माध्यमिक शिक्षा विभाग में बड़ा संशोधन: प्रधानाचार्य-प्रधानाध्यापक और एडेड प्राइमरी शिक्षकों की अर्हता बदली, शासन की मंजूरी के बाद गजट प्रकाशित

माध्यमिक शिक्षा विभाग में बड़ा संशोधन: प्रधानाचार्य-प्रधानाध्यापक और एडेड प्राइमरी शिक्षकों की अर्हता बदली, शासन की मंजूरी के बाद गजट प्रकाशित

UP Education News: उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़ी शिक्षक भर्ती और पदोन्नति की अर्हताओं को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। शासन की मंजूरी के बाद प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक तथा प्राथमिक अनुभाग के सहायक अध्यापक पदों से संबंधित शैक्षिक अर्हताओं में संशोधन को राजपत्र में प्रकाशित किया गया है।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रकाशित गजट में इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम, 1921 के तहत परिषद विनियमों में संशोधित व्यवस्था को मंजूरी दी गई है। इसका असर माध्यमिक शिक्षा परिषद से जुड़े विद्यालयों में विभिन्न पदों की पात्रता पर पड़ेगा।

हालांकि, अभ्यर्थियों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि यह कोई नई भर्ती का विज्ञापन नहीं है। शासन ने नियमावली में शैक्षिक अर्हताओं को संशोधित किया है। भर्ती कब और कितने पदों पर होगी, यह अलग से जारी होने वाले भर्ती विज्ञापन पर निर्भर करेगा।

प्रधानाचार्य पद की अर्हता में संशोधन

7 सितंबर 2026 को जारी विज्ञप्ति में इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम, 1921 के अधीन परिषद विनियमों के अध्याय-2 के विनियम-1 के परिशिष्ट ‘क’ में संस्था प्रधान की अर्हता में संशोधन की स्वीकृति दी गई है।

संशोधित व्यवस्था में प्रधानाचार्य (इंटरमीडिएट स्तर) के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय, मानित विश्वविद्यालय अथवा विधि द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय/संस्था से कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर उपाधि का प्रावधान किया गया है।

इसके साथ ही NCTE से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम में शिक्षा स्नातक (B.Ed.) अथवा समकक्ष योग्यता तथा केंद्र या राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त संस्था की कक्षा 9 से 12 तक में प्रवक्ता अथवा सहायक अध्यापक के पद पर कम से कम चार वर्ष का शिक्षण अनुभव अथवा जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक के पद पर कम से कम चार वर्ष का कार्यानुभव निर्धारित किया गया है।

अर्हता में आयु संबंधी शर्त भी दी गई है, जिसके अनुसार अभ्यर्थी की आयु 30 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।

हाईस्कूल स्तर के प्रधानाध्यापक की योग्यता

संशोधित व्यवस्था में प्रधानाध्यापक (हाईस्कूल स्तर) के पद के लिए भी स्नातकोत्तर योग्यता को शामिल किया गया है।

इसके लिए विधि द्वारा स्थापित अथवा सरकार से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/मानित विश्वविद्यालय/संस्था से कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर उपाधि तथा NCTE से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम में शिक्षा स्नातक (B.Ed.) अथवा B.Ed. के समकक्ष योग्यता निर्धारित की गई है।

इसके अतिरिक्त कक्षा 9 से 12 तक प्रवक्ता अथवा सहायक अध्यापक के पद पर कम से कम चार वर्ष का शिक्षण अनुभव अथवा जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक पद पर कम से कम चार वर्ष का कार्यानुभव आवश्यक होगा। संबंधित अनुभव सक्षम स्तर से निर्गत होना चाहिए।

एडेड प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक की अर्हता में भी बदलाव

11 सितंबर 2026 को सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज की ओर से जारी विज्ञप्ति में प्राथमिक अनुभाग के सहायक अध्यापक पद की शैक्षिक योग्यता में संशोधन किया गया है।

संशोधित व्यवस्था के अनुसार सहायक अध्यापक पद के लिए स्नातक के साथ निर्धारित शिक्षक प्रशिक्षण योग्यता को शामिल किया गया है। इसमें NCTE से मान्यता प्राप्त BTC/D.El.Ed. अथवा समकक्ष प्रशिक्षण योग्यता का प्रावधान है।

इसके अलावा अभ्यर्थी का उत्तर प्रदेश सरकार अथवा भारत सरकार द्वारा आयोजित कक्षा 1 से 5 के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) सफलतापूर्वक उत्तीर्ण होना भी आवश्यक रखा गया है।

इस संशोधन से एडेड प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद की अर्हता को लेकर लंबे समय से चल रही स्थिति को स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।

पहले और अब की व्यवस्था में क्या बदला?

राजपत्र में वर्तमान और प्रस्तावित व्यवस्था को अलग-अलग कॉलम में दर्शाया गया है। संशोधित व्यवस्था में प्राथमिक अनुभाग के सहायक अध्यापक पद के लिए स्नातक, मान्य शिक्षक प्रशिक्षण योग्यता और प्राथमिक स्तर की TET सफलता को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।

इसी तरह संस्था प्रधान के पदों के लिए भी शैक्षिक योग्यता और अनुभव से संबंधित प्रावधानों को संशोधित किया गया है।

एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी है कि शिक्षण अनुभव में प्रशिक्षण पूर्व अथवा प्रशिक्षण पश्चात का शिक्षण अनुभव शामिल माना जाएगा। वहीं उच्चतर कक्षाओं से आशय कक्षा 9 से 12 तक से है और इन कक्षाओं को पढ़ाने का अनुभव इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रधानाचार्य पद के लिए मान्य होगा।

अनुभव प्रमाण पत्र को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश

संशोधित नियमों में अनुभव प्रमाण-पत्र को लेकर भी व्यवस्था दी गई है। जारी किए गए अनुभव प्रमाण-पत्र का रख-रखाव संबंधित कार्यालय द्वारा किया जाएगा।

साथ ही सक्षम स्तर से निर्गत अनुभव से आशय जनपदीय अधिकारी द्वारा निर्गत तथा मंडलीय अधिकारी द्वारा प्रति हस्ताक्षरित अनुभव प्रमाण-पत्र से है।

केंद्रीय विद्यालयों के संबंध में सक्षम स्तर का प्रमाण क्षेत्रीय अधिकारी से संबंधित होगा।

क्या इससे तुरंत भर्ती शुरू हो जाएगी?

यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। नहीं।

राजपत्र में नियमों और शैक्षिक अर्हताओं में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसे सीधे नई भर्ती का विज्ञापन नहीं माना जाना चाहिए।

यदि भविष्य में संबंधित पदों पर भर्ती निकाली जाती है तो भर्ती संस्था अलग से रिक्तियों, आवेदन की तिथि, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया, परीक्षा और अन्य शर्तों से संबंधित विज्ञापन जारी करेगी।

इसलिए अभ्यर्थियों को केवल गजट प्रकाशित होने के आधार पर आवेदन शुरू होने या भर्ती की तारीख घोषित होने की जानकारी नहीं माननी चाहिए।

12 सितंबर को उत्तर प्रदेश गजट में प्रकाशन

इन संशोधनों से संबंधित अधिसूचनाएं उत्तर प्रदेश राजपत्र, 12 सितंबर 2026 के अंक में प्रकाशित हुई हैं। पहली विज्ञप्ति 7 सितंबर 2026 तथा दूसरी विज्ञप्ति 11 सितंबर 2026 की है।

इससे स्पष्ट है कि शासन की मंजूरी के बाद अब संशोधित अर्हताएं राजपत्र में प्रकाशित होकर आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा बन गई हैं।

अभ्यर्थी ध्यान दें

प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक पदों की अर्हताओं में संशोधन किया गया है।

एडेड प्राइमरी के सहायक अध्यापक पद की शैक्षिक अर्हता में भी संशोधन हुआ है।

प्राथमिक सहायक अध्यापक के लिए स्नातक, मान्य शिक्षक प्रशिक्षण योग्यता और कक्षा 1 से 5 की TET अर्हता महत्वपूर्ण है।

प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक पदों के लिए स्नातकोत्तर, B.Ed. तथा निर्धारित शिक्षण अनुभव का प्रावधान है।

अनुभव प्रमाण-पत्र सक्षम अधिकारी से जारी होना आवश्यक है।

यह नियमावली संशोधन है, नई भर्ती का विज्ञापन नहीं।

भर्ती की स्थिति जानने के लिए अलग से जारी होने वाले आधिकारिक विज्ञापन का इंतजार करना होगा।

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