परिषदीय शिक्षकों के तबादले को लेकर बड़ा अपडेट, 6000 आवेदकों के म्युचुअल ट्रांसफर और स्पेशल लिस्ट पर भी लगा ब्रेक
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के तबादले का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। तबादला प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से बड़ी संख्या में शिक्षक परेशान हैं। खासकर वे शिक्षक, जो अपने परिवार से दूर दूसरे जिले में तैनात हैं, लंबे समय से स्थानांतरण का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से सभी तरह के तबादलों पर रोक बनी हुई है।
जून में विशेष परिस्थितियों में स्थानांतरण के लिए आवेदन करने वाले करीब 6000 शिक्षकों की सूची भी अभी तक जारी नहीं हो सकी है। इस सूची में दिव्यांग शिक्षक, शिक्षक दंपती और असाध्य रोग से पीड़ित शिक्षक शामिल हैं। इन शिक्षकों को उम्मीद थी कि विशेष परिस्थितियों को देखते हुए उनकी तबादला प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ेगी, लेकिन फिलहाल उन्हें भी इंतजार करना पड़ रहा है।
6000 शिक्षकों की स्पेशल लिस्ट पर भी इंतजार
विशेष परिस्थितियों में स्थानांतरण के लिए आवेदन करने वाले करीब छह हजार शिक्षकों की सूची जारी नहीं होने से संबंधित शिक्षकों की चिंता बढ़ रही है। कई शिक्षक ऐसे हैं जिन्हें परिवार से दूर रहकर नौकरी करनी पड़ रही है। ऐसे में तबादला उनके लिए केवल नौकरी से जुड़ी प्रक्रिया नहीं, बल्कि पारिवारिक परिस्थितियों को आसान करने का जरिया भी है।
शिक्षकों का कहना है कि यदि स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो उन्हें परिवार के करीब रहने का अवसर मिल सकता है। इससे रोजाना लंबी दूरी तय करने की परेशानी भी कम हो सकती है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में प्रक्रिया आगे बढ़ाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
म्युचुअल ट्रांसफर पर भी नहीं आया आदेश
परिषदीय शिक्षकों के म्युचुअल ट्रांसफर को लेकर भी फिलहाल कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। म्युचुअल ट्रांसफर में दो शिक्षक आपसी सहमति से एक-दूसरे के जिले में स्थानांतरण लेते हैं। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष निर्भय सिंह का कहना है कि इस व्यवस्था में शिक्षकों की आपसी सहमति रहती है और इससे विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या पर भी प्रतिकूल असर नहीं पड़ता।
इसके बावजूद म्युचुअल ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से शिक्षकों में नाराजगी बताई जा रही है। शिक्षकों को उम्मीद थी कि ग्रीष्मकालीन या शीतकालीन अवकाश के दौरान स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है, लेकिन अभी तक उन्हें राहत नहीं मिली है। वहीं, शिक्षामित्रों के स्थानांतरण की प्रक्रिया भी अभी शुरू नहीं हुई है।
हाई कोर्ट के केस की वजह से रुकी तबादला सूची
बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी के अनुसार, हाई कोर्ट में चल रहे सौरभ सिंह केस की वजह से तबादला सूची जारी नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि फिलहाल म्युचुअल ट्रांसफर को लेकर भी कोई आदेश नहीं है। ऐसे में शिक्षकों को तबादला प्रक्रिया से जुड़ी अगली सूचना का इंतजार करना होगा।
शिक्षकों के स्थानांतरण में विद्यालयों के छात्र-शिक्षक अनुपात को भी ध्यान में रखा जाना है। यही वजह है कि तबादला प्रक्रिया से जुड़ी सूची और आदेश जारी होने को लेकर शिक्षक लगातार जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार सभी तरह के तबादलों पर रोक बनी हुई है।
शिक्षकों की नजर अब अगले आदेश पर
परिषदीय शिक्षकों के तबादले को लेकर मौजूदा स्थिति ने उन हजारों शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है, जो लंबे समय से स्थानांतरण की उम्मीद लगाए बैठे हैं। करीब 6000 विशेष परिस्थितियों वाले आवेदकों की सूची और म्युचुअल ट्रांसफर को लेकर भी अभी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है।
ऐसे में शिक्षकों की नजर अब बेसिक शिक्षा परिषद और शासन की ओर से आने वाले अगले आदेश पर है। जब तक हाई कोर्ट में चल रहे मामले और स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक शिक्षकों को इंतजार करना पड़ेगा। खासतौर पर परिवार से दूर तैनात शिक्षकों के लिए इस प्रक्रिया का जल्द स्पष्ट होना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
