प्राथमिक विद्यालयों के 2018 से 2023 तक नियुक्त साढ़े 67 हजार शिक्षक करेंगे ब्रिज कोर्स, यूपी से सबसे ज्यादा
नई दिल्ली। देशभर के प्राथमिक विद्यालयों में बीएड योग्यता के आधार पर नियुक्त सहायक अध्यापकों के लिए छह माह का अनिवार्य ब्रिज कोर्स औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। इस विशेष पाठ्यक्रम के लिए करीब 66,154 शिक्षकों ने आवेदन किया है। इन शिक्षकों को प्राथमिक स्तर की शिक्षण आवश्यकताओं के अनुरूप जरूरी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस ब्रिज कोर्स में उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा 34,042 शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश से 10,726, बिहार से 7,845, पश्चिम बंगाल से 6,628, असम से 1,382 और छत्तीसगढ़ से 1,274 शिक्षकों ने आवेदन किया है। अन्य राज्यों के शिक्षक भी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।
यूपी से सबसे ज्यादा शिक्षक शामिल
ब्रिज कोर्स के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों में उत्तर प्रदेश की संख्या सबसे अधिक है। प्रदेश से 34 हजार से अधिक बीएड योग्यताधारी प्राथमिक शिक्षक इस विशेष प्रशिक्षण में शामिल होंगे। यह प्रशिक्षण प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ाने के लिए आवश्यक व्यावसायिक दक्षताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के अनुसार, विशेष पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत बीएड योग्यताधारी शिक्षकों को प्राथमिक स्तर के बच्चों की जरूरतों और सीखने की प्रक्रिया के अनुरूप आवश्यक दक्षताएं उपलब्ध कराना है।
एक साल में पूरा करना होगा कोर्स
छह माह के इस अनिवार्य ब्रिज कोर्स को निर्धारित अवधि में पूरा करना होगा। शिक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान प्राथमिक स्तर के बच्चों के विकास, सीखने की प्रक्रिया, पाठ्यक्रम और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों से संबंधित जरूरी जानकारी दी जाएगी।
पाठ्यक्रम में बाल विकास और सीखने के विभिन्न दृष्टिकोण को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही प्राथमिक स्तर पर अलग-अलग विषयों को प्रभावी ढंग से पढ़ाने के लिए विषय-विशिष्ट शिक्षण पद्धतियों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षता पर जोर
ब्रिज कोर्स का मुख्य फोकस प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ाने की आवश्यक समझ विकसित करना है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि छोटे बच्चों की सीखने की क्षमता, उनकी उम्र और विकास के स्तर के अनुसार शिक्षण प्रक्रिया को किस तरह प्रभावी बनाया जा सकता है।
इसमें कक्षा में बच्चों की भागीदारी बढ़ाने, सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने और प्राथमिक स्तर के पाठ्यक्रम को प्रभावी तरीके से लागू करने से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।
बीएड से नियुक्त शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण प्रशिक्षण
प्राथमिक विद्यालयों में बीएड योग्यता के आधार पर नियुक्त शिक्षकों के लिए यह ब्रिज कोर्स महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद शिक्षकों को प्राथमिक स्तर की कक्षाओं के लिए जरूरी अतिरिक्त व्यावसायिक दक्षताओं का प्रशिक्षण प्राप्त होगा।
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के शिक्षकों की संख्या सबसे अधिक होने के कारण प्रदेश के 34,042 शिक्षक सीधे तौर पर इससे जुड़े हैं। अब शिक्षकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार छह माह के इस विशेष पाठ्यक्रम को पूरा करना होगा।
ब्रिज कोर्स के जरिए प्राथमिक शिक्षा की जरूरतों के अनुरूप शिक्षकों की पेशेवर क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि कक्षा में बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा सके।
