डीएम ने डीआईओएस समेत अधिकारियों से  स्पष्टीकरण, 15 अधिकारियों से जवाब-तलब

डीएम ने डीआईओएस समेत अधिकारियों से  स्पष्टीकरण, 15 अधिकारियों से जवाब-तलब

प्रयागराज। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर योजनाओं और विभागीय कार्यों की धीमी प्रगति को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक में कई विभागों की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए गए। बैठक में अनुपस्थित रहने और खराब प्रगति को लेकर डीआईओएस, मत्स्य अधिकारी और 102 सेवा के नोडल अधिकारी समेत कई अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया।

जिलाधिकारी ने विभागवार योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर विभागीय योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को भी कहा गया।

बैठक में अनुपस्थित मत्स्य अधिकारी को नोटिस

समीक्षा बैठक में मत्स्य अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और उन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) और 102 सेवा के नोडल अधिकारी से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया। अधिकारियों को अपने-अपने विभाग की योजनाओं और कार्यों की प्रगति सुधारने के निर्देश दिए गए।

तीन गांवों में सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप

बैठक के दौरान फूलपुर ब्लॉक में तैनात दो ग्राम पंचायत सचिवों के स्थानांतरण का मामला भी सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार एक सचिव पर क्लस्टर के तीन गांवों में सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लगे थे। शिकायत सामने आने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने संबंधित सचिव का ब्लॉक बदल दिया।

मामले में ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों और उनसे संबंधित भुगतान के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। रिपोर्ट में फर्जी बिलों के जरिए भुगतान किए जाने के आरोपों का भी उल्लेख किया गया है। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी समेत 15 से जवाब-तलब

आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा में भी कई विभागों की स्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और सीएमओ समेत 15 अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।

इन अधिकारियों में जिला आबकारी अधिकारी, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी और एसआरएन अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आईजीआरएस शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अवैध खनन पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश

समीक्षा बैठक में अवैध खनन की रोकथाम के लिए गठित टास्क फोर्स के कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना वैध पट्टे के कहीं भी खनन नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने और खनन प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने को कहा गया।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्रों का निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इको-सेंसिटिव जोन के प्रस्ताव को मंजूरी

बैठक में कछुआ वन्य जीव विहार के इको-सेंसिटिव जोन के निर्धारण से संबंधित प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए इसे उच्च स्तर पर अनुमोदन के लिए भेजने पर सहमति दी।

समीक्षा के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को लंबित योजनाओं और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए और विभागीय कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

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