्यापक के रूप में न्यूनतम 5 वर्ष का अनुभव अनिवार्य है।
- सीनियर बेसिक स्कूल के प्रधानाध्यापक पद हेतु: जूनियर बेसिक स्कूल के प्रधानाध्यापक या सीनियर बेसिक स्कूल के सहायक अध्यापक के रूप में न्यूनतम 3 वर्ष का अनुभव आवश्यक है।
TET पात्रता परीक्षा अनिवार्य
पदोन्नति प्रक्रिया में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है:
- प्राथमिक TET उत्तीर्ण शिक्षक: प्राथमिक विद्यालयों में पदस्थापन/पदोन्नति के पात्र होंगे।
- उच्च प्राथमिक TET उत्तीर्ण शिक्षक: केवल उच्च प्राथमिक विद्यालयों हेतु पात्र होंगे।
- दोनों स्तर (प्राथमिक व उच्च प्राथमिक) TET उत्तीर्ण शिक्षक: प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक दोनों प्रकार के विद्यालयों में पदस्थापन हेतु अर्ह होंगे।
- शिक्षकों से वरिष्ठता के आधार पर प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालय का विकल्प प्राप्त किया जाएगा, लेकिन विकल्प देने से पूर्व संबंधित पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा।
जिला स्तरीय चयन समिति का गठन
पदोन्नति प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए नियम-16 के तहत चयन समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें निम्नलिखित सदस्य शामिल होंगे:
| पद / भूमिका | अधिकारी |
|---|---|
| अध्यक्ष | प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) |
| सदस्य / सचिव | जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) |
| सदस्य | जिला मुख्यालय पर राजकीय बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज की वरिष्ठतम प्रधानाचार्या |
| सदस्य | जिला मजिस्ट्रेट (DM) द्वारा नामित विशेषज्ञ (हिंदी, उर्दू या अन्य भाषा) |
मुख्य बिंदु: बेसिक शिक्षा परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि वरिष्ठता सूची पर कोई आपत्ति आती है, तो उसका निस्तारण करके 15 दिनों के भीतर अंतिम वरिष्ठता सूची प्रकाशित की जाए। तत्पश्चात अनुपयुक्त/अपॉत्र अध्यापकों को हटाते हुए रिक्त पदों के सापेक्ष पदोन्नति सूची जारी कर दी जाएगी।
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