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स्वच्छता की कंपोजिट स्कूल ग्रांट की धनराशि से विद्यालयों में क्रय की जाने वाली वस्तुएं

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कंपोजिट स्कूल ग्रांट की धनराशि से विद्यालयों में क्रय की जाने वाली वस्तुएं|कंपोजिट ग्रांट का दस फीसद खर्च हो रहा स्वच्छता पर||कम्पोजिट ग्रांट के खर्च का पैसा होगा सार्वजनिक, स्कूलों की दीवारों पर वाल पेंटिंग में क्या लिखाना है||Composite Grant Wall Painting||नामांकन के आधार पर सरकारी स्कूलों को मिलेगा पैसा कंपोजिट स्कूल ग्रांट के तहत पहले मिलते थे 10 हजार||परिषदीय विद्यालयों के लिए वर्ष 2022-23 हेतु कंपोजिट ग्रांट जारी||वर्ष 2022-23 की कम्पोजिट ग्रांट प्रेषण से पूर्व तैयारी हेतु शासनादेश जारी | Composite grant Order

स्वच्छता फोटो  कंपोजिट ग्रांट की धनराशि से विद्यालयों में क्रय की जाने वाली वस्तुएं

बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में कम्पोजिट ग्रांट का दस फीसदी स्कूली की स्वच्छता परप्राथमिकता के आधार पर खर्च किया जाएगा। समग्र शिक्षा अभियान के लिए इस शैक्षिक सत्र में जल्दही कंपोजिट ग्राट जारी होने की उम्मीद है। कोविड की दूसरी लहर के बाद सुधरते हालात के बीच उच्चप्राइमरी स्कूलों को खोला जा चुका है, जबकि एक सितंबर से प्राइमरी स्वकूलों को खोले जाने की तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत सभी परिषदीय स्कूलों को एकमुश्त कंपोजिट स्कूल ग्रांट दिए जाने कीव्यवस्था है। इस राशि का उपयोग सामान्य शैक्षिक, सह-२ैक्षिक, भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति व स्कूल स्वच्छता एक्शन प्लान के लिए किया जा सकता है। इसमें उपकरणों की मरम्मत, दरी खरीद, ब्लैक बोर्ड मरम्मत, ग्रीन बोर्ड, चॉक-डस्टर, परीक्षा स्टेशनरी, विद्युत, पेयजल, विज्ञान-गणित किट, प्रतियोगिताओं के आयोजन, खेल सामग्री, शिक्षाण-अधिगम सामग्री. इंटरनेट व अन्य छात्रहित कामों पर खर्च कर सरकेंगे।

 निपुण भारत के लोगो की पेन्टिंग कार्य हेतु विद्यालय भवन  की ऐसी दीवार का चयन किया  जाये, जो जनसामान्य हेतु प्रथम दृष्ट्या दृश्यमान हो। लोगो की पेन्टिंग की माप
45 से०मी० चौड़ा एवं 60 से०मी० ऊँचे आयताकार आकार में होगी। लोगो की रंगीन फोटो संलम्न है (संलग्नक-2), फोटो के अनुसार ही लोगो में रंगों का समावेश किया जाये इस प्रयोजन हेतु प्रत्येक विद्यालय में लोगो की उपलब्ता सुनिश्चित की जाये।

प्रत्येक विद्यालय में भवन की दीवार पर कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट के मद में उपलबय एवं व्यय होने वाली धनराशि का वर्षवार एवं मदवार विवरण पेन्ट कराया जायेगा।

अनुमन्य कार्य- वरीयता क्रम में निम्नक्त् कार्य अनुमन्य होंगे-

प्रथम वरीयता-

स्वच्छता एवं हैण्डवाशिंग( कंपोजिट ग्रांट)

कम्पोजिट स्कूल ग्राप्ट हेतु स्वीकुत धनराशि में से न्यूनतम 10 प्रतिशात धनराशिী स्यच्छता अभिय्यान / कार्यक्रभ पर ्यय हेतु निर्धरित है, जो विद्यालय भवन, परिसर ए्वं छात्रों की स्वच्छता पर व्यय की जायेगी। यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि. विद्यालय में स्वच्छता सामग्री यथा द्वायलेट क्लीनर, फिनायल, साबुम, चूना, झाडू,  क्लथ, नेलकट, हैण्डवॉश, सैनिटाइजर इत्यादि अनिदार्य रूप से वर्षपर्यन्त आवश्यकतानुसार उपल्ध रहे।

जिन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या के अनुरूप मल्टीपल हैण्डवॉशिंग सिस्टम  की व्यवस्था किन्हीं कारणों से अभी तक नहीं हो सकी है अथथवा जहां मल्टीपल हैप्डवॉशिंग सिस्टम में छत्र-छात्राओं की संख्या के अनुरूप टोटियों नहीं स्थापित हैं, वहां मल्टीपल की व्यवस्था /पर्याप्त टोटियों की व्थवस्था सुनिश्चित की जानी है। इस व्यवस्था की क्रियाशीता के लिये रनिंग चॉटर की सुविधा अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जानी हैं। शीचालय /मूत्रालय जो छोटी-छोटी मरम्मत / छोटे-छोटे कार्य यथ्ा श दट-फट, leachpit निर्मित न होने अथदा कम गहरा होने आदि उक्त कार्यों को कराकर उन्हें फ्रियाशील कराया जायेगा। यदि शौचालय में टाइलीकरण का कार्य नहीं हुआ है. तो इसे अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लिया जाये। दवशिंग सिस्टम  के ऐसे अक्रियाशील हैं. उनमें विद्यालय /यूरेनल

स्वच्छता फोटो

द्वितीय वरीयता-

शुद्ध पेयजल(कंपोजिट ग्रांट)

  • हैम्ड पम्प / सबमर्सिबल पम्प के पास पक्का प्लेटफार्म एवं सोखता -गडढा का निर्माण  अनिवार्य रूप से कराया जायेग।, ताकि हैप्डपम्प  के आस-पास जल भराय न हो सके तथा साफ- सफाई रहे।
  • रसोईधर में भोजन तैयार किये जाने एवं रसोईघर तथ बरतनों की साफ- सफाई हेतु जल आपूर्ति एवं जल निकासी की समुचित  व्यवस्था करायी जायेगी।

शिक्षण सहायक सामग्री(कंपोजिट ग्रांट)

समस्त परिषदीय विद्यालयों के प्रत्येक कक्षा-कक्ष में मानकानुरूप एवं गुणवत्ततायुक्त व्हाइट / ग्रीन बोर्ड की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाये।

शिक्षण सहायक सामग्री (अधिकतम सू० 2000/- की सीमा तक) यथ्ा प्रिन्ट रिच सै শरियल दिजान किट गणित किट मानचित्र पर इस धनराशि का उपभोग किया जा सकता विद्यालय में नामाकित दिव्यांग छात्रों हेतु टी०एल्०एम0 एवं दृष्टि दिव्यांग छात्रों हैतु एम्थोस्ड गलोब लथा एम्बोस्ड नानचित्र क आवश्यकतान्सार क्रय भी इसी धनराशि से किया जा सकता

 जिन विद्यालयों में टीoएल०एम के रख-रखाव हेतु अलमारी का क्रय अभी तक नहीं किया गया है, उनमें इस हेतु अलमारी क्रय की जायेगी।

फर्ट-एड-बौक्स हेतु क्रय की गयी सामग्री / दयाईयों की सभाप्त तिथि (expiry date) काअवश्य मिलान करा ललिया जाये तथा expired दवायें नथष्ट कर दी जाये एवं आवश्यकतानुसार सामग्री प्रय किया जायेगा ।

विद्यालयों मे उपलब्ध अग्निशमन यंत्र की समय से रीफिलिंग सुनिश्चित की जाए ?

विध्यालय के अक्रियाशील विद्युत उपकरण यथा- एल्०ई०डी०, दयूलाइट, पंखें, स्यिच आदि  । ठीक करने अथदा उसके बदलने का कार्य कराया जायेगा।

उच्च प्राथमिक विद्याल्यों के लिये इस अनुदान राशि से प्रयोगशालाओं और कम्प्यूटर शिक्षा दिषयक आबश्यक कन्जयूमेबल सामযरी तथा इण्टरनेट पर भी व्यय किया जा सकता है।

यदि विद्यालय की रंगाई-पुताई गत वर्ष में कम्पोजिट स्कूल ग्राष्ट से अथवा आपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत नहीं कराई गयी है तो বिद्यालयों की रंगाई- पूुताई, दरवाजे, खिड़कियों বাল-पैन्टिंग का कार्य भी आवश्यकतानुसार कराया
ध्रिल, जायेगा। चहारदीवारी, प्रदेश के गट सुमरत क वरिवदीय विद्यालयो में एकरूपता लाये जाने के म लिये आयश्यक है। कि भवन बाहर से अनिदार्य रूप से सफेद रंग में पुताया जायेगा।

कक्षा-1 के लिए विशेष पेन्टिंग की व्यवस्था यथा- दाल वाटिका का लोगो इत्यादि की पेन्टिंग करायी जायेगी

विद्यालय में उपलब् मरम्मत योग्य सामग्री यथा-कुसी, मेज, झूल, हैप्डपम्प, क्लैक बोर्ड, फर्श एवं दीवार के आशिक प्लास्टर /पैथ-दर्क एवं अन्य समस्त प्रकार की छो्टी-मोटी मरम्मत एवं रख-रखाय, यथायश्यक दरवाजे हेतु ताले एवं इप्टरलेंकिंग इत्यादि कार्य करायो जायेग।

जहाँ पर फर्नीवर की व्ययर्था न हो वहाँ पर्थाप्त संख्या में टाट -पटटी / चटाइयीं /दरी बच्चों के कक्षाकक्षा में दैठने हेतु) की व्ययस्था की जायेगी।

ऐसे परिषदीय दिद्यालयों में, जहां स्मार्ट क्लास की स्वीकृति प्राप्त हुई है, उनमें सुरक्षतात्मक इष्टिकोण से कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट के अन्तर्गत निम्नदत कार्यवाही सुनिश्चित की जानी है-

विद्यालय के गेट और कक्षो के समस्त दरवाजों पर साभान्य ताला के स्थान पर डबत इटरलॉकिंग की व्यवस्था की जायेगी, साथ ही जिस कक्षा-कक्ष में स्मार्ट क्लास के उपकरण हो, उसकी खिड़कियों पर लोहे की सुरक्षित ग्रिल व पर्याप्त मात्र में सुरक्षित कुन्डी की व्यवस्था की जायेगी।

जिस कक्षा में अदस्थापना सुविधा का अधिश्ठापन किया जाना है, वहाँ के दरवाजे लोहे के होंगें।

कक्षा-कक्षों का टाइलीकरण( कंपोजिट ग्रांट)

ऐसे विद्यालय जिसमें सभी कक्षा-कुक्ष की फर्श द्टी-फुटी /क्षतिग्रस्त है और वहाँ रू० 75000 /- या उससे अधिक कम्पोजिट स्कल ग्राण्ट की धनराशि प्राप्त हो रही है वहाँ, प्रथम वरीयता एवं द्वितीय वरीयता के कार्य एवं अन्य आवश्यक कार्यों यथा-सहायक शिक्षण सामग्री. प्राथमिक उपचार सामग्री. अग्निशमक यंत्र की रीफिलिंग, यथावश्यक पेंटिं कार्य, अक्रियाशील उपकरणों को ठीक कराना /बदलवाना आदि जिससे संबधी सुझावात्मक 05 सूथियाँं संलग्न है) (संलग्नक-3-7) कार्यो अनुरूप कक्षा-कक्षो को कराने के बाद यदि, पयप्त धनराशि अवशाष बबती है, तो उपलब्ध घनरां के टाइलीकरण का कार्य विद्यालय प्रबन्ध समिति से अनुमोदनोपरान्त कराया जायेगा। अनुमोदनोपरान्त कराये जा सकेंगें । इसके अतिरिक्त विद्यलय की आावश्यकतान्सार अन्य कार्य भी विद्यालय प्रबंध समिति से

सामान्य निर्देश:-

यदि गत् वर्ष की कोई धनराशि शेष हो तो उसे वर्तमान वर्ष की धनराशि के साथ सम्मिलित कर संयुक्त कार्यथयोजना बनाकर विद्यालय प्रबन्य समिति के अनुभोदन से कार्य कराया जा सकेगा।

विद्यालय की वास्तदिक आवश्यकता के अनुसार ही वित्तीय नियमों का पालन करते हुए अच्छी गुणवत्ता की सामग्री क्रय की जानी है। यदि कोई कार्य अन्य योजना / नद के अन्तर्गत पूर्व में कराया जा चुका है अथ्वा अन्य योजनान्तर्गत कार्ययोजना में अनुमोदित है, तो पुनः कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट का उपयोग ऐसे कार्य के लिये न किया जाय। जो सामग्री गत वर्ष /पूर्व में क्रय की जा चुकी हो उसको क्रय सूची में अनावश्यक रूप से शानिल नहीं होना चाहिए यह विशेष ध्यान सखा जाये कि एक ही कार्य के लिये दो मदों से धनराशि कदापि आहरित न हो । इस प्रकार के तथ्य प्रकाश में आने पर इसे गबन की श्ेणी में मानते हुये कार्यवाही की जायेगी।

विद्यालय प्रवन्ध समितियों द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं के अन्रूप विभिन्न सामग्रियों की क्रय प्रक्रिया में निम्नलिखित निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा-

।. शासन द्वारा समय-समय पर निर्गत क्रय प्रक्रिया सम्बन्धी शासनादेशो, नियमावलियो एवं निर्देशों का अनुपालन।
2 स्टोर पर्चेज रूल्स में दिये गये आदेश एवं निर्देशो का अनुपालन।

उक्त बिन्दु सं० 1 एवं 2 में दिये गये निर्देशों के अनुरूप नियमानुसार कोटेशन / निविदा प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा ।

कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट से क्रय की जाने वाली सामग्रियों की गुणवत्ता के सम्बन्ध में

निम्नलिखित निर्देशों का अनुपालन अनिवार्यत सुनिश्चित कराया जायेगा-

1. सामग्री क्रय में निर्धारित मानक एवं स्पेसीफिकेशन का पालन किया जायेगा ।

2 क्रय की जाने वाली सामग्री प्रमुखतया भारतीय मानक ध्यूरो ( 3S1) प्रमाणित हो तथा यथासम्भद जीशएस०्टी० पजीकृत फर्म से ही क्रय करने की कार्यवाही की जायेगी।

ও जो सामग्री BSI द्वारा प्रमाणित न हो वह मूल निर्माता / उत्पादक अथवा अधिकृत विक्लेता से ही क्रय की जायेगी।

कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट की धनराशि विद्यालय के खातो में हस्तान्तरण के बाद प्रत्येक विकास खण्ड स्तर पर बैठक आयोजित की जाये. जिसमें खण्ड शिक्षा अधिकारी तथा सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी द्वारा समस्त प्रधानाध्यापकों /इंचार्ज अध्यापकों को कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट मद में अवनुक्त धनराशि, विमागीय निर्देश, क्रय की प्रक्रिया इत्यादि के साथ-साथ धनराशि उपभोग की विधिवत् जानकारी दी जायेगी।

कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट की धनराशि का उपभोग विद्यालय प्रबत्ध समिति द्वारा उक्त निर्देशों के अधीन र्थानीय आवश्यकता के अनुसार किया जाना है।

* कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट से क्रय की गरी सामग्री हेतु 02 प्रकार के स्टॉक रजिस्टर बनाये जायें,(कंपोजिट ग्रांट)

1 – उपभोज्य (consumable) सामग्री

जैसे- फिनायल, साबुन, क्लीनर  हेतु

2 -उपभोज्य न होने वाली (non-consumatble) सामग्री.

जैसे- आलमारी, रजिस्टर, श्यामपट जैसी स्थायी प्रकृति की सामग्री, की प्रविष्टि हेतु।

कम्पोजिट स्कल ग्राण्ट में धनराशि का उपभोग के लिये सम्बन्धित विद्यालय के प्रधानाध्यापक पूर्णतः उत्तरदायी होंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का उत्तरदायित्व होगा कि इस निर्देश पत्र की प्रतियां यथावश्यक छपवाकर प्रत्येक विद्यालय के प्रधानाध्यापक / इंचार्ज अध्यापक को खप्ड शिक्षा अधिकारी के माध्यन से यितरित कराया जाना सुनिश्ित करायें ।

अनुश्रवण, पर्यवेक्षण एवं सत्यापनः-

* कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट मद में अवनुक्त धनराशि का निर्धारित प्रारूप पर उपभोग प्रभाण – पत् प्रधानाचार्य एवं अध्यक्ष, विद्यालय प्रबन्ध समिति के संयुक्त हस्तक्षर से प्राप्त कर ब्लाक स्तर पर संरक्षित रख जायेगा एवं प्रेरणा पोर्टल पर उपलब्ब कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट Data Caplure Format (DCF) पर विद्यालयवार, मदवार त्रुटिरहित सूचना सम्बन्धित खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा अपलड की जायेगी।

खण्ड शिक्षा अधिकारी अपने विकास खण्ड में रैण्डम आधार पर 20% विद्यालयों में सामग्री क्रय की प्रक्रिया, उसकी गुणवत्ता तथा अभिलेखों के रख-रखाव के सम्बन्ध में स्वयं जांच करेंगे और निर्देशों का अनुपालन सुनिशिवित कराते हुए आख्या जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजेंगे।

सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी प्रत्येक माह कम से कम o5 शिक्षण दिवस में सम्यन्धित खण्ड शिक्षा अधिकारी के साथ अलग-अलग विकास खणष्ड के अलग- अलग विद्यालयों का पर्यवेक्षण करेंगे तथा संयुक्त निरीक्षण आख्या के साथ वित्तीय व्यवहार में पायी गयी कमियों का उल्लेख करते हुए भविष्य्य में विद्यालय स्तर पर युक्तियुक्त वित्तीय व्यवहार करने की अनुशंसा को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का दायित्व होगा कि वे सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी तथ्ा खुण्ड शिक्षा अधिकारी के ऐसे पर्यवेक्षण का अनুश्रवण करें तथा उनके द्वारा दिये गये यथेष्ट सुझादों को प्रत्येक विद्यालय स्तर तक अनुपालन हेतु प्रभावी कदम उठायें।

विद्यालय निरीक्षण के दौरान जिला वेसिक शिक्षा अधिकारी तथा मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक(बेसिको) विद्यालय में कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट के उपमोग के सम्बन्ध में क्रय प्रणाली प्रक्रिया. सामग्री की गुणवत्ता तथा अभिलेखों के रख-खाव व अनुदान के उपमोग में अनियमितता पाये जाने पर दोषी प्रधानाध्यापक / विद्यालय प्रब्ध समिति के विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।

उक्त के सम्बन्ध में क्रथ की प्रक्रिया में पारदर्शिता, सामग्री की गुणवत्ता तथ्था अभिलेखों का सनुचित रख -सखाव सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला शिक्षा परियोजना समिति स्तार से अनुमोदन प्राप्त कर जिला स्तर के अधिकारी अथवा तहसील ब्लॉक स्तार के अधिकारी की दो सदस्यीय समिति गठित कर ली जाये एवं रेण्डम आधार पर चिन्हित करते हुए प्रति विकास खण्ड 20-20 विद्यालयों की जांच करा ली जाये। सत्यापन टीम द्वारा कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट की धनराशि के
उपभोग, विद्यालयों में कराये गये कार्यों एवं क्रय-प्रक्रिया, सामग्रियों की गुणवत्ता तथा अभिलेखों के रख-रखाव की जांच की जायेगी।

FAQ

प्रश्न .  कॉम्पोजिट ग्रांट  क्या है 

उत्तर – हर वर्ष विद्यालय मे आने वाला वह मद जिससे विद्यालय मे समस्त छोटे छोटे कार्य करवाए जाते है जैसे स्वच्छता का समान , श्यामपट का क्रय ,व्हाइट बोर्ड , ग्रीन बोर्ड क्रय ,चाक इत्यादि

प्रश्न .  कॉम्पोजिट ग्रांट से  स्वच्छता का समान क्या होना चाहिए ?

उत्तर – द्वायलेट क्लीनर, फिनायल, साबुम, चूना, झाडू,  क्लथ, नेलकट, हैण्डवॉश, सैनिटाइजर इत्यादि

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