प्राचार्य भर्ती में सबके लिए खुले दरवाजे, विवाद तय; पांच साल का कार्यकाल
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्राचार्य भर्ती को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद को खत्म करते हुए अभ्यर्थियों को बड़ा अवसर दिया है। राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्य के 111 पदों पर भर्ती के लिए रास्ता साफ हो गया है। भर्ती प्रक्रिया में पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर देने की व्यवस्था की गई है।
पांच साल का होगा कार्यकाल
रिपोर्ट के अनुसार राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्य पद पर नियुक्ति के बाद पांच साल का कार्यकाल निर्धारित किया गया है। प्राचार्य पद की भर्ती को लेकर पहले से चली आ रही पात्रता और अनुभव संबंधी आपत्तियों के बाद चयन आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है।
आयोग की ओर से भर्ती प्रक्रिया में सभी पात्र अभ्यर्थियों को अवसर दिए जाने की बात कही गई है। इससे लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे शिक्षकों और प्राचार्य पद के दावेदारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
Assistant Professor भर्ती में 461 पद और बढ़ सकते हैं
इसी बीच प्रदेश के 217 राजकीय डिग्री कॉलेजों में Assistant Professor के 1253 पदों पर चल रही भर्ती में भी पदों की संख्या बढ़ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर शिक्षा निदेशालय ने 23 विषयों के 461 अतिरिक्त रिक्त पदों की सूचना चयन आयोग को भेजी है।
इन पदों में अर्थशास्त्र, वाणिज्य, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, गणित, वनस्पति विज्ञान सहित कई विषय शामिल हैं। यदि इन पदों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाता है तो Assistant Professor भर्ती में कुल पदों की संख्या 1714 तक पहुंच सकती है।
सबसे ज्यादा भर्ती वाणिज्य विषय में
अतिरिक्त 461 पदों में सबसे अधिक पद वाणिज्य विषय के बताए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न विषयों में भी रिक्त पदों की जानकारी आयोग को भेजी गई है।
पदों की संख्या बढ़ने से Assistant Professor भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ा फायदा मिल सकता है। अब आयोग द्वारा इन अतिरिक्त पदों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाना है।
भर्ती प्रक्रिया में आगे बढ़ेगा चयन
आयोग द्वारा पदों की स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। प्राचार्य भर्ती के विवाद का समाधान होने और Assistant Professor के अतिरिक्त पदों की जानकारी आयोग तक पहुंचने से उच्च शिक्षा विभाग में नियुक्तियों का रास्ता और मजबूत हुआ है।










