टीईटी पास शिक्षामित्रों को शिक्षक पद पर समायोजित करने की मांग, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच शिक्षामित्रों ने अपनी मांगें तेज कर दी हैं। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने टीईटी पास शिक्षामित्रों को शिक्षक पद पर समायोजित करने की मांग उठाई है। संगठन की ओर से शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुपम अवस्थी को उनके कार्यालय में दिया गया।
जिलाध्यक्ष अवधेश यादव के नेतृत्व में शिक्षामित्र संगठन के पदाधिकारी बीएसए कार्यालय पहुंचे। उन्होंने शिक्षामित्रों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर अपनी बात रखी। संगठन का कहना है कि शिक्षामित्र लंबे समय से बेसिक शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। करीब 25 वर्षों से बच्चों को पढ़ाने में योगदान देने वाले इन शिक्षामित्रों के भविष्य को लेकर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
विशेष TET में शिक्षामित्रों को मौका देने की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि बेसिक शिक्षा में शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को देखते हुए प्रदेश सरकार की ओर से नवंबर में विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की जा रही है। ऐसे में शिक्षामित्रों को भी इस Special TET में शामिल होने का अवसर दिया जाना चाहिए। संगठन का मानना है कि लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों के लिए यह परीक्षा महत्वपूर्ण अवसर हो सकती है।
शिक्षामित्रों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक स्कूलों में बच्चों की शिक्षा व्यवस्था संभालने में अपनी भूमिका निभाई है। ऐसे में उन्हें परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलने से आगे की प्रक्रिया में रास्ता साफ हो सकता है। संगठन ने सरकार से शिक्षामित्रों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
टीईटी पास शिक्षामित्रों के समायोजन की मांग
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग टीईटी पास शिक्षामित्रों को शिक्षक पद पर समायोजित करने की है। संगठन ने कहा कि जिन शिक्षामित्रों ने TET जैसी पात्रता परीक्षा पास कर ली है, उनके अनुभव और योग्यता को देखते हुए उन्हें शिक्षक पद पर समायोजन का अवसर मिलना चाहिए।
इसके साथ ही शिक्षामित्रों की सेवा को स्थायी करने के लिए नियमावली बनाए जाने की मांग भी उठाई गई है। संगठन ने सेवाकाल 62 वर्ष किए जाने की मांग रखी है। शिक्षामित्रों के लिए लंबित transfer प्रक्रिया को भी जल्द पूरा करने की अपील की गई है। इन मांगों को लेकर संगठन ने सरकार से स्पष्ट और सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई है।
रुके मानदेय का एरियर देने की भी मांग
शिक्षामित्रों ने रुके हुए मानदेय का भुगतान एरियर के रूप में कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की है। संगठन का कहना है कि मानदेय से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाना चाहिए, ताकि लंबे समय से काम कर रहे शिक्षामित्रों को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
शिक्षामित्रों का मामला केवल नौकरी और मानदेय तक सीमित नहीं है। इससे हजारों परिवारों की आर्थिक stability भी जुड़ी हुई है। यही वजह है कि संगठन लगातार अपनी मांगों को सरकार और विभाग के सामने रख रहा है। शिक्षामित्रों को उम्मीद है कि सरकार उनके लंबे सेवा अनुभव और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कोई राहत भरा फैसला लेगी।
सरकार से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद
शिक्षामित्र संगठन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कई मांगों को एक साथ उठाया गया है। इनमें Special TET में शामिल होने का अवसर, सेवा स्थायीकरण के लिए नियमावली, 62 वर्ष की सेवा अवधि, लंबित स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करना, टीईटी पास शिक्षामित्रों का शिक्षक पद पर समायोजन और रुके मानदेय का एरियर शामिल है।
शिक्षामित्र लंबे समय से बेसिक शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में उनकी मांगों को लेकर अब सरकार के अगले कदम पर नजर रहेगी। खासकर टीईटी पास शिक्षामित्रों को शिक्षक पद पर समायोजित करने की मांग आने वाले समय में इस मुद्दे को और महत्वपूर्ण बना सकती है। शिक्षामित्रों को उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्याओं पर विचार करके ऐसा निर्णय लेगी, जिससे वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षामित्रों को अपने भविष्य को लेकर कुछ राहत और भरोसा मिल सके।
