भदोही में फर्जी BSA गिरफ्तार, फर्जी लेटर और अंक बढ़ाने के नाम पर करता था ठगी

भदोही में फर्जी BSA गिरफ्तार, फर्जी लेटर और अंक बढ़ाने के नाम पर करता था ठगी

भदोही: बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) बनकर युवाओं को नौकरी दिलाने, फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देने और परीक्षा में अंक बढ़वाने का झांसा देने वाले आरोपी को भदोही पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी अलग-अलग लोगों को शिक्षा विभाग का अधिकारी बताकर पैसे ऐंठता था।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी राम सिंह यादव उर्फ अमित यादव, प्रयागराज के सरायममरेज थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वह खुद को बीएसए कार्यालय का अधिकारी बताकर अभ्यर्थियों से संपर्क करता था। इसके बाद नौकरी लगवाने या फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दिलाने के नाम पर रकम मांगता था। इतना ही नहीं, परीक्षा में अंक बढ़वाने का झांसा देकर भी युवाओं को अपने जाल में फंसाता था। हालिया पुलिस जांच में उसके खिलाफ 40 से अधिक शिकायतें सामने आई हैं और करीब 40 से 50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

ग्राहक सेवा केंद्र संचालकों को भी बनाया निशाना

आरोपी ने केवल अभ्यर्थियों को ही नहीं, बल्कि बैंक मित्र और ग्राहक सेवा केंद्र संचालकों को भी ठगी का शिकार बनाया। पुलिस के अनुसार दुर्गागंज में बारकोड के जरिए दो बार में 40 हजार रुपये लिए गए। ऊंज में सर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर पहले 5 हजार और फिर 20 हजार रुपये की ठगी की गई। ज्ञानपुर में खुद को बीएसए मनोज कुमार सिंह बताकर फर्जी आधार कार्ड दिखाया और गाड़ी खराब होने का बहाना बनाकर ग्राहक सेवा केंद्र से 36,800 रुपये ले लिए।

फर्जी पहचान और डेटा का करता था इस्तेमाल

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह टेलीग्राम ग्रुप से अभ्यर्थियों की जानकारी वाली पीडीएफ हासिल करता था। इसमें नाम, मोबाइल नंबर, ई-मेल, रोल नंबर और परीक्षा के अंकों जैसी जानकारी रहती थी। इसके बाद वह नए सिम से व्हाट्सऐप और ई-मेल आईडी बनाकर खुद को बीएसए कार्यालय का अधिकारी बताता था। फर्जी दस्तावेज और पहचान का इस्तेमाल कर लोगों से पैसे मांगता था।

कई जिलों में दर्ज हैं मामले

पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ भदोही में तीन मामले सामने आए हैं। इसके अलावा प्रयागराज, आजमगढ़ और अमरोहा में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसके पास से फर्जी आधार कार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज बरामद किए हैं। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

जरूरी सावधानी: नौकरी, ज्वाइनिंग लेटर या परीक्षा में अंक बढ़ाने के नाम पर कोई व्यक्ति पैसे मांगता है तो बिना आधिकारिक पुष्टि के भुगतान न करें। शिक्षा विभाग की नियुक्ति संबंधी जानकारी हमेशा संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और सक्षम अधिकारी से सत्यापित करें।

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