इंचार्ज प्रधानाध्यापिका की हालत गंभीर, BEO पर मानसिक दबाव बनाने का परिवार ने लगाया आरोप
हरदोई। विकास खंड संडीला के प्राथमिक विद्यालय टिमरुख में कार्यरत इंचार्ज सहायक अध्यापिका शाहीन बानो की तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ने का मामला सामने आया है। परिजनों और संबंधित पक्ष की ओर से खंड शिक्षा अधिकारी संडीला पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिवार का कहना है कि घटना के समय शाहीन बानो CCL अवकाश पर थीं और विद्यालय का प्रभार दूसरी सहायक अध्यापिका प्रतिमा के पास था।
परिजनों के अनुसार, विद्यालय में गैस लीक से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी संडीला बृजेश कुमार त्रिपाठी ने कथित तौर पर दोपहर करीब 1:30 बजे शाहीन बानो को फोन किया। आरोप है कि फोन पर उन्हें कड़ी फटकार लगाई गई और छुट्टी पर होने के बावजूद तत्काल बीआरसी कार्यालय संडीला पहुंचने के लिए कहा गया।
परिवार का दावा है कि फोन आने के बाद शाहीन बानो बेहद घबरा गईं और अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं। इसके बाद उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। परिजनों के मुताबिक, चिकित्सकों ने ब्रेन हैमरेज की बात बताई है। उनकी स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है।
पांच वर्षों से चल रही थी डायलिसिस
परिवार के अनुसार शाहीन बानो पिछले करीब पांच वर्षों से डायलिसिस करा रही थीं। उनका कहना है कि गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद उन पर विद्यालय का प्रभार लेने का दबाव बनाया गया था। परिवार ने इस पूरे मामले में विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि शाहीन बानो को फोन पर वास्तव में क्या निर्देश दिए गए थे और उस समय उनके अवकाश की स्थिति क्या थी। इस संबंध में विभागीय स्तर से आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
पैसे लेकर CCL स्वीकृत कराने का भी आरोप
परिवार की ओर से खंड शिक्षा अधिकारी बृजेश कुमार त्रिपाठी और उनके ड्राइवर वीरेंद्र को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिजनों का आरोप है कि ड्राइवर के माध्यम से शाहीन बानो से कथित रूप से पैसे लिए गए और इसके बाद उनका CCL स्वीकृत किया गया।
परिवार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही आरोपों की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की गई है कि अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया क्या थी और इसमें किसी प्रकार का अनधिकृत लेन-देन हुआ था या नहीं।
गैस लीक वीडियो के बाद शुरू हुआ मामला
बताया जा रहा है कि प्राथमिक विद्यालय टिमरुख में गैस लीक से संबंधित एक वीडियो वायरल होने के बाद विभागीय स्तर पर मामला सामने आया। घटना के समय विद्यालय का प्रभार शाहीन बानो के पास नहीं बल्कि विद्यालय में तैनात दूसरी सहायक अध्यापिका प्रतिमा के पास होने की बात कही जा रही है।
ऐसे में मुख्य सवाल यह है कि घटना के समय विद्यालय का प्रभार किसके पास था, वायरल वीडियो के संबंध में किस अधिकारी ने किस कर्मचारी से जवाब मांगा और CCL अवकाश पर चल रही शिक्षिका को तत्काल कार्यालय बुलाने के निर्देश किस आधार पर दिए गए।
निष्पक्ष जांच की मांग
शाहीन बानो की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि जांच में फोन कॉल, अवकाश स्वीकृति से जुड़े रिकॉर्ड, विद्यालय का चार्ज हस्तांतरण, वायरल वीडियो तथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को शामिल किया जाना चाहिए।
मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। खंड शिक्षा अधिकारी बृजेश कुमार त्रिपाठी, ड्राइवर वीरेंद्र अथवा बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से यदि इस प्रकरण पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाता है तो उससे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने में मदद मिलेगी।
