परिषदीय स्कूलों का समय सुबह 8 से दोपहर 2 बजे करने की मांग
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में परिषदीय विद्यालयों के समय में बदलाव की मांग उठी है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी को पत्र देकर अक्तूबर माह में भीषण गर्मी और दोपहर के बढ़ते तापमान को देखते हुए विद्यालयों का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक करने की मांग की है।
संघ का कहना है कि शासन के निर्देश के अनुसार एक अक्तूबर से परिषदीय विद्यालयों का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। हालांकि, अक्तूबर शुरू होने के बावजूद जिले में गर्मी का असर कम नहीं हुआ है। दोपहर के समय तापमान अधिक रहने के कारण प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर असर की चिंता
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र राणा और प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. अनुज त्यागी ने जिलाधिकारी को दिए पत्र में बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का उल्लेख किया है।
शिक्षक संघ का कहना है कि प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले छोटे बच्चों पर अधिक तापमान का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। गर्मी के कारण बच्चों को असुविधा होने के साथ-साथ उनकी पढ़ाई और सहज सीखने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।
सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक स्कूल करने की मांग
संघ ने बच्चों की सुविधा, स्वास्थ्य और शैक्षिक हित को ध्यान में रखते हुए अक्तूबर माह के लिए विद्यालयों के समय में बदलाव का अनुरोध किया है। मांग की गई है कि परिषदीय विद्यालयों का संचालन सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक किया जाए।
शिक्षक संघ के अनुसार, सुबह के समय तापमान अपेक्षाकृत कम रहने से बच्चों को स्कूल पहुंचने और कक्षाओं में पढ़ाई करने में सुविधा हो सकती है। वहीं दोपहर की तेज गर्मी से भी छोटे बच्चों को राहत मिल सकती है।
जिलाधिकारी को भेजे पत्र पर निर्णय का इंतजार
शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी से इस मांग पर विचार करते हुए अक्तूबर माह के लिए विद्यालयों के समय में बदलाव करने का अनुरोध किया है। अब इस संबंध में प्रशासन की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर शिक्षकों और अभिभावकों की नजर बनी हुई है।
फिलहाल शासन के निर्धारित समय के अनुसार विद्यालयों के संचालन को लेकर स्थिति बनी हुई है। यदि प्रशासन की ओर से समय परिवर्तन संबंधी कोई आदेश जारी किया जाता है, तो उसके बाद स्कूलों के संचालन का समय बदल सकता है।
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