128 स्कूलों में अचानक पहुंचीं टीमें, मचा हड़कंप… एक शिक्षक निलंबित और कई के वेतन पर रोक

128 स्कूलों में अचानक पहुंचीं टीमें, मचा हड़कंप… एक शिक्षक निलंबित और कई के वेतन पर रोक

संभल। सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और शिक्षण कार्य को लेकर प्रशासन ने अब सख्ती बढ़ा दी है। गुन्नौर ब्लॉक के 128 परिषदीय विद्यालयों में एक साथ surprise inspection किया गया। अलग-अलग प्रशासनिक टीमें अचानक स्कूलों में पहुंचीं तो कई जगहों पर हड़कंप की स्थिति बन गई। निरीक्षण के दौरान स्कूलों में पढ़ाई से लेकर बच्चों की उपस्थिति और Mid-Day Meal तक की व्यवस्थाओं को बारीकी से जांचा गया।

 

अचानक पहुंचे अधिकारियों ने सबसे पहले students attendance और शिक्षकों की उपस्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही स्कूल में पठन-पाठन की स्थिति, बच्चों की शैक्षिक गतिविधियां और विद्यालय की overall व्यवस्था भी देखी गई। प्रशासनिक टीमों ने यह भी जांचा कि स्कूलों में बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं।

 

मिड-डे मील की भी हुई जांच

 

निरीक्षण के दौरान Mid-Day Meal व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। टीमों ने बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की quality, फल और दूध के distribution की स्थिति देखी। इसके अलावा खाद्य सामग्री के रखरखाव, बर्तनों की cleanliness, खाद्यान्न के storage और रसोइयों की व्यवस्था की भी जांच की गई।

 

प्रशासन की टीमों ने स्कूलों में मौके पर मौजूद व्यवस्थाओं को देखा और जहां भी कमियां मिलीं, उन्हें गंभीरता से लिया गया। निरीक्षण का उद्देश्य केवल कागजी रिकॉर्ड देखना नहीं था, बल्कि स्कूलों की ground reality को समझना भी था। इसी वजह से अचानक निरीक्षण के दौरान कई व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आई।

 

एक शिक्षक निलंबित, कई के वेतन पर रोक

 

निरीक्षण के दौरान लापरवाही मिलने पर ग्राम पंचायत मुड़ेना के प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज अध्यापक खजनपाल सिंह को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा कई अन्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों या इंचार्ज शिक्षकों के वेतन आहरण पर भी अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी गई है।

 

जिन विद्यालयों के जिम्मेदार शिक्षकों के वेतन पर रोक लगाई गई है, उनमें मुड़ेना, घुघैया, पाठकपुर, बाजपुर, जड़वार, गंगावास और गुन्नौर अब्दुलहई के स्कूल शामिल हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है।

 

तीन दिन में देना होगा स्पष्टीकरण

 

प्रशासन ने संबंधित शिक्षकों को तीन दिन के भीतर साक्ष्यों के साथ explanation देने के निर्देश दिए हैं। यानी संबंधित शिक्षक अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण प्रस्तुत कर सकेंगे। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों और स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

वहीं Mid-Day Meal व्यवस्था में ग्राम प्रधानों की भूमिका को देखते हुए संबंधित ग्राम प्रधानों को भी 95-G के तहत notice जारी किए गए हैं। इससे साफ है कि प्रशासन स्कूलों में बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और भोजन व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारी तय करने के mood में है।

 

शिकायत के आधार पर नहीं हुआ निरीक्षण

 

प्रशासन के अनुसार यह अभियान किसी एक शिकायत के आधार पर नहीं चलाया गया। अधिकारियों ने स्वप्रेरणा से surprise inspection कर सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति जांची। अचानक निरीक्षण का मकसद यह देखना था कि स्कूलों में रोजमर्रा की व्यवस्थाएं वास्तव में निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित हो रही हैं या नहीं।

 

जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने कहा है कि जिले के अन्य ब्लॉकों में भी इसी तरह के सरप्राइज इंस्पेक्शन आगे जारी रहेंगे। इससे संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में अन्य सरकारी स्कूलों में भी अचानक जांच की जा सकती है।

 

अन्य ब्लॉकों में भी जारी रहेंगे सरप्राइज इंस्पेक्शन

 

प्रशासन का कहना है कि इस तरह के निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में education quality और बच्चों से जुड़ी basic facilities को बेहतर बनाना है। स्कूलों में शिक्षक समय से उपस्थित हों, बच्चों की पढ़ाई नियमित हो और Mid-Day Meal समेत अन्य व्यवस्थाएं ठीक तरीके से संचालित हों, इसी पर विशेष focus किया जा रहा है।

 

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए स्कूल की बेहतर व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में प्रशासन के औचक निरीक्षण से जिम्मेदार अधिकारियों और शिक्षकों की जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में अन्य ब्लॉकों में होने वाले inspections से यह भी स्पष्ट होगा कि स्कूलों की व्यवस्थाओं में कितना सुधार आता है।

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