जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारी: मास्टर ट्रेनर्स की Training, जानें कब होगी घर-घर गणना

जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारी: मास्टर ट्रेनर्स की Training, जानें कब होगी घर-घर गणना

UP Census 2027: उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के दूसरे और अंतिम चरण की तैयारियां अब तेज हो गई हैं। इस चरण में प्रदेशभर में घर-घर जाकर नागरिकों और परिवारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों को पहले से तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में 16 सितंबर से 19 सितंबर तक लखनऊ में State Level Master Trainers की Training आयोजित की जाएगी।

मास्टर ट्रेनरों का यह प्रशिक्षण दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्रामीण विकास संस्थान, लखनऊ में होगा। Training पूरी होने के बाद यही मास्टर ट्रेनर अपने-अपने जिलों में जाएंगे और वहां जनगणना कार्य से जुड़े अन्य कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देंगे। इससे field में काम करने वाले कर्मचारियों को Census प्रक्रिया, सवालों और data collection की सही जानकारी मिल सकेगी।

16 से 19 सितंबर तक लखनऊ में होगी Training

जनगणना के दूसरे चरण के लिए सबसे पहले मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। 16 सितंबर से 19 सितंबर तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में उन्हें घर-घर सर्वे, जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया और digital तरीके से data collection से जुड़ी जरूरी बातें समझाई जाएंगी।

Training के बाद जिलास्तर पर भी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि जब वास्तविक जनगणना शुरू हो तो कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी न हो और नागरिकों से मांगी जाने वाली जानकारी सही तरीके से दर्ज की जा सके।

1 दिसंबर से 4 जनवरी तक होगी घर-घर जनगणना

जनगणना-2027 के दूसरे चरण में 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक घर-घर जाकर गणना की जाएगी। इस दौरान प्रदेश में छह लाख से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए जाने की तैयारी है। कर्मचारी निर्धारित क्षेत्रों में जाकर प्रत्येक परिवार से जरूरी जानकारी एकत्र करेंगे।

इस बार Census में जानकारी जुटाने का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। नागरिकों को कुल 40 सवालों के जवाब देने होंगे। इनमें परिवार और व्यक्ति से जुड़ी सामान्य जानकारी के साथ शिक्षा, रोजगार, भाषा, निवास और अन्य महत्वपूर्ण विषयों से संबंधित questions शामिल होंगे।

पहली बार जाति से जुड़ी जानकारी भी होगी दर्ज

जनगणना-2027 के इस चरण की एक बड़ी खासियत यह है कि जाति से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, जन्मतिथि, वैवाहिक स्थिति और विवाह के समय आयु जैसी जानकारी ली जाएगी।

वहीं मातृभाषा और अन्य भाषाओं की जानकारी भी दर्ज होगी। व्यक्ति की education, digital literacy, occupation तथा उद्योग, व्यापार और service से जुड़े कार्य की जानकारी भी Census data में शामिल की जाएगी। इससे देश और प्रदेश की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति से जुड़ा विस्तृत data तैयार करने में मदद मिलेगी।

जन्म स्थान और स्थायी निवास की भी ली जाएगी जानकारी

घर-घर जनगणना के दौरान व्यक्ति के जन्म स्थान के साथ यह जानकारी भी ली जाएगी कि वह पहले कहां रहता था। इसके अलावा वर्तमान और स्थायी निवास से संबंधित details भी दर्ज की जाएंगी।

परिवार से जुड़ी कुछ अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी इस प्रक्रिया में शामिल हैं। इनमें परिवार में बच्चों की संख्या, कोविड-19 टीकाकरण का स्थान और बैंक खातों की कुल संख्या जैसी जानकारी शामिल है। उपलब्धता के आधार पर मोबाइल नंबर, आधार नंबर, Voter ID, Passport और Driving Licence से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।

16 से 30 नवंबर तक Self-Enumeration की सुविधा

घर-घर जनगणना शुरू होने से पहले नागरिकों को Self-Enumeration यानी स्वगणना की सुविधा भी दी जाएगी। यह सुविधा 16 नवंबर से 30 नवंबर तक उपलब्ध रहेगी। इसके माध्यम से लोग घर बैठे अपने और परिवार के सदस्यों से जुड़ी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।

स्वगणना की सुविधा से नागरिकों को अपनी जानकारी पहले से दर्ज करने का विकल्प मिलेगा। हालांकि इसके लिए लोगों को निर्धारित प्रक्रिया और उपलब्ध official system के अनुसार जानकारी भरनी होगी। इससे Census process में नागरिकों की भागीदारी भी बढ़ेगी।

छह लाख से अधिक कर्मचारियों की लगेगी ड्यूटी

उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में जनगणना का काम बड़े स्तर पर किया जाना है। इसलिए दूसरे चरण में छह लाख से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इन कर्मचारियों को field में भेजने से पहले training देना बेहद जरूरी है, ताकि हर परिवार की जानकारी निर्धारित format के अनुसार दर्ज हो सके।

मास्टर ट्रेनरों से लेकर जिलास्तरीय कर्मचारियों तक की Training इसी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सही training होने से data collection में गलतियों की संभावना कम होगी और जनगणना की पूरी प्रक्रिया ज्यादा व्यवस्थित तरीके से पूरी की जा सकेगी।

जनगणना 2027 को लेकर तैयारी तेज

कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में Census 2027 के दूसरे चरण को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। 16 सितंबर से शुरू होने वाली Master Trainers Training इसके लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके बाद जिलों में कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा और फिर निर्धारित समय पर घर-घर जाकर गणना का काम शुरू होगा।

जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है। इससे सरकार को आबादी, शिक्षा, रोजगार, भाषा, परिवार और सामाजिक स्थिति से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े मिलते हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर भविष्य की कई योजनाओं और नीतियों की planning की जाती है। ऐसे में जरूरी है कि नागरिक भी Census टीम को सही जानकारी दें और इस राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करें।

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