Silver Price Crash: चांदी की कीमतों में फिर बड़ी गिरावट, हाई से 2 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हुई चांदी, सोना भी फिसला
सोना और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। बीते कारोबारी सत्र में गिरावट के बाद मंगलवार को भी दोनों कीमती धातुओं के भाव में कमजोरी देखने को मिली। खासतौर पर चांदी की कीमत में आई गिरावट ने बाजार का ध्यान खींचा है। चांदी अपने रिकॉर्ड हाई स्तर से अब 2 लाख रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती हो चुकी है। वहीं सोने के वायदा भाव में भी गिरावट दर्ज की गई है।
अगर आप सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं या निवेश के लिहाज से बाजार पर नजर रख रहे हैं, तो ताजा कीमतों को समझना आपके लिए जरूरी है। हालांकि, कीमतों में गिरावट का मतलब यह नहीं है कि आगे भी भाव लगातार नीचे ही जाएंगे। बाजार में तेजी और गिरावट दोनों की संभावना बनी रहती है।
चांदी की कीमत में फिर आई बड़ी गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के वायदा भाव में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 4 दिसंबर की एक्सपायरी वाला चांदी का वायदा अनुबंध पिछले कारोबारी दिन सोमवार को गिरावट के साथ 2,22,877 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था।
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में भाव में तेजी दिखाई दी, लेकिन बाद में चांदी की कीमत नीचे आ गई। कारोबार के दौरान इसका भाव लगभग 2,21,783 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। इस स्तर पर चांदी पिछले बंद भाव के मुकाबले 1,094 रुपये प्रति किलो नीचे थी।
रिपोर्ट में दिए गए कारोबार के आंकड़ों के अनुसार, चांदी में गिरावट का दबाव बना हुआ है। हालांकि, वायदा बाजार में कीमतें कारोबार के दौरान लगातार बदलती रहती हैं। इसलिए खरीदारी या निवेश का फैसला करने से पहले ताजा भाव की पुष्टि करना जरूरी है।
रिकॉर्ड हाई से 2 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हुई चांदी
चांदी की कीमतों में आई गिरावट का असर इसके रिकॉर्ड उच्च स्तर से तुलना करने पर भी दिखाई देता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, MCX पर चांदी का भाव इस साल जनवरी में 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर तक पहुंचा था।
इसके मुकाबले मंगलवार को बताए गए 2,21,783 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर चांदी लगभग 1,98,265 रुपये प्रति किलो नीचे थी। यानी रिकॉर्ड हाई के मुकाबले कीमत में करीब 2 लाख रुपये की कमी आई है।
यह अंतर बताता है कि चांदी के बाजार में कितनी बड़ी उठापटक हुई है। हालांकि, रिकॉर्ड हाई से आई गिरावट को देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि चांदी अब निश्चित रूप से सस्ती ही रहेगी। औद्योगिक मांग, वैश्विक बाजार, डॉलर की चाल और निवेशकों की गतिविधियां आगे की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं।
सोने की कीमतों में भी आई गिरावट
चांदी के साथ सोने के वायदा भाव में भी कमजोरी दर्ज की गई। MCX पर 4 दिसंबर की एक्सपायरी वाला सोने का अनुबंध सोमवार को 1,49,543 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। मंगलवार को इसका भाव गिरकर लगभग 1,48,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
इस तरह पिछले बंद भाव की तुलना में सोना करीब 993 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ। चांदी की तरह सोने की कीमतों में भी कारोबार के दौरान बदलाव हो सकता है।
सोने के भाव पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, डॉलर की मजबूती या कमजोरी, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और सुरक्षित निवेश की मांग जैसे कारकों का असर पड़ता है। इसलिए केवल एक दिन की गिरावट के आधार पर सोने की अगली दिशा का अनुमान लगाना उचित नहीं है।
घरेलू बाजार में भी सस्ता हुआ सोना-चांदी
वायदा बाजार के साथ घरेलू बुलियन बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमी दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव सोमवार को 1,48,061 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो मंगलवार को घटकर 1,47,617 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।
इस प्रकार सोने की कीमत में 444 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई। वहीं चांदी का भाव 2,20,295 रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर 2,19,038 रुपये प्रति किलोग्राम बताया गया। यानी चांदी करीब 1,257 रुपये प्रति किलो सस्ती हुई।
ध्यान देने वाली बात यह है कि बाजार में सोने-चांदी के अलग-अलग भाव देखने को मिल सकते हैं। MCX के वायदा भाव, बुलियन बाजार के रेट और स्थानीय ज्वेलर्स की बिक्री कीमतों में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले यह जरूर देखें कि भाव किस बाजार, किस समय और किस शुद्धता के लिए बताया गया है।
20, 22 और 24 कैरेट सोने का भाव
उपलब्ध IBJA आधारित आंकड़ों में अलग-अलग शुद्धता वाले सोने की कीमतें इस प्रकार बताई गई हैं।
24 कैरेट सोना: 1,47,617 रुपये प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना: 1,47,026 रुपये प्रति 10 ग्राम
20 कैरेट सोना: 1,35,217 रुपये प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट सोना: 1,10,713 रुपये प्रति 10 ग्राम
14 कैरेट सोना: 86,356 रुपये प्रति 10 ग्राम
ये आंकड़े उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट के अनुसार हैं। इन्हें खरीदारी के समय का लाइव रेट नहीं माना जाना चाहिए। इसके अलावा, 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की शुद्धता में अंतर होता है। 24 कैरेट सोना अधिक शुद्ध होता है, जबकि आभूषण बनाने के लिए आमतौर पर 22 कैरेट या अन्य मिश्रधातु वाले सोने का इस्तेमाल किया जाता है।
आभूषण खरीदते समय केवल प्रति 10 ग्राम कीमत देखना पर्याप्त नहीं है। सोने की शुद्धता, वजन, हॉलमार्क और बिल में दर्ज अन्य शुल्क भी जांचने चाहिए।
सोना-चांदी खरीदने पर GST और मेकिंग चार्ज कितना लगेगा?
सोने या चांदी के आभूषण खरीदते समय ग्राहक को केवल धातु की कीमत ही नहीं चुकानी पड़ती। आभूषण की बनावट, डिजाइन और दुकानदार की निर्धारित दर के अनुसार मेकिंग चार्ज भी जुड़ सकता है। इसके अलावा लागू GST भी देना होता है।
सोने और चांदी के आभूषणों की बिक्री पर सामान्यतः 3 प्रतिशत GST लागू होता है। मेकिंग चार्ज की राशि आभूषण के डिजाइन, वजन और ज्वेलर की नीति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इस वजह से अखबार या वेबसाइट पर दिखाई देने वाले सोने के भाव और दुकान पर मिलने वाले अंतिम बिल में अंतर होना सामान्य है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी आभूषण की धातु की कीमत 50,000 रुपये है और मेकिंग चार्ज अलग से जोड़ा जाता है, तो अंतिम रकम में लागू GST और अन्य वैध शुल्क भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से धातु की कीमत, मेकिंग चार्ज और GST का अलग-अलग विवरण लेना बेहतर रहता है।
सोने-चांदी के भाव में गिरावट क्यों आती है?
सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव के पीछे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारण होते हैं। इनमें प्रमुख हैं:
अंतरराष्ट्रीय बाजार: वैश्विक बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में बदलाव का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ता है।
डॉलर की चाल: अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
ब्याज दरों की उम्मीद: केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें सोने की मांग पर असर डालती हैं।
औद्योगिक मांग: चांदी का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में होता है। इसलिए इसकी औद्योगिक मांग भी कीमतों को प्रभावित करती है।
निवेशकों की खरीद-बिक्री: बड़े निवेशकों की गतिविधियों और मुनाफावसूली से भी बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
इन सभी कारकों के कारण सोने और चांदी के भाव में एक ही दिन में तेजी या गिरावट आ सकती है।
क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा?
सोना या चांदी खरीदने का फैसला व्यक्ति की जरूरत, बजट और निवेश की अवधि पर निर्भर करता है। यदि आप शादी, त्योहार या किसी अन्य जरूरत के लिए आभूषण खरीदना चाहते हैं, तो अलग-अलग दुकानों के भाव की तुलना करना उपयोगी हो सकता है।
वहीं निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वालों को यह समझना चाहिए कि कीमती धातुओं की कीमतें हमेशा एक दिशा में नहीं चलतीं। रिकॉर्ड स्तर से बड़ी गिरावट आने के बाद भी कीमतें और नीचे जा सकती हैं या दोबारा बढ़ सकती हैं। इसलिए केवल गिरावट देखकर एक साथ बड़ी रकम निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
खरीदारी से पहले IBJA के उपलब्ध रेट, MCX के भाव और स्थानीय ज्वेलर्स की कीमतों की तुलना करें। आभूषण खरीदते समय हॉलमार्क, शुद्धता और पक्का बिल जरूर लें। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता को भी ध्यान में रखें।
