TET News: 2010 से पहले नियुक्त 3.28 लाख शिक्षकों को TET Exam से छूट,, तमिलनाडु विधानसभा में प्रस्ताव पास
तमिलनाडु में लंबे समय से सेवा दे रहे सरकारी शिक्षकों को लेकर मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को विधानसभा में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को Teacher Eligibility Test यानी TET की अनिवार्यता से पूरी और स्थायी छूट देने की मांग की गई है। प्रस्ताव का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों की नौकरी और भविष्य की service security को सुरक्षित रखना है, जिन्होंने वर्षों तक सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दी हैं।
2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को राहत की मांग
तमिलनाडु सरकार का कहना है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति 23 अगस्त 2010 से पहले उस समय लागू नियमों और निर्धारित qualifications के आधार पर हुई थी, उन्हें बाद में TET पास करने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। इन शिक्षकों ने नियुक्ति के समय सभी जरूरी शैक्षणिक योग्यताएं पूरी की थीं और वर्षों से सरकारी स्कूलों में सेवा दे रहे हैं।
3,28,701 शिक्षकों पर असर
स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन के अनुसार, तमिलनाडु में करीब 3,28,701 सरकारी शिक्षक इस मामले से प्रभावित हो सकते हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे शिक्षकों की है, जो 15 से 20 वर्षों से लगातार पढ़ा रहे हैं। सरकार का तर्क है कि अब उन्हें TET पास करने के लिए मजबूर करने से उनकी नौकरी, promotion और आर्थिक सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित
स्कूल शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में यह प्रस्ताव पेश किया, जिसे सभी दलों की सहमति से पारित किया गया। प्रस्ताव में केंद्र सरकार से RTE Act, 2009 में जरूरी संशोधन करने और 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से स्थायी छूट देने की मांग की गई है। साथ ही NCTE से इस संबंध में स्पष्ट guidelines जारी करने का आग्रह भी किया गया है।
अभी अंतिम छूट नहीं मिली
यह ध्यान रखना जरूरी है कि विधानसभा ने केवल छूट की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया है। इससे TET की केंद्रीय अनिवार्यता अपने आप खत्म नहीं होती। अब केंद्र सरकार को RTE Act में संशोधन या आधिकारिक आदेश के जरिए इस मांग पर फैसला लेना होगा। तब तक शिक्षकों को किसी अंतिम राहत का दावा नहीं करना चाहिए।
तमिलनाडु के इस प्रस्ताव पर दूसरे राज्यों के शिक्षकों की भी नजर है, क्योंकि 2010 से पहले नियुक्त कई शिक्षक समान राहत की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, हर राज्य के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी भी राज्य के शिक्षक इसे अपने लिए लागू मानने से पहले official notification का इंतजार करें।
आगे क्या होगा
अब तमिलनाडु सरकार का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास जाएगा। यदि केंद्र सरकार आवश्यक कानूनी बदलाव करती है, तो 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से स्थायी राहत मिल सकती है। फिलहाल यह 3.28 लाख से अधिक शिक्षकों के लिए उम्मीद की खबर है, लेकिन इसे अंतिम छूट का आदेश समझना सही नहीं होगा तमिलनाडु विधानसभा ने शिक्षकों की नौकरी, promotion और अन्य service benefits सुरक्षित रखने की मांग उठाई है। अब अंतिम फैसला केंद्र सरकार और संबंधित authorities के निर्णय पर निर्भर करेगा.
